- कांग्रेस बजट सत्र में मनरेगा और चुनाव आयोग के एसआईआर से जुड़े वोटिंग अधिकार के मुद्दे जोरदार उठाएगी
- पर्यावरण, दूषित जल से मौतें, विदेश नीति, ट्रंप टैरिफ और रुपए की गिरावट पर भी कांग्रेस चर्चा करेगी
- सोनिया गांधी ने कहा कि विपक्ष को ग़रीबों से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए
संसद के बजट सत्र में कांग्रेस मनरेगा और एसआईआर के मुद्दे को जोर–शोर से उठाएगी. कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर पार्टी की रणनीतिक समूह की बैठक के बाद राज्यसभा सांसद नासिर हुसैन ने कहा कि बजट सत्र के पहले चरण में सबसे प्रमुख तौर पर मनरेगा के मुद्दे को उठाया जाएगा. इसके साथ ही चुनाव आयोग द्वारा करवाए जा रहे एसआईआर से देश भर में लोगों को होने वाली परेशानी और वोट का अधिकार छीने जाने के मुद्दे को भी उठायेंगे.
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि अरावली जैसे पर्यावरण से जुड़े मुद्दे, इंदौर में दूषित जल पेयजल के कारण हुई मौतों से लेकर विदेश नीति, ट्रंप टैरिफ और डॉलर के मुक़ाबले गिरते रुपए जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा. बैठक में मौजूद एक कांग्रेस सांसद के मुताबिक़ सोनिया गांधी ने कहा कि सत्ताधारी दल इधर–उधर के मुद्दों के ज़रिए गंभीर बहस से भटकाने की कोशिश करेगी लेकिन हमें उसमे फंसे बगैर ग़रीबों से जुड़ी वास्तविक मुद्दे उठाने हैं.
वहीं, सूत्रों के मुताबिक़ लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने बैठक में कहा कि बीते सत्र में मनरेगा की जगह लेने वाला नया क़ानून (वीबी जीरामजी) पारित हो चुका है और एसआईआर पर (चुनाव सुधार पर) चर्चा भी हो चुकी है, ऐसे में सरकार भले ही इन पर चर्चा के लिए तैयार ना हो लेकिन हमें राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान इन मुद्दों को उठाना है. कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि धन्यवाद प्रस्ताव पर जब दो फरवरी से चर्चा शुरू होगी तो उसमें राहुल गांधी भाग लेंगे और पार्टी द्वारा तय किए गए इन मुद्दों पर मोदी सरकार को घेरेंगे.
यूजीसी के नए नियमों को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस ने इस मुद्दे पर “वेट एंड वॉच” की रणनीति बनाई है. इसको लेकर सवाल पूछे जाने पर नासिर हुसैन ने कहा कि हमनें जाति जनगणना की माँग की, उसी से इसका हल निकलेगा. हालांकि कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने यूजीसी के नियमों का स्वागत किया है. संसद के बजट सत्र में विपक्ष की साझा रणनीति तैयार करने के लिए बुधवार सुबह दस बजे विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर (सदन के नेता) की बैठक बुलाई गई है. विपक्षी एकजुटता को बढ़ाने के लिए कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन ने इसे इंडिया गठबंधन की बैठक ना कह कर साझा विपक्ष की बैठक कहा.
बजट सत्र को लेकर कांग्रेस की इस अहम बैठक में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पी चिदंबरम, जयराम रमेश, प्रमोद तिवारी, केसी वेणुगोपाल, तारीक अनवर आदि नेता मौजूद रहे. लेकिन एक बार फिर साहसी थरूर इस बैठक में शामिल नहीं हुए. थरूर के करीबी सूत्रों के मुताबिक़ दुबई दौरे पर गए थरूर की वापसी मंगलवार रात होगी और इस पूर्व निर्धारित व्यस्तता की जानकारी उन्होंने पार्टी नेतृत्व को दे दी थी.
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