पक्षी के जरिये जासूसी? नौसेना बेस के पास मिला सीगल, पैरों में लगा था चीन का GPS ट्रैकर

कर्नाटक में भारत के नौसेना ठिकाने के पास समुद्री पक्षी सीगल मिला है, जिसके पैरों में जीपीएस ट्रैकर लगा हुआ था. सवाल है कि क्या इस पक्षी के जरिये जासूसी करने का प्रयास तो नहीं हो रहा था.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
Seagull
कारावार:

कर्नाटक के एक नौसेना बेस के निकट एक समुद्री पक्षी सीगल को पकड़ा गया है, जिसके पैरों में चीन का बना जीपीएस ट्रैकर लगा था. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं. भारतीय नौसेना की बढ़ती ताकत के बीच चीन लगातार इस बात की टोह लेने को कोशिश करता है कि वो हमारी गतिविधियों की जानकारी ले सके. 

जानकारी के मुताबिक, कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के कारवार तट पर जीपीएस ट्रैकिंग उपकरण से लैस एक प्रवासी समुद्री चिड़िया घायल अवस्था में मिला. इससे स्थानीय निवासियों और सुरक्षा एजेंसियों में चिंता फैल गई.

पुलिस ने बताया कि मंगलवार को तटीय कोस्टल पुलिस ब्रांच ने कारवार के रवींद्रनाथ टैगोर बीच पर इस चिड़िया को पाया और इसे वन विभाग को सौंप दिया. घायल पक्षी की बाद में अधिकारियों द्वारा जांच की गई.

अधिकारियों ने देखा कि चिड़िया के शरीर पर एक जीपीएस ट्रैकर बंधा हुआ था. इस उपकरण में एक छोटा सौर पैनल लगा हुआ और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण था. अधिकारियों को ट्रैकर से जुड़ा एक ईमेल का भी पता लगाया. इसमें एक संदेश भी मिला था कि चिड़िया को ढूंढने वाले किसी भी व्यक्ति से दिए गए ईमेल आईडी पर संपर्क करने का अनुरोध किया गया था.

Advertisement

पुलिस ने बताया कि यह ईमेल पता चाइनीज साइंस अकादमी से जुड़ा है, जो स्वयं को इकोलॉजी-एनवायरनमेंट विज्ञान अनुसंधान केंद्र बताती है. अधिकारी ज्यादा जानकारी जुटाने के लिए उस ईमेल आईडी से संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं.

उत्तरा कन्नड़ा के पुलिस अधीक्षक दीपान एम.एन. ने कहा, कई पहलुओं की जांच की जा रही है. इसमें यह भी शामिल है कि क्या पक्षी प्रवासी पैटर्न का अध्ययन करने वाली किसी वैज्ञानिक अनुसंधान परियोजना का हिस्सा था या फिर कुछ और.

Advertisement

कारवार के रणनीतिक महत्व के कारण इस घटना सुरक्षा और नौसेना को चौकन्ना कर दिया है. कारावार में भारत के सबसे महत्वपूर्ण नौसैनिक अड्डों में से एक स्थित है.

Featured Video Of The Day
PM Modi Speech: 'पहले चरण में TMC का अहंकार टूटा' - बंगाल में गरजे PM मोदी | Bengal Elections 2026
Topics mentioned in this article