संसद के बजट सत्र का दूसरा हिस्सा सोमवार यानी नौ मार्च से शुरू हो रहा है, तो लोक सभा में एजेंडे पर सबसे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने का विपक्ष का प्रस्ताव रहेगा. स्वयं लोक सभा अध्यक्ष चाहते हैं कि इस प्रस्ताव पर सबसे पहले चर्चा और मतदान हो. बीजेपी ने अपने लोकसभा के सभी सांसदों के लिए व्हिप जारी कर दी है. उनसे नौ और दस मार्च को सदन में रहने के लिए कहा है. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने का अवसर न देने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस और उसके कुछ सहयोगी दलों के सौ से भी अधिक सांसदों ने स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव का नोटिस दिया है.
लोकसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार यह सदन का एजेंडा है, सरकार का नहीं, इसलिए सोमवार को कार्यसूची में इसका इसी तरह उल्लेख किया जाएगा. इसके बाद जिन सदस्यों ने नोटिस दिया है. उन्हें इसके पक्ष में बोलने का अवसर दिया जाएगा. वे आसन की अनुमति से करीब पंद्रह मिनट तक बोल सकते हैं. इसके बाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होगी, जिसमें सभी दलों के सदस्य हिस्सा ले सकते हैं. चर्चा में इस नियम का सख्ती से पालन होता है कि नोटिस में जो विषय दिया गया है, केवल उसी पर चर्चा हो.
स्वयं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने फैसला किया है कि जब तक प्रस्ताव का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक वे सदन में नहीं आएंगे. लोक सभा में डिप्टी स्पीकर नहीं है. ऐसे में पैनल के सबसे वरिष्ठ सदस्य के नाते जगदंबिका पाल सदन की कार्यवाही का संचालन कर सकते हैं. महत्वपूर्ण बात यह है कि स्पीकर चाहें तो चर्चा में भाग ले सकते हैं और सदन के सदस्य होने के नाते अपना पक्ष रख सकते हैं. वे मतदान में अपना वोट भी डाल सकते हैं. हालांकि टाई होने की स्थिति में वे वोट नहीं डाल सकते. सूत्रों के अनुसार ओम बिरला सदन में मौजूद रहेंगे। उनके बैठने के लिए किसी केंद्रीय मंत्री की सीट आवंटित की जा सकती है.
लोक सभा का अंक गणित
विपक्ष की कोशिश होगी कि स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर मतदान हो ताकि यह साफ हो सके कि कौन इसके साथ है और कौन खिलाफ. सरकार भी इसके लिए तैयार दिखती है ताकि विपक्ष के मतभेद सामने आ सकें. जहां तक लोक सभा के अंक गणित का प्रश्न है, यह प्रस्ताव के खिलाफ है. लोक सभा की संख्या 543 होती है लेकिन फिलहाल दो सीटें खाली हैं. ऐसे में 541 में प्रस्ताव को खारिज करने के लिए 271 का आंकड़ा चाहिए. एनडीए के पास 293 सांसद हैं, यानी मतदान होने की सूरत में प्रस्ताव को खारिज करने के लिए बहुमत एनडीए के पास है. एनडीए में बीजेपी के 240, टीडीपी के 16, जेडीयू के 12, शिवसेना 7, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) 5, राष्ट्रीय लोक दल 2 और जनता दल सेक्यूलर 2 सांसद हैं। कई छोटी पार्टियां भी एनडीए के साथ हैं.
वहीं, इंडिया गठबंधन के पास 202 सांसद हैं क्योंकि इस मुद्दे पर टीएमसी के 28 सांसद साथ नहीं दे रहे. इंडिया गठबंधन में कांग्रेस के 99, डीएमके 22, शिवसेना यूबीटी 9, एनसीपी एसपी 8 और आरजेडी 4 ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव के समर्थन में हैं. आम आदमी पार्टी ने भी प्रस्ताव का समर्थन करने का फैसला किया है. लेफ्ट पार्टियां भी उनका साथ दे रही हैं. जबकि टीएमसी समेत 43 पार्टियां हैं जो अन्य की श्रेणी में आती हैं क्योंकि इनमें से कई कुछ मुद्दों पर इंडिया गठबंधन का साथ नहीं देती. लोकसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार प्रस्ताव पर चर्चा नौ मार्च को होनी है. अगर यह लंबी चलती है तो दस मार्च का दिन भी चर्चा के लिए रखा गया है. इससे पहले इतिहास में तीन बार स्पीकर को हटाने को प्रस्ताव लाया गया है. 1954 में पहले स्पीकर जी वी मावलंकर को हटाने के लिए प्रस्ताव लाया गया था. 1966 में हुकुम सिंह और 1987 में बलराम जाखड़ को हटाने के लिए भी प्रस्ताव लाया गया था. तीनों ही बार ये प्रस्ताव खारिज कर दिए गए थे.
आपको बता दें कि लोकसभा में सोमवार को आएगा स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव. लोकसभा का एजेंडा जारी कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि ये प्रस्ताव डॉ. मोहम्मद जावेद, के सुरेश को डॉ मल्लू रवि का है.प्रस्ताव में विपक्ष महिला सांसदों के खिलाफ अवांछित आरोप लगाने, विपक्ष के सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित करने, सत्ता पक्ष के सांसदों को आपत्तिजनक व्यवहार के लिए न टोकने का स्पीकर के व्यवहार की बात कही गई है.विवादास्पद मुद्दों पर सत्ता पक्ष का साथ देने का भी आरोप है.नौ मार्च को लोकसभा के एजेंडे में अन्य रूटीन मुद्दों के अलावा केवल यही प्रस्ताव है.सरकार की ओर से कोई विधायी कार्य नहीं.मौजूद सदस्य डॉ रिकी एंड्रू जे सिंगकोन के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी.
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