- बुलंदशहर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए सर्वे टेंडर जारी हो गया है. यह पश्चिमी यूपी का अहम प्रोजेक्ट है.
- 74 किलोमीटर का यह एक्सप्रेसवे बन जाने के बाद बुलंदशहर से नोएडा का सफर 30 मिनट में पूरा होगा.
- इस प्रोजेक्ट में 9 हजार किसानों की 677.80 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है.
बुलंदशहर से नोएडा और दिल्ली का सफर महज 30 से 35 मिनट में पूरा होने वाला है. क्योंकि यूपी में प्रस्तावित बुलंदशहर लिंक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के काम में तेजी आनी शुरू हो गई है. यह नया एक्सप्रेसवे देश के सबसे बड़े हवाई अड्डे यानी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को सीधे 'गंगा एक्सप्रेसवे' से कनेक्ट कर देगा. ऐसे में इस इस हाइवे के निर्माण से समय की भारी बचत होगी. 74 किलोमीटर लंबे इस हाईवे के लिए सर्वे टेंडर जारी हो गया है. जिसके के लिए 56 गांवों के 9 हजार किसानों की 677.80 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा. इसमें 48 गांव बुलंदशहर जिले के होंगे, जिसके लिए अधिकारियों ने काम शुरू कर दिया है. ताजा अपडेट के मुताबिक चयनित संस्था को दो माह के अंदर यह रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है. बुलंदशहर एक्सप्रेसवे यूपी के पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी को सीधे जोड़ देगा.
बुलंदशहर से नोएडा 30 मिनट में पहुंचेंगे
बुलंदशहर लिंक एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा नोएडा आने जाने वालों को होगा. अभी दोनों शहरों के बीच की 74 किलोमीटर की दूरी पूरी करने में 70 से 80 किलोमीटर का समय लग जाता है. लेकिन यह हाईवे तैयार होने के बाद यह सफर महज 25 से 30 मिनट में पूरा हो जाएगा. यानि 50 से 60 मिनट की सीधी बचत होगी. भारी ट्रैफिक जाम से सीधी मुक्ति मिलेगी. वहीं जेवर एयरपोर्ट आने जाने वालों को भी आसानी होने वाली है. इसके अलावा बुलंदशहर से दिल्ली की दूरी भी कम हो जाएगी. दिल्ली आने के लिए महज 40 मिनट लगेंगे. क्योंकि इस ग्रीनफील्ड हाईवे पर गाड़ियां आराम से 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे.
बुलंदशंहर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का रूट मैप
- लाडपुर गांव (बुलंदशहर)
- यमुना एक्सप्रेसवे
- जेवर एयरपोर्ट (नोएडा)
इस 74 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे की शुरुआत स्याना तहसील में आने वाले लाडपुर गांव से होगी. फिर यह बुलंदशहर जिले की 5 तहसीलों को कवर करते हुए चोला और शिकारपुर क्षेत्र में एंट्री कर जाएगा. इसके बाद यमुना एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-21 के पास जाकर नोएडा में जेवर एयरपोर्ट पर जुड़ जाएगा. यानि अब बिना किसी रुकावट और झंझट के गाड़ियां आसानी से चल सकेगी.
56 गांवों को फायदा
बुलंदशहर लिंक एक्सप्रेसवे कुल 56 गांवों से गुजरेगा. इसमें बुलंदशहर जिले के 48 गांव शामिल हैं, बाकि 7 से 8 गांव नोएडा के आएंगे. इसके लिए 9 हजार किसानों से 677.80 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा. जिसका किसानों को अच्छा मुआवजा दिया जाएगा. एक रिपोर्ट के मुताबिक 1204 करोड़ रुपए का भारी-भरकम मुआवजा बजट जारी किया गया है. वहीं इस प्रोजेक्ट के बनने के बाद एक्सप्रेसवे के आसपास की जमीनों की भी सूरत बदल जाएगी. यहां औद्योगिक नकरी विकसित करने की चर्चा भी अभी तेज हो गई है. इसके चालू होने से बुलंदशहर सीधे तौर पर दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आगरा जैसे बड़े व्यापारिक और पर्यटन केंद्रों से बेहद कम समय में जुड़ जाएगा.
उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPD) बुलंदशहर और स्याना के पास करीब 3000 हेक्टेयर जमीन पर बड़े कारखाने, मैन्युफैक्चरिंग हब और गारमेंट पार्क विकसित करने जा रहा है. जेवर एयरपोर्ट के नजदीक होने के कारण इस एक्सप्रेसवे के किनारे बड़े-बड़े वेयरहाउस और इंटरनेशनल लॉजिस्टिक पार्क बनाने की योजना है. 2027 में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने की योजना है. साल 2029 या 2030 तक यह प्रोजेक्ट पूरा करने की योजना है.
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