- वेबसीरीज चिरैया मैरिटल रेप के मुद्दे को उजागर करती है, जिसमें पति बिना पत्नी की सहमति के यौन संबंध बनाता है
- NFHS के अनुसार, 32 प्रतिशत शादीशुदा महिलाओं ने पति की हिंसा का सामना किया है, जिसमें यौन हिंसा भी शामिल है
- सर्वे में 6.3% महिलाओं ने पति द्वारा यौन हिंसा झेलने की बात कही, जिनमें से कुछ को बार-बार यह अनुभव होता है
अगर किसी लड़की की शादी हो गई है तो क्या उसकी 'न' की कोई कीमत नहीं रह जाती? इसी सवाल को उठाते हुए एक नई वेबसीरीज आई है. नाम है- 'चिरैया'. सीरीज समाज के उस घिनौने सच 'मैरिटल रेप' के बारे में बात करती है, जिसके बारे में लोग बात भी नहीं करना चाहते. क्योंकि बहुतों को लगता है कि 'मैरिटल रेप' नाम की कोई चीज होती ही नहीं है. इस सीरीज में यही दिखाया गया है कि एक लड़की है, जिसकी अरेंज मैरिज होती है. शादी के बाद उसका पति उसकी मर्जी या फिर सहमति के बगैर बार-बार उससे शारीरिक संबंध बनाता है. वह उसे छोड़कर जाना तो चाहती है लेकिन घर-परिवार उसे ऐसा करने नहीं देता. वह उसे जेल भी भेजना चाहती है लेकिन कानून इसकी इजाजत नहीं देता.
6 एपिसोड वाली 'चिरैया' वेबसीरीज में जो कुछ दिखाया गया है, उसे आज भी समाज का एक बहुत बड़ा तबका भले ही न माने लेकिन आंकड़े हैं जो बताते हैं कि ये न मानी जाने वाली 'चीज' समाज में मौजूद है. ये आंकड़े और किसी के नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 (NFHS-5) के हैं.
यह सर्वे 2019-21 में हुआ था. सर्वे बताता है कि 18 से 49 साल की उम्र की 32 फीसदी शादीशुदा महिलाओं ने कभी न कभी अपने पति की शारीरिक हिंसा, यौन हिंसा या फिर भावनात्मक हिंसा को झेला है. सर्वे के मुताबिक, इस उम्र की 28% महिलाओं ने शारीरिक हिंसा तो 14% ने भावनात्मक हिंसा का सामना किया है, जबकि 6% महिलाएं ऐसी हैं, जिन्होंने यौन हिंसा को झेला है.
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पति की यौन हिंसा पर क्या कहते हैं आंकड़े?
NFHS-5 का सर्वे पति की हिंसा को लेकर कई सारे आंकड़े बताता है. सर्वे में शामिल 18 से 49 साल की उम्र की 6.3% शादीशुदा महिलाओं ने कभी न कभी अपने पति की यौन हिंसा का सामना किया है. इन्हीं में से 5.2% महिलाएं तो ऐसी हैं जो अक्सर या कभी-कभी यौन हिंसा से गुजरती हैं.
सर्वे में शामिल 5% महिलाओं ने बताया कि उनके पति ने उनके साथ मारपीट करके जबरदस्ती यौन संबंध बनाए, जबकि 4% महिलाओं ने बताया कि उन्हें डरा-धमकाकर ऐसे यौन कृत्य करने को मजबूर किया, जिसे वे नहीं करना चाहती थीं. वहीं, 2% से ज्यादा महिलाओं ने बताया कि उनके पति ने उनकी मर्जी के बगैर यौन कृत्य करने को मजबूर किया.
सर्वे बताता है कि पत्नी की उम्र कम है तो यौन हिंसा ज्यादा होती है. 18 से 19 साल की उम्र की 7.1% शादीशुदा महिलाओं ने अपने साथ यौन हिंसा होने की बात बताई थी.
वहीं, शहरों की तुलना में गांवों में रहने वालीं महिलाएं यौन हिंसा का ज्यादा सामना करती हैं. शहरों में रहने वालीं 4.8% तो गांव में 6.9% महिलाओं को यौन हिंसा झेलना पड़ता है.
पति अगर शराबी है तो उसके अपनी पत्नी के साथ यौन हिंसा करने के चांस ज्यादा हैं. सर्वे के मुताबिक, यौन हिंसा झेलने वालीं 25.5% महिलाओं ने बताया कि उनका पति अक्सर शराब पीता है. वहीं लगभग 11 फीसदी महिलाएं ऐसी हैं, जिनका पति कभी-कभी शराब पीता है. इतना ही नहीं, अगर पति कभी स्कूल नहीं गया है तो भी वह अपनी पत्नी के साथ यौन हिंसा करता है. यौन हिंसा की शिकार 9.3% महिलाओं ने बताया कि उनका पति कभी स्कूल नहीं गया था.
सर्वे में शामिल 82% महिलाओं ने बताया कि उनके पति ने ही उनके साथ यौन हिंसा की थी. वहीं, लगभग 14 फीसदी महिलाएं ऐसी थीं, जिनके साथ उनके पूर्व पति ने यौन हिंसा की थी.
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मदद भी नहीं मांग पातीं महिलाएं
'चिरैया' सीरीज में ही दिखाया गया है कि जब वह लड़की अपने साथ हुए 'मैरिटल रेप' की शिकायत अपनी जेठानी से करती है तो वह उसे जोरदार थप्पड़ मारती है. जब वह लड़की अपने घर जाती है तो उसकी मां उसे वापस ससुराल भेज देती है और धमकी देती है कि अगर वह ससुराल नहीं गई तो वह अपनी नस काट लेगी. यह दिखाता है कि जब लड़की अपने साथ हो रहे गलत के लिए मदद मांगती भी है तो कोई मदद करता नहीं है.
आंकड़े भी बताते हैं कि बहुत कम महिलाएं ही ऐसी हैं जो अपने साथ हो रही ज्यादती के लिए किसी से मदद मांगती हैं. सर्वे बताता है कि यौन हिंसा की शिकार सिर्फ 14 फीसदी महिलाएं ही ऐसी हैं जिन्होंने कभी न कभी किसी न किसी से मदद मांगी.
सर्वे के मुताबिक, यौन हिंसा झेलने वालीं 58% महिलाओं ने अपने परिवार से मदद मांगती हैं. जबकि, लगभग 14 फीसदी महिलाओं ने अपने ससुराल वालों से मदद मांगती हैं. हैरान करने वाली बात यह है कि अपने साथ हो रही यौन हिंसा के लिए वकील या सामाजिक संगठन से मदद मांगने वालीं महिलाओं का प्रतिशत 0 है.
ये आंकड़े भी चिंता बढ़ाने वाले...!
सर्वे में कई ऐसे आंकड़े हैं जो चिंता भी बढ़ाते हैं और डराते भी हैं. सर्वे में शामिल 82 फीसदी महिलाओं का मानना है कि वह अपने पति को यौन संबंध बनाने से मना कर सकती हैं.
लेकिन इसी सर्वे में शामिल 11 फीसदी महिलाएं ऐसी भी हैं जो मानती हैं कि अगर वह अपने पति को यौन संबंध बनाने से इनकार करती हैं तो उनका पति उनके साथ मार-पीट कर सकता है. जबकि, लगभग 10 फीसदी पुरुष ऐसे हैं जो यौन संबंध बनाने से इनकार करने पर पत्नी के साथ मार-पीट को वाजिब ठहराते हैं.
और तो और, सर्वे में शामिल 12.2% पुरुषों का कहना है कि अगर पत्नी यौन संबंध बनाने से इनकार करती है तो वह उसके साथ जबरदस्ती संबंध बना सकते हैं. जबकि, 12.6% पुरुषों का मानना है कि पत्नी मना कर रही है तो वह दूसरी महिला के साथ यौन संबंध बना सकते हैं. 19 फीसदी से ज्यादा पुरुषों का कहना है कि पत्नी अगर मना करे तो वह उस पर गुस्सा हो सकते हैं और उसे डांट-फटकार लगा सकते हैं.
मैरिटल रेप पर कोई कानून नहीं
मैरिटल रेप की सीधी सी परिभाषा इतनी है कि अगर कोई पति अपनी पत्नी की सहमति या उसकी मर्जी की बगैर यौन संबंध बनाता है तो उसे 'मैरिटल रेप' माना जाएगा.
अगर किसी महिला के साथ कोई दूसरा पुरुष जबरदस्ती करे तो इसके खिलाफ तो कानून है लेकिन अपना पति ही जब जबरदस्ती करे तो इसे लेकर कोई कानून नहीं है. मैरिटल रेप के खिलाफ कानून बनाने की मांग अरसे से हो रही है. लेकिन केंद्र सरकार भी सुप्रीम कोर्ट में साफ कर चुकी है कि मैरिटल रेप के खिलाफ कानून नहीं लाया जा सकता, क्योंकि इससे शादी जैसी 'पवित्र संस्था' अस्थिर हो जाएगी.
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 63 में रेप और उसके लिए सजा का प्रावधान है. लेकिन इसी धारा में एक अपवाद भी है जो मैरिटल रेप को अपराध नहीं बनाता. यह अपवाद कहता है- 'अगर पत्नी की उम्र 18 साल से कम नहीं है तो पति का अपनी ही पत्नी के साथ किया गया यौन संबंध या यौन कृत्य रेप नहीं माना जा सकता.'
कोई कानून नहीं होने के कारण बहुत सी महिलाएं चाहकर भी कुछ नहीं कर पातीं. 'चिरैया' सीरीज में ही इसकी मुख्य किरदार कहती है कि 'मेरे साथ जो हुआ है न, उसके खिलाफ कानून बनने तक मैं इंतजार करूंगी...'














