'भगवान भी रातोंरात बेंगलुरु को नहीं सुधार सकते ...', डीके शिवकुमार के बयान को बीजेपी ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण

डीके शिवकुमार ने कहा था कि बेंगलुरु को दो या तीन साल में नहीं बदला जा सकता. यहां तक ​​कि भगवान भी ऐसा नहीं कर सकते हैं. इसे केवल तभी बदला जा सकता है जब उचित योजना बनाई जाए और उसे ठीक से क्रियान्वित किया जाए.

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नई दिल्ली:

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के एक बयान से इन दिनों राज्य की राजनीति गरमाई हुई है. दरअसल उन्होंने कहा है कि भगवान भी बेंगलुरु में बढ़ती जाम और बुनियादी संरचना की समस्या का रातोंरात समाधान नहीं कर सकते हैं. उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हो रही है. कई यूजर्स देरी से चल रहीं परियोजनाओं और बढ़ती हुई जाम की समस्या के लिए राज्य की कांग्रेस सरकार की आलोचना कर रहे हैं. 

डीके शिवकुमार ने कहा क्या है

शिवकुमार सड़क निर्माण पर एक कार्यशाला का उद्घाटन करने गए थे. उद्घाटन के बाद वहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "बेंगलुरु को दो या तीन साल में नहीं बदला जा सकता. यहां तक ​​कि भगवान भी ऐसा नहीं कर सकते हैं. इसे केवल तभी बदला जा सकता है जब उचित योजना बनाई जाए और उसे ठीक से क्रियान्वित किया जाए."

शिवकुमार की यह टिप्पणी ऐसे समय सामने आई है जब बेंगलुरु के लोग और शहर के विकास की योजनाएं बनाने वाले लोग शहर की बिगड़ती ट्रैफिक, मेट्रो रेल के विस्तार में देरी और सार्वजनिक परिवहन के अपर्याप्त साधनों पर चिंता जता रहे हैं. आलोचकों का कहना है कि सरकार ने महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की घोषणा तो कर दी, लेकिन उन पर काम की रफ्तार धीमी है. 

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शहर में देरी से चलतीं विकास की परियोजनाएं

अर्थशास्त्री और आरिन कैपिटल के प्रमुख मोहनदास पई ने बेंगलुरु के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए सरकार की प्रगति पर सवाल उठाते हुए शिवकुमार के बयान को चुनौती दी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "मंत्री डीके शिवकुमार, आपको मंत्री बने हुए दो साल हो गए हैं! हमने एक मजबूत मंत्री के रूप में आपकी सराहना की और आपका स्वागत किया. लेकिन हमारा जीवन बहुत बदतर हो गया है! बड़ी परियोजनाओं की घोषण तो हुई, लेकिन सरकार ने शहर में किसी भी परियोजना को समय पर पूरा नहीं किया है." 

पई ने दावा किया है कि प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं अभी भी पूरी नहीं हुई हैं. फुटपाथ ही हालत खराब है और सार्वजनिक यातायात की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है. उन्होंने सरकार से पांच हजार इलेक्ट्रिक बसें खरीदने के साथ-साथ अन्य जरूरी कदम जल्द से जल्द उठाने की मांग की है. उन्होंने साफ सुथरा और पैदल चलने लायक शहर और मेट्रो के विस्तार पर दिन रात काम करने की जरूरत पर जोर दिया है. 

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बयान को बजेपी ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण

बीजेपी ने भी शिवकुमार के इस बयान की आलोचना करते हुए प्रदेश में सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार को अक्षम बताया है. बीजेपी नेता मोहन कृष्ण ने एनडीटीवी से कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस व्यक्ति ने कहा था कि वह 'ब्रांड बेंगलुरु' बनाएगा, उसने कहा है कि भगवान भी इसे ठीक नहीं कर सकते, तो फिर कौन कर सकता है?" उन्होंने कहा, "भगवान ने एक व्यक्ति या पार्टी को लोगों की सेवा करने का अवसर दिया है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह सरकार विकास के अलावा कई गतिविधियों में लगी हुई है.''

इन आलोचनाओं के बाद शिवकुमार ने कहा है कि उनकी सरकार ने सड़कों पर एक हैंडबुक जारी की है. यह किताब ट्रैफिक की समस्या को कम करने के लिए नई सड़कों और बस अड्डों के डिजाइन समेत राजधानी बेंगलुरु के सभी लंबित समस्याओं का समाधान करेगी.


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