तेलंगाना चुनाव को लेकर कांग्रेस के घोषणापत्र में कृषि मुद्दों पर रहेगा जोर: राहुल गांधी

दिवाली पर चार दिन के अवकाश के बाद राहुल ने तेलंगाना में फिर से ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शुरू की. उन्होंने राज्य के विभिन्न हिस्सों के किसानों और किसान प्रतिनिधियों से बातचीत की.

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राहुल की यात्रा तेलंगाना के नारायणपेट जिले के मकथल से फिर शुरू हुई.

हैदराबाद. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा कि वर्ष 2023 के तेलंगाना विधानसभा चुनावा को लेकर कांग्रेस के घोषणापत्र में कृषि संबंधित मुद्दों पर विशेष जोर रहेगा. इसे सभी पक्षकारों से गहन बातचीत के बाद तैयार किया जाएगा.
दिवाली पर चार दिन के अवकाश के बाद राहुल ने तेलंगाना में फिर से ‘भारत जोड़ो यात्रा' शुरू की. उन्होंने राज्य के विभिन्न हिस्सों के किसानों और किसान प्रतिनिधियों से बातचीत की.

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि बटाई पर खेती करने वाले किसानों की आत्महत्या, फसल बीमा का अभाव और आपदा राहत और ‘धरणी' भूमि रिकॉर्ड पोर्टल से संबंधित समस्याओं पर विचार किया गया.

रमेश ने ट्वीट किया, ‘‘राहुल गांधी ने वादा किया कि आगामी तेलंगाना विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के घोषणापत्र में कृषि संबंधित मुद्दों पर बहुत स्पष्ट रूप से जोर रहेगा. इसे सभी पक्षकारों के साथ यथासंभव व्यापक चर्चा के बाद तैयार किया जाएगा.''

तेलंगाना में 30 फीसदी किसानों के बटाईदार कृषक होने और वर्ष 2014 के बाद से राज्य में खुदकुशी करने वाले किसानों में इनकी संख्या 80 फीसदी होने का संज्ञान लेते हुए रमेश ने आरोप लगाया कि तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) सरकार शोक संतप्त परिवारों को राहत देने में बुरी तरह असफल रही है.

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उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने उन विधवाओं से मुलाकात की जो एक महिला किसान के रूप में जीवन यापन करने के लिए संघर्ष कर रही हैं. जयराम ने कहा कि वर्ष 2020 की खरीफ की फसल से तेलंगाना में कोई फसल बीमा योजना नहीं है और ना ही इसने आपदा पर वर्ष 2005 के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन (एनडीएमए)कानून के तहत कोई मुआवजा दिया.

उन्होंने कहा कि इससे लाखों किसान फसल बर्बाद होने के बावजूद मुआवजे से वंचित हो गये. जयराम ने आरोप लगाया कि तेलंगाना सरकार की बहु प्रचारित ‘रायथु बंधु' निवेश समर्थन योजना किसानों के लिए है, लेकिन इससे जोतदारों और बटाईदार किसानों को कोई फायदा नहीं हुआ.

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राहुल गांधी ने भरोसा दिलाया कि बटाईदार किसान और भूमि जोतने वालों को निश्चित रूप से पंजीकृत करके सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ दिया जाएगा जिसमें बैंक से कर्ज, प्रत्यक्ष आय हस्तांतरण और फसल बीमा शामिल है. तेलंगाना में ‘धरणी' योजना को लेकर किसानों के विरोध का संज्ञान लेते हुए रमेश ने कहा कि यह एक अपराध है कि भूमि रिकॉर्ड के आधुनिकीकरण के लिए लाई गई योजना हजारों दलितों, जनजातियों और अन्य पिछड़ी जाति के लोगों को उनकी खुद की भूमि से वंचित कर रही है.

राहुल की यात्रा तेलंगाना के नारायणपेट जिले के मकथल से फिर शुरू हुई. यात्रा सुबह साढ़े छह बजे मकथल से शुरू हुई, जिसमें राहुल के साथ कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष ए रेवंत रेड्डी, सांसद उत्तम कुमार रेड्डी, कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता भट्टी विक्रमार्क और कई अन्य पार्टी नेता शामिल हुए.

राज्य में यात्रा का यह दूसरा दिन है. ‘भारत जोड़ो यात्रा' ने कर्नाटक के रायचूर से निकलने के बाद 23 अक्टूबर की सुबह गुडेबेलूर के रास्ते तेलंगाना में प्रवेश किया था. कुछ देर पदयात्रा के बाद रविवार दोपहर से 26 अक्टूबर तक इस यात्रा को विराम दिया गया था.

राहुल 23 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी चले गए थे. वह बुधवार रात विमान से हैदराबाद पहुंचे और सड़क मार्ग से गुडेबेलूर गए. पार्टी सूत्रों ने बताया कि राहुल के नेतृत्व वाली इस यात्रा के तहत बृहस्पतिवार को 26.7 किलोमीटर की दूरी तय किए जाने का कार्यक्रम है. इसके बाद मकथल स्थित श्री बालाजी फैक्टरी में रात्रि विश्राम किया जाएगा.

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मकथल से तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में 16 दिनों तक यात्रा जारी रहेगी. इस दौरान 19 विधानसभा सीटों और सात संसदीय क्षेत्रों से गुजरते हुए 375 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी. ‘भारत जोड़ो यात्रा' सात नवंबर को महाराष्ट्र में प्रवेश करेगी.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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