CISF ने पहली बार एक साथ 332 एथलीटों को किया भर्ती, 23 राज्यों और 6 केंद्रशासित प्रदेशों हुई प्रक्रिया

CISF ने 2030 में होने जा रही राष्ट्रमंडल खेलों को ध्यान में रखकर ये भर्तियां की हैं. CISF को उम्मीद है कि नई प्रतिभाओं के साथ वह अखिल भारतीय पुलिस खेलों के आगामी संस्करणों में शीर्ष पर रहेगा. 

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
नई दिल्ली:

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने अपनी अब तक की सबसे बड़ी खेल भर्ती सफलतापूर्वक पूरी कर ली है. इस भर्ती प्रक्रिया ने सीआईएसएफ के लॉन्ग टर्म विजन को नई खेल प्रतिभाओं और देश के विजन के साथ जोड़ दिया है. CISF ने 2030 में होने जा रही राष्ट्रमंडल खेलों को ध्यान में रखकर ये भर्तियां की हैं. CISF को उम्मीद है कि नई प्रतिभाओं के साथ वह अखिल भारतीय पुलिस खेलों के आगामी संस्करणों में शीर्ष पर रहेगा. 

आपको बता दें कि हाल ही में संपन्न हुई भर्ती एक व्यापक प्रयास का हिस्सा है जो प्रतिभाओं की शीघ्र पहचान, पेशेवर प्रशिक्षण, लैंगिक समावेशिता, बुनियादी ढांचे के विकास और समग्र एथलीट समर्थन को प्राथमिकता देता है. इन सुधारों का उद्देश्य CISF की खेल पाइपलाइन को पोषित करना और वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों, वर्ष 2036 के ओलंपिक और उसके बाद के राष्ट्रमंडल खेलों सहित वैश्विक पोडियम पर भारत की उपस्थिति को बढ़ाना है. इसके अनुरूप, चयनित एथलीटों में से 75% से अधिक 18-22 वर्ष की आयु वर्ग के हैं। इस प्रकार, वर्ष 2030 के आसपास इनकी संख्या चरम पर पहुंचने की उम्मीद है.

विस्तारित टीमें और बेजोड़ विविधता

इस भर्ती अभियान के तहत CISF पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए 34 नई टीमें बनाएगा, जिनमें तीरंदाजी, लॉन टेनिस, बैडमिंटन, साइकिलिंग आदि जैसे खेल शामिल हैं. चयनित एथलीट 23 राज्यों और 6 केंद्र शासित प्रदेशों से आते हैं, जिनमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह भी शामिल हैं. राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करते हैं और खेलों के माध्यम से एकता को बढ़ावा देते हैं.

एक नए युक की शुरुआत

इन एथलीटों को नियुक्ति पत्र जारी किए जा रहे हैं, यह भर्ती अभियान भारत में खेलों के लिए अवसरों के एक नए युग का प्रतीक है.प्रतिभा और समावेशिता में निवेश करके, CISF राष्ट्रीय गौरव, एथलेटिक उपलब्धि और लैंगिक समानता के नए मानक स्थापित करता है.
 

Advertisement
Featured Video Of The Day
जहां बंधती थी भैंस, वहां खड़ी है SUV, जेवर में एयरपोर्ट बनने से कैसे बदली गांवों की जिंदगी
Topics mentioned in this article