उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में आजाद समाज पार्टी भी अपने प्रत्याशी उतारेगी. चुनावी तैयारियों के बीच आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना से लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आजाद 4 जून से सत्ता परिवर्तन यात्रा निकाल रहे हैं. एनडीटीवी से बात करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उनकी पार्टी सभी 403 सीटों पर चुनावी तैयारी कर रही है. हालांकि गठबंधन के लिए विकल्प खुले हुए हैं. बीजेपी को छोड़कर वो किसी भी दल से गठबंधन करने को तैयार हैं. आजाद ने एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में कहा, 403 विधानसभाओं में हमारी तैयारी है, आज मैं ये नहीं कह सकता कि हम सारी सीटें जीतेंगे, लेकिन आजाद समाज पार्टी का प्रदर्शन बहुत शानदार रहेगा. पार्टी कार्यकर्ताओं और सांगठनिक समीक्षा के आधार पर मैं ऐसा कह सकता हूं.
लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन
हमने 2022 में अपनी तैयारी शुरू की थी और 2024 के चुनाव में अपनी ताकत की एक झलक दिखाई थी. हम नगीना और डुमरियागंज लोकसभा सीट पर लड़े थे और एक सीट नगीना जीते थे. दूसरी सीट पर हम 1 लाख वोट पाए थे. 2024 के चुनाव में जीत के बाद हमारी पार्टी और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है.इसी रिजल्ट के आधार पर मैं कह रहा था कि यूपी सरकार समय पर पंचायत चुनाव नहीं करा पाएगी. ये तो चुनाव में ही तय होता है कि हमारी कितनी तैयारी है. हम त्रिस्तरीय यूपी पंचायत चुनाव में दिखाते कि हमारी तैयारी कितनी है. अब हमारी नजर विधानसभा चुनाव पर है. हमें उम्मीद है कि पार्टी बेहतर प्रदर्शन करेगी और सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगी.
गठबंधन के विकल्प खुले
आजाद समाज पार्टी की तैयारी मजबूत है. हमने संगठन निर्माण के साथ भाईचारा कमेटी पर काम किया है. हमने गठबंधन के लिए विकल्प खोल रखा है. कोई भी बीजेपी को रोकने में हमारी मदद करेगा तो साथ है. हम एनडीए के साथ तो नहीं जाएंगे, क्योंकि हमारा वैचारिक विरोध है. एनडीए के अलावा, इंडिया अलायंस, बीएसपी और अन्य दलों के सवाल पर आजाद ने कहा, हमें तो बरसों से अछूत माना गया है, लेकिन हम डॉक्टर, इंजीनियर नहीं बने.
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आजाद समाज पार्टी में जमीन से जुड़े लोग
आजाद समाज पार्टी से दूरी बनाए रखने के कुछ दलों के सवाल पर चंद्रशेखर ने कहा कि अगर पीठ पीछे कोई चर्चा हो रही है तो ये हमारी मजबूती दिखाती है. हम संविधान को मानने वाले हैं और ऐसा कुछ तो नहीं करेंगे. डर ये नहीं है कि हम प्रदेश में बड़े आंदोलन और सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभर आएंगे. असल डर यह है कि हम जमीन से जुड़े लोग हैं और ऐसे लोगों को उनको डर लगता है. हालांकि सपा और कांग्रेस को लेकर वो आरोप लगाते रहे हैं कि सभी दल सिर्फ सत्ता के लिए लड़ रहे हैं. मायावती और बीएसपी को लेकर आजाद खुलकर कुछ कहने से बचते नजर आए.
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सिर्फ दलितों का नेता नहीं - चंद्रशेखर
खुद को सिर्फ दलितों का नेता कहे जाने पर चंद्रशेखर ने आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि उन्हें नगीना में दलितों के साथ-साथ मुसलमानों, पिछड़ों और सामान्य वर्ग का भी भरपूर वोट मिला. चंद्रशेखर ने कहा कि मीडिया जानबूझकर दलित नेता जैसा शब्द इस्तेमाल करता है, जबकि सच्चाई है कि उन्होंने सभी जाति और धर्मों की लड़ाई लड़ी है. उन्होंने पेपर लीक, युवाओं के रोजगार और सीएम योगी आदित्यनाथ के माफिया वाले बयान पर भी सरकार को घेरा. आजाद समाज पार्टी 4 जून से यूपी में एक परिवर्तन यात्रा की शुरुआत करने जा रही है, ताकि अपना जनाधार बढ़ाया जाए और विधानसभा चुनाव में बड़ा परिणाम दिया जा सके.











