315 करोड़ रुपये के साइबर धोखाधड़ी के मामले में बिजनेसमैन पवन रुइया गिरफ्तार, बंगाल पुलिस ने की कार्रवाई

बंगाल पुलिस की साइबर अपराध शाखा की जांच में 148 फर्जी कंपनियों से जुड़े करीब 315 करोड़ रुपए के ऑनलाइन धोखाधड़ी घोटाले का पर्दाफाश किया था.

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बिजनेसमैन पवन रुइया गिरफ्तार
Kolkata:

बंगाल के बड़े बिजनेसमैन पवन रुइया के खिलाफ साइबर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था. 315 करोड़ रुपये के साइबर धोखाधड़ी के मामले में पिछले साल सो-मोटो FIR दर्ज किया गया था. इसके बाद पुलिस लगातार मामले की जांच में जुटी थी. इसी मामले में दिल्ली एयरपोर्ट से राहुल वर्मा की गिरफ्तारी हुई थी जो देश छोड़ने की फिराक में था. वहीं अब पश्चिम बंगाल पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने उद्योगपति पवन रुइया को मुखौटा कंपनियों और क्रिप्टोकरेंसी के जरिये धनशोधन कर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में मंगलवार (31 मार्च) को गिरफ्तार किया. इस बात की जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी.

अधिकारी ने बताया कि बिधाननगर साइबर अपराध पुलिस थाने में मामला दर्ज होने के बाद पवन रुइया को कोलकाता के बाहरी इलाके न्यू टाउन में स्थित एक होटल के पास से पकड़ा गया है.  बंगाल पुलिस की साइबर अपराध शाखा की जांच में 148 फर्जी कंपनियों से जुड़े करीब 315 करोड़ रुपए के ऑनलाइन धोखाधड़ी घोटाले का पर्दाफाश किया था.

पुलिस ने स्वतः दर्ज किया मामला

बताया जा रहा है कि पुलिस ने साइबर अपराध मामलों की अपनी जांच के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है, जिसमें कथित तौर पर 315 करोड़ रुपये की लेनदेन मुखौटा कंपनियों और रुइया परिवार से जुड़े व्यक्तियों के बैंक खातों के जरिये होने की बात सामने आई. पुलिस ने बताया कि यह गिरफ्तारी कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा दिन में पहले आरोपी और उसके परिवार के सदस्यों को दी गई अंतरिम सुरक्षा को रद्द करने के बाद हुई है.

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पिछले साल दिसंबर में उद्योगपति, उनके बेटे राघव और उनकी बेटी पल्लवी को देश भर में विभिन्न ऑनलाइन घोटालों से प्राप्त धनराशि को अपने बैंक खातों में जमा करने के आरोप में अग्रिम जमानत दे दी थी.

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जांचकर्ताओं के मुताबिक यह मामला एक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से संचालित फर्जी निवेश योजना के जरिए एक वरिष्ठ नागरिक से कथित तौर पर 93 लाख रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा है.

शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल ने उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा और ज़्यादा रिटर्न का वादा करके पैसा निवेश करने के लिए राजी किया. पीड़ित ने 2023-24 के बीच किश्तों में ₹93 करोड़ का निवेश किया. गिरफ्तार आरोपी राहुल कारोबारी पवन रुइया का "करीबी सहयोगी" है. 

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