- राहुल गांधी के खिलाफ BJP सांसद ने लोकसभा सदस्यता समाप्ति की मांग करते हुए जांच समिति गठित करने को कहा है.
- BJP सांसद ने राहुल गांधी पर संसद में अनैतिक आचरण और देश की एकता व अखंडता को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है.
- राहुल गांधी के नरवणे की अप्रकाशित किताब का हवाला देने को सेना की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास बताया गया है
संसद के बजट सत्र में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार चर्चाओं के केंद्र में बने हैं. राहुल गांधी के कारण सदन की कार्यवाही कई दिनों तक बाधित रही. कांग्रेस का आरोप है कि लोकसभा में नेता विपक्ष को बोलने से रोका गया. इस कारण कांग्रेस ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. दूसरी ओर बीजेपी ने राहुल गांधी के खिलाफ आवाज बुलंद की है. BJP सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता समाप्त कराने की दिशा में पहला कदम उठा लिया है. निशिकांत दुबे ने स्पीकर को लिखे पत्र में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कथित “अनैतिक आचरण” की जांच के लिए एक संसदीय जांच समिति गठित करने की मांग की है. पत्र में उन्होंने राहुल गांधी की संसद सदस्यता समाप्त करने तक की कार्रवाई पर विचार करने का भी आग्रह किया है.
मोदी मानहानि मामले में पिछले टर्म में गई थी राहुल गांधी की सदस्यता
अपने पत्र में डॉ. दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने संसद के भीतर और बाहर अपने आचरण से देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने कहा कि संसद सदस्य होने के नाते जनप्रतिनिधियों पर एक नैतिक जिम्मेदारी होती है, जिसका निर्वहन सभी दलों के सांसद परंपरागत रूप से करते आए हैं, लेकिन राहुल गांधी इससे अलग आचरण करते रहे हैं. पिछले टर्म में मानहानि केस में सजा मिलने के बाद राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त हो गई थी. हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राहुल गांधी की सदस्यता को फिर से बहाल किया गया था.
दुबे की चिट्ठी में राहुल के नरवणे की किताब पढ़ने का भी जिक्र
डॉ. दुबे ने 11 फरवरी को लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण का विशेष रूप से उल्लेख किया. उन्होंने आरोप लगाया कि भाषण के दौरान राहुल गांधी ने पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे का नाम लेकर उनकी अप्रकाशित पुस्तक का हवाला दिया, जिससे भारतीय सेना, रक्षा मंत्रालय और प्रधानमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया. पत्र में कहा गया है कि सशस्त्र बलों को राजनीतिक विवादों में घसीटना संसदीय मर्यादाओं के विरुद्ध है.
अप्रमाणित आरोप लगाकर जनभावनाओं को भड़का रहे राहुल गांधी
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी विभिन्न मंत्रालयों जैसे रक्षा, वित्त, वाणिज्य और विदेश मामलों से जुड़े मुद्दों पर बार-बार “अप्रमाणित” आरोप लगाकर जनभावनाओं को भड़काने का प्रयास करते रहे हैं. डॉ. दुबे ने राहुल गांधी पर विदेशी संगठनों, विशेषकर जॉर्ज सोरोस से जुड़े फाउंडेशन और फोर्ड फाउंडेशन से कथित संबंध होने का भी आरोप लगाया, हालांकि पत्र में इसके समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए हैं.
राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर भी उठाए सवाल
इसके अलावा, राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं. पत्र में कहा गया है कि कई यात्राएं बिना आधिकारिक जानकारी और सुरक्षा प्रोटोकॉल के की गईं. इन यात्राओं की फंडिंग को लेकर जांच की जरूरत है. डॉ. दुबे ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और सर्वोच्च न्यायालय जैसी संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले बयान दिए हैं. उन्होंने कहा कि ये सभी आरोप “हिमखंड का सिरा मात्र” हैं और इस पर संसद में चर्चा के साथ-साथ एक जांच अनिवार्य है. इस पत्र पर राहुल गांधी या कांग्रेस पार्टी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
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