लड़की के साथ छेड़छाड़ का वीडियो वायरल होने के बाद, BSF ने हेड कांस्टेबल को किया निलंबित; केस दर्ज

मणिपुर पुलिस का दावा है कि यौन हिंसा से संबंधित कई शून्य एफआईआर दर्ज की गई हैं, लेकिन पीड़ितों के उपलब्ध नहीं होने के कारण उन एफआईआर में जांच भी आगे नहीं बढ़ रही है.

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नई दिल्ली:

सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक हेड कांस्टेबल द्वारा कैमरे पर लड़की से छेड़छाड़ का वीडियो वायरल होने के बाद सीमा सुरक्षा बल ने उसे निलंबित कर दिया और इंफाल में छेड़छाड़ का मामला भी उसके खिलाफ दर्ज किया गया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने खुलासा किया कि यह घटना 20 जुलाई को इंफाल में पेट्रोल पंप के पास एक दुकान में हुई थी. आरोपी की पहचान हेड कांस्टेबल सतीश प्रसाद के रूप में हुई है. उसे सस्पेंड कर दिया गया है और मामला भी दर्ज किया गया है.

बीएसएफ ने शुरू की आंतरिक जांच

उनके मुताबिक बीएसएफ ने उनके खिलाफ आंतरिक जांच भी शुरू कर दी है. "आरोपी को कड़ी  नजरबंदी में रखा गया है और उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है, "अधिकारी ने आगे कहा कि इससे पहले थौबल जिले में दो महिलाओं को नग्न घुमाने का वीडियो भी वायरल हुआ था. जिसमें अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है.जांच के प्रभारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने खुलासा किया कि राज्य पुलिस जिन लोगों की पहचान कर ली गई है, उनके कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी करके शेष दोषियों की पहचान करने के लिए सभी प्रयास कर रही है. 

पीड़ितों के उपलब्ध नहीं होने के कारण जांच में हो रही है परेशा्नी

इस बीच मणिपुर पुलिस का दावा है कि यौन हिंसा से संबंधित कई शून्य एफआईआर दर्ज की गई हैं, लेकिन पीड़ितों के उपलब्ध नहीं होने के कारण उन एफआईआर में जांच भी आगे नहीं बढ़ रही है. उन्होंने आगे कहा कि हम उन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई कर रहे हैं जो फर्जी खबरें प्रसारित कर रहे हैं. 

राज्य पुलिस ने सोमवार को एक भ्रामक वीडियो प्रसारित करने के लिए भी मामला दर्ज किया. जिसमें पड़ोसी देश म्यांमार में एक महिला की हत्या को मणिपुर में हुई घटना के रूप में गलत तरीके से चित्रित किया गया था. साइबर अपराध पुलिस स्टेशन (सीसीपीएस) ने एक प्राथमिकी दर्ज की और इसमें शामिल लोगों के आईपी पते का पता लगाने के लिए जांच शुरू की है. 

फेक वीडियो को लेकर केस दर्ज

विचाराधीन वीडियो में म्यांमार में हथियारबंद लोगों द्वारा एक महिला की निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी जाती है. लेकिन मणिपुर में अशांति फैलाने और दंगे भड़काने के लिए इसे जानबूझकर गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है. अधिकारी इस "फर्जी समाचार" के प्रसार के पीछे के लोगों को पकड़ने और सार्वजनिक शांति को बिगाड़ने, हिंसा भड़काने और राज्य में कानून-व्यवस्था को बाधित करने के किसी भी प्रयास से निपटने के लिए तैयार हैं.

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