चुनावी साल में तीसरी बार बिहार के दौरे पर राहुल गांधी, कांग्रेस करेगी इस बड़े अभियान की शुरुआत

कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी एक ऐसी पार्टी है, जो धर्मनिरपेक्षता में विश्वास नहीं करती, जो हमारे संविधान के आदर्शों में से एक है. पार्टी का न सिर्फ मुसलमानों, बल्कि सभी अल्पसंख्यकों के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
पटना:

चुनावी साल में देश के बड़े नेताओं का बिहार आने का सिलसिला जारी है. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी अगले महीने सात अप्रैल को संविधान की सुरक्षा विषय पर आयोजित होने वाले एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए बिहार जा रहे हैं. वो पटना के एसकेएम हॉल में पार्टी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे. राहुल गांधी का इस साल यह तीसरा बिहार दौर होगा. इसके पहले वो 18 जनवरी और 5 फरवरी को पटना आए थे.

कांग्रेस सचिव सुशील कुमार पासी ने कहा, "राहुल गांधी सात अप्रैल को पटना आएंगे. वह महात्मा गांधी के नमक सत्याग्रह की याद में शहर के श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित होने वाले संविधान सुरक्षा सम्मेलन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ताओं से बातचीत करेंगे."

हालांकि, उन्होंने इस सवाल को टाल दिया कि क्या यह तिथि इसलिए चुनी गई है, क्योंकि यह रामनवमी (एक ऐसा त्योहार जिसे केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा धूमधाम से मनाती है) के साथ मेल खाती है.

पासी ने कहा, "राहुल गांधी को जब भी आमंत्रित किया जाता है, वह उन जगहों पर जाने के लिए तैयार हो जाते हैं. जहां तक ​​भाजपा का सवाल है, यह एक ऐसी पार्टी है, जो धर्मनिरपेक्षता में विश्वास नहीं करती, जो हमारे संविधान के आदर्शों में से एक है. पार्टी का न सिर्फ मुसलमानों, बल्कि सभी अल्पसंख्यकों के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया है."

इस मौके पर मौजूद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि पार्टी ने कार्यकर्ताओं से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि उनके वाहनों पर कांग्रेस का झंडा लगा हो. कुमार ने पिछले हफ्ते ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर कार्यभार संभाला था.

Advertisement

उन्होंने कहा, "हम हर घर कांग्रेस का झंडा अभियान चलाने पर भी विचार कर रहे हैं. हमारे कार्यकर्ता परिवारों को अपने घरों पर पार्टी का झंडा लगाने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास करेंगे."

बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में राजद नेता तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में स्वीकार करने को लेकर उनकी पार्टी के भीतर 'भ्रम' के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने इस सवाल को टाल दिया. कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने कहा है कि इस बारे में निर्णय उचित समय पर लिया जाएगा.

राज्यसभा सदस्य और पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने यह दावा किया है कि इसमें कोई भ्रम नहीं है कि तेजस्वी ही इंडिया गठबंधन का चेहरा होंगे. इस संबंध में कुमार ने कहा, "इंडिया गठबंधन एकजुट होकर विधानसभा चुनाव लड़ेगा. समय आने पर आगे की जानकारी साझा की जाएगी."

Advertisement

दलित नेता ने भाजपा पर छुआछूत का आरोप लगाया और सहरसा जिले की एक घटना के लिये भाजपा को जिम्मेदार ठहराया, जहां कांग्रेस के युवा नेता कन्हैया कुमार द्वारा पूजा करने के तुरंत बाद एक मंदिर को ‘गंगा जल' से धोया गया था.

कुमार ने आरोप लगाया, "भाजपा देश को 1947 में मिली आजादी से पहले के युग में वापस ले जाना चाहती है. पहले, केवल दलितों के साथ भेदभाव किया जाता था. अब, भगवान परशुराम के वंशजों को भी नहीं बख्शा जा रहा है."

उल्लेखनीय है कि कन्हैया कुमार प्रदेश में प्रभावशाली समझे जाने वाले भूमिहार समुदाय से आते हैं. यह समुदाय ऋषि परशुराम का वंशज होने का दावा करता है.

Featured Video Of The Day
Netanyahu ने Death Rumours पर कहा मैं मर चुका हूँ! AI Video का सच और Iran की टेंशन | Middle East War