- कांग्रेस ने ईरान पर हुए हमले के बाद भारत सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं.
- जयराम रमेश ने कहा कि PM मोदी की विदेश नीति को विश्वगुरु के नेतृत्व में पूरी तरह बेनकाब करार दिया.
- ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की हवाई हमले में मौत के बाद भारत के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुए.
ईरान पर हमले के मामले में भारत सरकार की विदेश नीति पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं. कांग्रेस ने रविवार को कहा कि ‘‘ईरान पर थोपे गए'' इस युद्ध पर सरकार की प्रतिक्रिया भारत के मूल्यों, सिद्धांतों और हितों के साथ विश्वासघात है और उसने दावा किया कि देश को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विदेश नीति की विषयवस्तु और उसके तौर-तरीकों की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है. कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘चाहे प्रधानमंत्री और उनकी मंडली कितना भी दिखावा कर लें, हकीकत यह है कि स्वयंभू विश्वगुरु के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है.''
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने उठाए सवाल
रमेश ने ‘एक्स' पर कहा, “मोदी ने 25-26 फरवरी 2026 को इजराइल की यात्रा ऐसे समय में की, जब पूरी दुनिया को यह जानकारी थी कि शासन परिवर्तन के उद्देश्य से ईरान पर अमेरिका-इजराइल का सैन्य हमला आसन्न है. मोदी के इजराइल से रवाना होने के केवल दो दिन बाद ही यह हमला शुरू हो गया. वहां नेसेट में दिया गया उनका भाषण नैतिक कायरता का शर्मनाक प्रदर्शन था.''
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ईरान पर थोपे गए इस युद्ध पर मोदी सरकार की प्रतिक्रिया भारत के मूल्यों, सिद्धांतों, चिंताओं और हितों के साथ विश्वासघात है.''
खामेनेई की मौत के बाद भड़का माहौल
रमेश की यह टिप्पणी इजराइल और अमेरिका के एक बड़े हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद आई है. ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि 86 वर्षीय खामेनेई की तेहरान के मध्य क्षेत्र स्थित परिसर को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले में मौत हो गई.
खामेनेई की मौत के बाद भारत में कई जगह प्रदर्शन
ईरान पर हुए हमले और खामेनेई की मौत के बाद भारत के कई शहरों में विरोध-प्रदर्शन भी हुए. जम्मू-कश्मीर, यूपी, बिहार, तेलंगाना, दिल्ली सहित कई राज्यों में विरोध-प्रदर्शन हुए. दूसरी ओर भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, "ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हाल की घटनाओं से भारत बहुत चिंतित है. हम सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव ना बढ़ाने और आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील करते हैं.
भारत ने कहा- बातचीत से मुद्दे सुलझाने चाहिए, दूतावास नागरिकों के संपर्क में
ईरान पर हुए हमले के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "तनाव कम करने और संबंधित मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत और कूटनीति को आगे बढ़ाया जाना चाहिए. सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए." भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस क्षेत्र में भारत के दूतावास भारतीय नागरिकों के संपर्क में हैं.
पीएम मोदी ने CCA की बैठक में की चर्चा
मंत्रालय के मुताबिक़ भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और स्थानीय सुरक्षा गाइडलाइंस का पालन करने की सलाह जारी की गई है. आज ईरान पर हुए हमले और इसके जवाब में ईरान द्वारा गल्फ के देशों पर किए गए हमलों को लेकर भारत में पीएम मोदी ने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCA) की बैठक भी की है. इस बैठक में मोदी कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्रियों के साथ-साथ सरकार के आला अधिकारी भी मौजूद रहे.
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