सफाईकर्मी से सीधा बनीं डिप्टी मेयर, अब सड़क पर बेच रही सब्जी, वजह जान रह जाएंगे हैरान

डिप्टी मेयर बनने से पहले चिंता देवी सफाई कर्मी के तौर पर काम करती थी. जब वो डिप्टी मेयर बनीं तो उन्हें लगा कि जीवन में अब सुधार होगा और आर्थिक तंगी दूर हो जाएगी. चिंता देवी के अनुसार डिप्टी मेयर बनने से कुछ नहीं होता है. कुर्सी संभाल लूं और पैसा ही नहीं मिले, तो घर का खर्च कैसे चलेगा?

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
केदारनाथ मार्केट में चिंता देवी सड़क पर कद्दू और लौकी बेचते हुए नजर आई.
गया:

बिहार के गया में एक नगर निगम की डिप्टी मेयर चिंता देवी सड़क पर सब्जी बेचती नजर आई. शहर के केदारनाथ मार्केट में ये अजीब नज़ारा देखने हर कोई हैरान हो गया. हर कोई यही सोचने लगा कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि नगर निगम की बड़ी अधिकारी चिंता देवी को सब्जी बचने की जरूरत पड़ गई. सड़क से गुजरने वाले लोगों ने चिंता देवी से कद्दू और लौकी भी खरीदे और कई लोगों ने ये जानने की कोशिश भी की आखिर ऐसा क्या हुआ कि वो सब्जी बचने पर मजबूर हो गई.

इस वजह से उठाया ये कदम

चिंता देवी के अनुसार उनका घर खर्च नहीं चल रहा है. उन्होंने अपना दुख बताते हुए कहा कि उन्हें कोई तरजीह नहीं मिलती है. डिप्टी मेयर बनने से कुछ नहीं होता है. कुर्सी संभाल लूं और पैसा ही नहीं मिले, तो घर का खर्च कैसे चलेगा? इसलिए यहां बैठकर सब्जी बेच रही हूं. मीटिंग की कोई जानकारी नहीं दी जाती है.

गौरतलब है कि पिछले नगर निगम चुनाव में चिंता देवी डिप्टी मेयर पद के लिए खड़ी हुई थी, जहां जनता ने उन्हें अपना मत देकर विजय दिलाई थी. जिसके बाद वे डिप्टी मेयर बन गई. इससे पहले वे गया नगर निगम में एक सफाई कर्मी के रूप में कार्यरत थी. जब वो डिप्टी मेयर बनीं तो लोगों ने उन्हें बहुत बधाई दी थी. उन्हें भी लगा था कि शायद जीवन सुधर जाएगा लेकिन अब सब कुछ उल्टा होता नजर आ रहा है. पैसों की तंग के कारण उन्हें अब सब्जी बेचनी पड़ रही है.

Advertisement

रिपोर्ट-Bimlendu Chaitanya 

ये भी पढ़ें- गले में तख्ती लटका बने सेवादार, देखिए स्वर्ण मंदिर में सुखबीर बादल कैसे काट रहे हैं सजा

Advertisement
Featured Video Of The Day
Waqf Bill Passed From Parliament: 12 घंटे की बहस के बाद Rajya Sabha में भी पास हुआ वक्‍फ संशोधन बिल