अनिल अंबानी नई मुश्किल में, अब 2200 करोड़ के बैंक फ्रॉड का नया आरोप, CBI ने दर्ज किया केस

अनिल अंबानी और उनकी कंपनी आरकॉम के खिलाफ 2200 करोड़ की धोखाधड़ी का ये मामला सीबीआई ने बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर दर्ज किया है. एसबीआई समेत 11 बैंकों की शिकायत पर सीबीआई पहले से जांच कर रही है.

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  • सीबीआई ने अनिल अंबानी और आरकॉम के खिलाफ 2200 करोड़ की धोखाधड़ी का नया मामला दर्ज किया है
  • बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर आईपीसी और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत यह केस दर्ज किया गया है
  • सीबीआई पहले से ही 11 बैंकों के कंसोर्टियम की शिकायत पर आरकॉम के खिलाफ जांच कर रही है
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अनिल अंबानी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.  सीबीआई ने अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस के खिलाफ 2200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का नया मामला दर्ज कर लिया है. ये मामला बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर दर्ज किया गया है. शिकायत दर्ज करने के बाद सीबीआई ने अनिल अंबानी और आरकॉम के ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन भी चलाया. एसबीआई समेत 11 बैंकों के कंसोर्टियम की शिकायत पर रिलायंस कम्युनिकेशंस के खिलाफ सीबीआई पहले से मामले की जांच कर रही है. 

बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर केस

सीबीआई की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि बैंक ऑफ बड़ौदा ने अनिल अंबानी और आरकॉम पर 2,200 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है. बैंक की शिकायत पर आईपीसी और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत साजिश रचने, धोखाधड़ी, आपराधिक मिसकंडक्ट और पद के दुरुपयोग जैसी धाराओं में केस दर्ज किया गया है. FIR में आरोप लगाया गया है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस ने ऋण की राशि का व्यवस्थित तरीके से गलत इस्तेमाल किया और इसे दूसरी जगह पर खर्च किया गया. इसके लिए आरकॉम के बही-खातों में हेराफेरी की गई. 

हाईकोर्ट की रोक हटते ही दर्ज हुआ केस

सीबीआई प्रवक्ता के मुताबिक, इस खाते को साल 2017 में ही डूबा हुआ यानी नॉन परफॉर्मिंग एसेट - एनपीए घोषित कर दिया गया था. हालांकि अनिल अंबानी की याचिका पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने खातों को फ्रॉड घोषित करने पर रोक लगा दी थी. अब 23 फरवरी 2026 को यह रोक हटा ली गई है. इसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर सीबीआई ने केस दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है. अभी तक इस मामले पर कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.

शिकायत में आरोप लगाया गया कि रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस इन्फ्राटेल (RITL) और रिलायंस टेलीकॉम (RTL) आदि ने बैंकों से कुल 31,580 करोड़ रुपये लिए थे. आरोप है कि इसमें से 6,265.85 करोड़ रुपये दूसरे बैंकों के कर्ज चुकाने में और 5,501.56 करोड़ रुपये संबंधित पार्टियों को पेमेंट में खर्च कर दिया गया. ये भी पता चला कि 3,674.85 करोड़ रुपये एफडी और म्यूचुअल फंड में लगाए गए. इन निवेशों को भी तुरंत भुना लिया गया और संबंधित व असंबंधित पार्टियों को पेमेंट में प्रयोग किया गया. साफ है कि कंपनियों ने लोन की शर्तों का पालन नहीं किया था. 

11 बैंकों की शिकायत पर पहले से केस चल रहा

गौरतलब है कि सीबीआई पहले से ही एसबीआई की अगुआई वाले 11 बैंकों के कंसोर्टियम की शिकायत पर आरकॉम के खिलाफ जांच कर रही है. बैंक ऑफ बड़ौदा इस ग्रुप में शामिल नहीं था और नया बैंक ऑफ बड़ौदा और तत्कालीन विजया बैंक व देना बैंक से लिए गए अलग लोन से जुड़ा है.

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अनिल अंबानी की पेशी

इधर अनिल अंबानी बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश हुए. इस दौरान पीएमएलए के प्रावधानों के तहत उनका बयान दर्ज किया गया. यह जांच अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस द्वारा कथित रूप से 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक के बैंक लोन फ्रॉड मामले से संबंधित है. अनिल अंबानी से यह दूसरे दौर की पूछताछ है. इससे पहले अगस्त 2025 में उनसे पूछताछ की गई थी. 

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