चंद्रपुर महापौर चुनाव: आंतरिक गुटबाजी ने डुबोई कांग्रेस की नैया, BJP-शिवसेना (UBT) गठबंधन ने मारी बाजी

चंद्रपुर महापौर चुनाव में कांग्रेस की आंतरिक कलह और गुटबाजी का भारी नुकसान हुआ, जिसका लाभ BJP और शिवसेना (UBT) ने उठाकर महापौर पद अपने नाम कर लिया.

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  • महाराष्ट्र के चंद्रपुर नगर निगम में कांग्रेस के सबसे अधिक नगरसेवक होने के बावजूद सत्ता से बाहर हो गई है
  • कांग्रेस के दो प्रमुख गुटों के बीच गुटबाजी और विवादों के कारण पार्टी ने महापौर पद खो दिया
  • बीजेपी और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के गठबंधन को जीत मिली है
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मुंबई:

महाराष्ट्र के चंद्रपुर महानगरपालिका में सबसे अधिक नगरसेवक होने के बावजूद कांग्रेस को सत्ता से हाथ धोना पड़ा है. कांग्रेस के भीतर मचे घमासान और गुटबाजी का फायदा उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के साथ गठबंधन कर अपना महापौर बना लिया है. मंगलवार, 10 फरवरी को हुए बेहद रोमांचक चुनाव में बीजेपी की संगीता खांडेकर ने कांग्रेस उम्मीदवार को मात्र एक वोट से हराकर जीत दर्ज की.

सांसद और विधायक की लड़ाई में कांग्रेस पस्त

चंद्रपुर नगर निगम में कांग्रेस के पास सबसे ज्यादा 27 नगरसेवक हैं. लेकिन चुनाव से पहले ही कांग्रेस दो धड़ों में बंट गई. एक गुट सांसद प्रतिभा धानोरकर का था तो दूसरा विधायक विजय वडेट्टीवार का. दोनों गुटों ने महापौर पद पर अपना दावा ठोंका, जिससे मामला सुलझने के बजाय उलझता गया. यहां तक कि नगरसेवकों के अपहरण के आरोप भी लगे और दो अलग-अलग गुटों को पंजीकृत करने की कोशिश की गई. इस आंतरिक युद्ध का नतीजा यह हुआ कि कांग्रेस अपने ही घर में सत्ता गंवा बैठी.

एक वोट से तय हुई जीत

66 सदस्यीय महानगरपालिका में बहुमत के लिए 34 मतों की आवश्यकता थी. मतदान के दौरान बीजेपी की संगीता खांडेकर को 32 मत मिले. कांग्रेस की वैशाली महाडोले को 31 मत मिले. वंचित बहुजन आघाड़ी के 2 नगरसेवक अनुपस्थित रहे, जिसका सीधा फायदा बीजेपी को मिला. संगीता खांडेकर केवल एक वोट के अंतर से चंद्रपुर की नई महापौर चुनी गई हैं.

बीजेपी और ठाकरे गुट आए एक साथ

शिवसेना (UBT) ने इस बार कांग्रेस का साथ छोड़ बीजेपी का दामन का साथ दिया. बीजेपी नेता किशोर जोरगेवार ने साफ किया कि विकास के लिए यह गठबंधन हुआ है. समझौते के तहत:

  •  पहले सवा साल: महापौर पद बीजेपी के पास रहेगा (संगीता खांडेकर).
  •  अगले सवा साल: महापौर पद शिवसेना (UBT) को दिया जाएगा.
  •  स्थायी समिति: पहले और चौथे साल स्थायी समिति की कमान शिवसेना (UBT) के पास होगी.


शिवसेना (UBT) ने क्यों बदला पाला?

शिवसेना (UBT) के जिला प्रमुख संदीप गिर्हे ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस पांच साल में एक बार भी महापौर पद देने को तैयार नहीं थी. उन्होंने कहा, "कुछ न मिलने से बेहतर है कि सम्मानजनक समझौता कर एक कदम पीछे हटा जाए. बीजेपी ने हमें उचित सम्मान और पद का वादा किया है."

चंद्रपुर नगर निगम की दलीय स्थिति इस प्रकार है (कुल 66 सीटें)

  •  कांग्रेस: 27
  •  बीजेपी: 23
  •  शिवसेना (UBT): 6
  •  जनविकास सेना: 3
  •  वंचित बहुजन आघाड़ी: 2
  •  BSP: 2
  •  AIMIM: 1
  •  शिवसेना (शिंदे गुट): 1
  •  बागी/अन्य: 4

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