कांग्रेस ने पार्टी प्रवक्ताओं की दी हिदायत, कहा - अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों पर टिप्पणी करने से बचें

जयराम रमेश ने कांग्रेस के प्रवक्ताओं और संचार विभाग के पदाधिकारियों से कहा कि वे अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे किसी भी नेता के बारे में कोई भी टिप्पणी करने से परहेज करें.

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नई दिल्ली:

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले बदलते घटनाक्रम के बीच पार्टी ने अपने प्रवक्ताओं को एक खास हिदायत दी है. पार्टी ने प्रवक्ताओं से चुनाव को लेकर किसी तरह की टिप्पणी से बचने को कहा है. पार्टी यह कदम अपने एक प्रवक्ता द्वारा बीते दिनों राजस्थान सीएम अशोक गहलोत का खुलकर समर्थन और शशि थरूर की आलोचना किए जाने के बाद उठाया है. 
पार्टी के प्रवक्ताओं एवं संचार विभाग के अन्य पदाधिकारियों से कहा कि वे अध्यक्ष पद के लिए चुनाव में उम्मीदवारों के बारे में किसी भी तरह की टिप्पणी से परहेज करें. सूत्रों के अनुसार, पार्टी महासचिव और संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने अपने विभाग के पदाधिकारियों को भेजे संदेश में यह नसीहत दी है. एक दिन पहले, पार्टी प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने अध्यक्ष पद के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत का खुलकर समर्थन किया था और शशि थरूर पर निशाना साधा था.

जयराम रमेश ने कांग्रेस के प्रवक्ताओं और संचार विभाग के पदाधिकारियों से कहा कि वे अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे किसी भी नेता के बारे में कोई भी टिप्पणी करने से परहेज करें. उन्होंने यह भी कहा कि प्रवक्ता इस चुनाव की लोकतांत्रिक और पारदर्शी प्रक्रिया का उल्लेख करें.

सूत्रों के अनुसार, रमेश ने अपने संदेश में कहा, ‘‘मैं सभी प्रवक्ताओं और संचार विभाग के पदाधिकारियों से कहना चाहता हूं कि अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे हमारे किसी साथी के बारे में टिप्पणी करने से परहेज करें. हम सबकी व्यक्तिगत पसंद हो सकती है, लेकिन हमारा काम यह उल्लेख करना है कि कांग्रेस ही एकमात्र राजनीति दल है, जिसमें अध्यक्ष पद के लिए लोकतांत्रिक और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाती है।''संदेश में रमेश ने प्रवक्ताओं से यह भी कहा, ‘‘कांग्रेस ही एकमात्र राजनीतिक दल है कि जिसमें संगठन के चुनाव कराने के लिए स्वतंत्र चुनाव प्राधिकरण है। चुनाव लड़ने वाले किसी व्यक्ति को किसी से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। उन्हें नामांकन दाखिल करने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के सिर्फ 10 डेलीगेट (निर्वाचक मंडल के सदस्यों) की जरूरत होगी.''

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रमेश ने कहा कि चुनाव प्राधिकरण निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से चुनाव सुनिश्चित कर रहा है और ऐसे में प्रवक्ता को यह सुनिश्चित करना होगा कि चुनाव को निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप में देखा जाए. उन्होंने प्रवक्ताओं से इस बात का भी उल्लेख करने के लिए कहा कि यदि 17 अक्टूबर को चुनाव कराने की जरूरत पड़ी, तो हम इसका स्वागत करेंगे. पार्टी के संगठन का ध्यान ‘भारत जोड़ो यात्रा' को मजबूत बनाने पर होना चाहिए.

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