- संसद के नियमों के अनुसार सांसदों को भाषण देने और गिरफ्तारी से बचाव जैसे विशेषाधिकार प्राप्त होते हैं
- राहुल गांधी ने अपने भाषण में एपस्टीन फाइल से संबंधित जानकारी दी, जिसे सत्ता पक्ष सत्यापित करने को कह रहा है
- इस सत्र में विपक्ष और सरकार के बीच तनाव है, लेकिन बजट सत्र के सुचारू संचालन के लिए सहमति की संभावना बनी हुई है
राहुल गांधी के खिलाफ यदि विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव आता है तो क्या हो सकता है, ये एक बड़ा सवाल है. बात अगर संसद के नियमों की करें तो उसके अनुसार हर सांसद के पास कुछ विशेषाधिकार होते हैं जिसमें भाषण देने का अधिकार,सिविल मामलों में गिरफ्तारी से बचाव जैसे अधिकार हैं. मगर सदन के अंदर कुछ ऐसे मामले भी हैं जैसे कि आपने किसी पर कोई आरोप लगाया तो आपको उसे सत्यापित करना होगा,उसके लिए आपको कुछ सबूत देने होंगे. आपको बताना होगा कि मैंने ये बातें यहां से कोट की हैं और संबंधित दस्तावेज की कॉपी आपको सदन में पेश करना होगा. हम ये बातें इसलिए कर रहे हैं क्योंकि ताजा मामला राहुल गांधी से संबंधित है. जिसमें राहुल गांधी ने एपस्टीन फाइल से संबंधित कुछ जानकारी सदन में अपने भाषण के दौरान कही हैं.अब सत्ता पक्ष का कहना है कि राहुल गांधी इसे सत्यापित करें वरना उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला बनता है.राहुल गांधी क्या करेंगे यह बाद की बात है मगर नियम क्या कहता है ये जानना भी जरूरी है.
इस सत्र में अभी दो ही दिन बचे हैं विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर आमादा है. ऐसे में सरकार की तरफ से राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाना.हो सकता है कि कोई बीच का रास्ता निकल जाए और सरकार और विपक्ष में कोई सहमति बन जाए जिससे बजट सत्र का अगला भाग जो 9 मार्च से शुरू हो कर 2 अप्रैल तक चलेगा, वो सुचारू रूप से चल सके.
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