चारधाम यात्रा करना महंगा होगा, जानें बस-टैक्सी का किराया पहाड़ों-मैदानी इलाकों में किस रूट पर कितना होगा

चारधाम यात्रा का किराया महंगा होने के आसार हैं. बस और टैक्सी के किराये में बढ़ोतरी की तैयारी है. जानें पहाड़ी और मैदानी इलाकों में कितना किराया बढ़ सकता है.

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Chardham Yatra 2026
देहरादून:

साल 2026 में चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है. उत्तराखंड की चार धाम यात्रा में लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से दर्शन करने पहुंचते हैं जिसमें सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं की संख्या सड़क मार्ग के जरिए होती है ऐसे में चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को अपने सफ़र के लिए कुछ जेब ढीली करनी पड़ सकती है. इसका मतलब आने वाली चारधाम यात्रा में किराये में बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि यह कितनी बढ़ोतरी होगी इसका फैसला परिवहन विभाग की अगले हफ्ते होने वाली बैठक में तय किया जाएगा.

जानकारी के मुताबिक ट्रांसपोर्टर और बस ऑपरेटर ने इस बार किराए बढ़ाने की मांग की है जिसमें 10 से 20 प्रतिशत किराए में बढ़ोतरी की जा सकती है। बस ऑपरेटर और ट्रांसपोर्टर ने डीजल, बीमा राशि और वाहनों के अन्य खर्चों में हो रही वृद्धि को देखते हुए किराए बढ़ाने की मांग की है.

Chardham Yatra

चारधाम यात्रा कब शुरू होगी

उत्तराखंड के चार धाम, जिसमें गंगोत्री यमुनोत्री बद्रीनाथ और केदारनाथ आते हैं. इन चारों धामों में लाखों श्रद्धालु हर साल दर्शन करने पहुंचते हैं. साल 2025 में 50 लाख से ज्यादा श्रद्धालु चारों धामों में दर्शन करने पहुंचे थे. अब साल 2026 की चार धाम यात्रा मैं उम्मीद की जा रही है कि यह पिछले रिकॉर्ड तोड़ेगी. अभी फिलहाल बद्रीनाथ धाम के 23 अप्रैल को कपाट खोलने की तिथि जारी हुई है. केदारनाथ धाम के 22 अप्रैल को कपाट खोलने की तिथि जारी हुई है. गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के दिन खुलते हैं. इस बार अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को है. इस लिहाज से यह माना जा रहा है कि 19 अप्रैल से उत्तराखंड के चारधाम यात्रा विधिवत शुरू हो जाएगी.

चारधाम यात्रा किराया 4 साल पहले तय हुआ था

परिवहन विभाग ने साल 2022 में पहली बार चार धाम यात्रा के लिए वाहनों का किराया अलग से तय किया था अब प्रदेश में संचालित सामान्य व्यावसायिक वाहनों से अलग मानकर चार धाम यात्रा के वाहनों का किराया वाहनों की श्रेणी के हिसाब से निर्धारित किया गया था। अब इसी आधार पर परिवहन विभाग नाम बस ऑपरेटर और ट्रांसपोर्टर की मांग को देखते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी है जिसमें बस ऑपरेटर और ट्रांसपोर्टर की मांगों पर विचार किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक टैक्सी की कीमत के हिसाब से उसकी कैटेगरी तय की गई है 8 लाख तक कीमत की टैक्सी को साधारण कैटेगरी में रखा गया है 8 लाख से 15 लाख तक की कीमत वाली टैक्सी को डीलक्स कैटेगरी में रखा गया है 15 लाख से 25 लाख तक रुपए की टैक्सी को लग्जरी कैटेगरी में रखा गया है जबकि 25 लाख से ऊपर और अधिक कीमत की टैक्सी को सुपर लग्जरी कैटेगरी में रखा गया है जिसमें इन कैटिगरी के आधार पर ही टैक्सी का किराया और उसकी प्रतीक्षा शुल्क भी निर्धारित किया जाएगा.

चार धाम यात्रा में टैक्सी का किराया

साधारण कैटिगरी की टैक्सी का किराया मैदानी मार्ग में नॉन एसी ₹16 प्रति किलोमीटर और एसी सहित 18 रुपए प्रति किलोमीटर
साधारण कैटेगरी की टैक्सी का किराया पर्वतीय मार्ग पर नॉन एसी 18 रुपए प्रति किलोमीटर और एसी सहित ₹20 प्रति किलोमीटर
डीलक्स कैटिगरी की टैक्सी का किराया मैदानी मार्ग पर ₹20 प्रति किलोमीटर नॉन एसी और एसी सहित 22 रुपए प्रति किलोमीटर।
डीलक्स कैटिगरी का किराया पर्वतीय मार्ग पर नॉन एसी 22 रुपए प्रति किलोमीटर और एसी सहित ₹25 प्रति किलोमीटर

लग्जरी टैक्सी किराया

  • लग्जरी कैटिगरी का किराया मैदानी मार्ग पर ₹25 प्रति किलोमीटर
  • लग्जरी कैटिगरी का किराया पर्वतीय मार्ग पर 27 रुपए प्रति किलोमीटर
  • सुपर लग्जरी कैटिगरी का किराया मैदानी मार्ग पर ₹35 प्रति किलोमीटर
  • सुपर लग्जरी कैटिगरी का किराया पर्वतीय मार्ग पर  ₹40 प्रति किलोमीटर

चारधाम यात्रा का किराया कितना महंगा

अगले हफ्ते की बैठक में ही तय होगा कि कितना किराया बढ़ेगा जानकारी के मुताबिक 10 से 20 फीसद किराया बढ़ सकता है ऐसे में टैक्सी का प्रतीक्षा शुल्क भी बढ़ सकता है साधारण टैक्सी का किराया पहले 2 घंटे तक ₹50 और इससे ऊपर ₹50 प्रति घंटा

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  • डीलक्स टैक्स  का प्रतीक्षा शुल्क पहले 2 घंटे तक 75 रुपए और इसके ऊपर ₹100 प्रति घंटा
  • लग्जरी टैक्सी पहले 2 घंटे तक ₹100 और इसके ऊपर 150 रुपए प्रति घंटा
  • सुपर लग्जरी टैक्सी पहले 2 घंटे तक 125 रुपए और इससे ऊपर ₹200 प्रति घंटा

परिवहन विभाग की होने वाली अगले हफ्ते की बैठक में सिर्फ बस  या टैक्सी का किराया ही नहीं बढ़ेगा बल्कि रोडवेज बस और स्कूली वाहनों का भी किराया बढ़ेगा. जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों के साथ स्कूल बसों और वैन का किराया बढ़ाने की भी तैयारी चल रही है वैसे भी उत्तराखंड परिवहन निगम आर्थिक संकट से गुजर रहा है. उत्तराखंड रोडवेज की बसें नुकसान में सड़कों पर दौड़ रही है इसलिए उत्तराखंड रोडवेज की बसों का किराया बढ़ाने की पूरी उम्मीद की जा रही है ताकि रोडवेज को आर्थिक संकट से उबरा जा सके.

स्कूल-बस संचालकों की भी मांग

स्कूल बस और वैन संचालकों का भी कहना है कि लगातार महंगाई बढ़ रही है डीजल भी महंगा हो रहा है और वाहनों की मेंटेनेंस का खर्चा भी बढ़ रहा है ऐसे में हर साल किराए में वृद्धि होनी चाहिए लेकिन पिछले 4 साल से किराए में कोई वृद्धि नहीं हुई है परिवहन विभाग की होने वाली बैठक में प्रदेश के पर्वतीय रास्तों पर भार क्षमता बढ़ाने की भी तैयारी है वर्तमान में वहां कुल 16200 किलोग्राम के वजन समेत पहाड़ पर चढ़ सकते हैं जिसे 18500 किलोग्राम करने की तैयारी है उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार चौड़े और सुरक्षित हो रहे सड़कों को देखते हुए यह फैसला लिया जा सकता है 
 

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