CBI ने ‘वीजा के बदले रिश्वत’ मामले में कार्ति चिदंबरम से तीसरे दिन भी पूछताछ की

सन 2011 में पंजाब की एक बिजली परियोजना के निर्माण में शामिल चीनी कर्मचारियों को 263 वीजा जारी करने के लिए कथित तौर पर रिश्वत लेने का मामला

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कार्ति चिदंबरम से सीबीआई ने पूछताछ की (फाइल फोटो).
नई दिल्ली:

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 2011 में पंजाब की एक बिजली परियोजना के निर्माण में शामिल चीनी कर्मचारियों को 263 वीजा जारी करने के लिए कथित तौर पर रिश्वत लेने के मामले में सांसद कार्ति चिदंबरम से शनिवार को लगातार तीसरे दिन आठ घंटे तक पूछताछ की. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कार्ति सुबह साढ़े नौ बजे सीबीआई मुख्यालय पहुंचे और उनसे शाम छह बजे तक पूछताछ की गई.

अधिकारियों के मुताबिक, सीबीआई बृहस्पतिवार से कार्ति से 11 साल पुराने मामले में पूछताछ कर रही है, जिसे कांग्रेस नेता ने ‘‘फर्जी'' और ‘‘राजनीतिक प्रतिशोध'' का परिणाम बताया है. यह मामला 2011 का है, जब कार्ति के पिता पी चिदंबरम केंद्रीय गृह मंत्री थे.

सीबीआई ने कार्ति और अन्य के खिलाफ वेदांता समूह की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) के एक शीर्ष अधिकारी द्वारा उन्हें और उनके करीबी एस भास्कररमन को कथित तौर पर 50 लाख रुपये की रिश्वत दिए जाने के मामले में 14 मई को प्राथमिकी दर्ज की थी.

सीबीआई की प्राथमिकी में कहा गया है कि रिश्वत लेकर 263 चीनी कामगारों के लिए परियोजना वीजा जारी किया गया. टीएसपीएल पंजाब में बिजली संयंत्र स्थापित कर रही थी.

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि परियोजना वीजा 2010 में बिजली और इस्पात क्षेत्र के लिए पेश किए गए एक विशेष प्रकार के वीजा थे, जिसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में पी चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान जारी किए गए थे. हालांकि, इन्हें फिर से जारी करने का कोई प्रावधान नहीं था. जांच एजेंसी इस मामले में भास्कररमन को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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