संसद सत्र के दौरान थरूर से मिलेगा कांग्रेस आलाकमान, केरल की बैठक में राहुल बोले- आपस में मत लड़ो, सरकार बन रही है

केरल में लंबे समय से हर पांच सालों के बाद सरकार बदलने की परंपरा 2021 में टूट गई, जब सीपीएम ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाई. ऐसे में इस बार का केरल विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए काफ़ी अहम है.

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कांग्रेस ने राज्य की 140 सीटों वाली विधानसभा में 100 से जायदा सीटें जीतने का लक्ष्य बनाया है.

केरल विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ दो घंटे तक मंथन किया. हालांकि इस बैठक में शशि थरूर की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही. बैठक की बजाय थरूर कोझिकोड में केरल लिटरेचर फेस्टिवल में हिस्सा ले रहे थे. थरूर की नाराजगी को लेकर कयास लगाए जा रहें हैं. हालांकि पार्टी नेताओं ने साफ किया कि थरूर ने अपनी व्यस्तता को लेकर पार्टी को पहले ही सूचित कर दिया था. 

क्या है पूरा मामला

कांग्रेस के उच्च सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया है कि थरूर की शिकायतों को सुनने और उसके समाधान को लेकर कांग्रेस आलाकमान यानी राहुल गांधी और खरगे बजट सत्र के दौरान उनसे मुलाकात करेंगे. थरूर काफी समय से दोनों नेताओं से मिलने का समय मांग रहे हैं. वो केरल प्रदेश कांग्रेस में अपनी उपेक्षा और पार्टी नेतृत्व के रवैये से नाराज बताए जा रहे हैं. इसी वजह से थरूर पार्टी की बैरकों को लेकर भी उदासीन रहते हैं और कभी पीएम मोदी तो कभी सीएम विजयन को लेकर पार्टी से अलग लाइन लेते नजर आते हैं. 

हालांकि कांग्रेस थरूर को लेकर बहुत चिंतित नहीं है. हाल में संपन्न हुए स्थानीय निकाय चुनावों में शानदार प्रदर्शन से उत्साहित कांग्रेस आलाकमान विधानसभा चुनाव में जीत को लेकर आश्वस्त है. कांग्रेस ने राज्य की 140 सीटों वाली विधानसभा में 100 से जायदा सीटें जीतने का लक्ष्य बनाया है. 

"हम केरल में सरकार बनाने जा रहे हैं"

इस आत्मविश्वास की झलक बैठक में देखने को मिली. सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने केरल के नेताओं से एकजुट होकर मैदान में उतरने की नसीहत देते हुए कहा कि आपस में मत लड़िए, हम केरल में सरकार बनाने जा रहे हैं. चुनाव के बाद पार्टी मुख्यमंत्री तय करेगी.  बैठक में तय हुआ कि केरल में नेता विपक्ष वीडी सतीशन राज्यस्तरीय यात्रा निकालेंगे. इस यात्रा के पार्टी के बड़े चेहरे शामिल होंगे. 

केरल में लंबे समय से हर पांच सालों के बाद सरकार बदलने की परंपरा 2021 में टूट गई जब सीपीएम ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाई. ऐसे में इस बार का केरल विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए काफ़ी अहम है. वाम मोर्चा के टक्कर में कांग्रेस , मुस्लिम लीग और कुछ अन्य छोटे दलों के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ती है. इस बार बीजेपी के प्रदर्शन पर भी सबकी नजर है. 

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