- कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने आज नई दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है.
- जिससे पंजाब में सियासी अटकलबाजी का दौर शुरू हो गया है. राज्य में कुछ महीनों बाद चुनाव होना है.
- हाल ही में पंजाब कांग्रेस की नई टीम में मिली जिम्मेदारी से रंधावा नाराज बताए जा रहे हैं.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने शुक्रवार को नई दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की. रंधावा नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन पहुंचे, जहां उनकी अमित शाह से मुलाकात हुई. रंधावा की अमित शाह से मुलाकात के बाद पंजाब में सियासी अटकलबाजी का दौर शुरू हो गया है. चर्चा यह होने लगी है कि पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले क्या रंधावा बीजेपी में शामिल होंगे? यदि ऐसा हुआ तो पंजाब में बीजेपी कांग्रेस को एक बड़ा झटका देगी. हालांकि अभी इस बारे में कुछ भी पक्के तौर पर कहना जल्दबाजी होगी. लेकिन हाल के दिनों में पंजाब कांग्रेस में जो कुछ चल रहा है, उससे रंधावा नाराज बताए जा रहे हैं.
पंजाब कांग्रेस की नई टीम में मिली जिम्मेदारी से रंधावा नाराज
दरअसल पंजाब कांग्रेस की नई टीम में सुखजिंदर सिंह रंधावा को बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी गई है. इससे वो नाखुश बताए जा रहे हैं. दो दिन पहले कांग्रेस द्वारा गठित पंजाब कांग्रेस की नई टीम में रंधावा कोर कमेटी का प्रमुख बनाया गया है. उनके करीबी सूत्रों के मुताबिक इस भूमिका से रंधावा खुश नहीं हैं. रंधावा का कहा है कि पंजाब में इतनी बैठक होने के बाद भी ऐसा फैसला आया.
बीजेपी में जाने के अटकलों पर क्या बोले रंधावा?
बीजेपी में जाने के कयासों का खंडन करते हुए पंजाब के कांग्रेस रंधावा में कहा कि उन्होंने अमित शाह से पंजाब में सीमापार से चलाई जा रही गतिविधियों को लेकर मुलाकात की है. हालांकि इस मुलाकात की टाइमिंग दिलचस्प है और कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या रंधावा बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. मालूम हो कि रंधावा कांग्रेस के कद्दावर नेता है. राजस्थान विधानसभा चुनाव में वो पार्टी के प्रभारी थे.
अमित शाह से मुलाकात पर क्या बोले रंधावा?
अमित शाह से मुलाकात पर कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा, 'मैंने लगभग दो महीने पहले, 4 जून 2026 को प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा था और उसकी एक कॉपी गृह मंत्री को भेजी थी. इसमें पंजाब, खासकर गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन और पठानकोट जैसे सीमावर्ती जिलों के हालात का ज़िक्र था. मैंने बिगड़ती कानून-व्यवस्था, पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद, नार्को-टेररिज्म, गैंगस्टरों और राजनेताओं के बीच सांठ-गांठ और पंजाब पुलिस के राजनीतिक इस्तेमाल जैसे गंभीर मुद्दों को उठाया था.'
पंजाब में गैंगस्टर कैसे कर रहे काम, दी जानकारी
रंधावा ने आगे बताया कि उस पत्र के साथ मैंने अपने इलाके में सक्रिय एक कुख्यात गैंगस्टर के बारे में भी जानकारी दी थी. मैंने 23 जून को एक और पत्र भी भेजा, जिसमें बताया गया था कि गुरदासपुर और दूसरे इलाकों में गैंगस्टर कैसे काम कर रहे हैं. इन पत्रों के आधार पर मुझे एक मीटिंग के लिए बुलाया गया, जिसमें हमने मेरे पिछले पत्र के आखिरी पैराग्राफ में बताई गई बातों पर चर्चा की...
रंधावा बोले- अमित शाह ने मेरी बातें मानी, यह भारत की सुरक्षा का मामला
रंधावा ने यह भी कहा कि मैंने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI), रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) और सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) जैसी केंद्रीय एजेंसियों की मौजूदगी का ज़िक्र किया. मैंने इस बात पर भी जोर दिया कि आज पूरे पंजाब में जबरन वसूली और धमकियां आम हो गई हैं. मीटिंग के दौरान, उन्होंने माना कि बड़े पैमाने पर जबरन वसूली और धमकियां हो रही हैं, और जेलों के अंदर से लगभग लगातार मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया जा रहा है... मेरा मानना है कि अगर भारत सरकार यह मानती है कि मौजूदा हालात राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं और पाकिस्तान इसमें सीधे तौर पर दखल दे रहा है, तो वह अपनी ज़िम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती."
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