बोरीवली से आउटसाइडर को मिला टिकट तो बीजेपी से बगावत पर उतर आए गोपाल शेट्टी, स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर लड़ेंगे चुनाव

Mumbai Borivali Assembly Seat : बीजेपी के फैसले से नाखुश गोपाल शेट्टी ने बोरीवली से स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का किया फैसला.

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मुंबई:

मुंबई में एक विधानसभा सीट पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया है क्योंकि आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए वहां से एक बाहरी व्यक्ति को टिकट दे दिया गया है. इस फैसले से नाराज वरिष्ठ बीजेपी नेता गोपाल शेट्टी ने घोषणा की कि वह स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे. जानकारी के मुताबिक गोपाल शेट्टी खुद को यहां के प्रबल दावेदार मानते हैं. 

उन्होंने एनडीटीवी से कहा, यह जरूरी है कि हम इस परंपरा के खिलाफ आवाज उठाएं, जहां बाहरी लोगों को टिकट दे दिया जाता है और इस वजह से मैं स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ूंगा. "चाहे जो भी हो जाए, मैं पीछे नहीं हटूंगा." भाजपा ने बोरीवली से मौजूदा विधायक सुनील राणे की जगह मुंबई इकाई के महासचिव संजय उपाध्याय को मैदान में उतारा है.

'चुनाव लड़ने में नहीं थी दिलचस्पी' - गोपाल शेट्टी

गोपाल शेट्टी ने कहा, "मुझे यह चुनाव लड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं थी लेकिन मेरे समर्थकों ने मुझे स्थिति की गंभीरता के बारे में बताया. सबसे पहले 2014 में विनोद तावड़े ने यहां से चुनाव लड़ा फिर 2019 में सुनील राणे ने, इस बार मुंबई उत्तर से लोकसभा चुनाव का टिकट पीयूष गोयल को दिया गया. उपाध्याय को उम्मीदवार बनाए जाने के साथ यह चौथी बार हो रहा है. संजय उपाध्याय बोरीवली के निवासी नहीं हैं."

टीवी से पता चला बीजेपी ने किसे बनाया उम्मीदवार

गोपाल शेट्टी ने कहा कि उन्हें पार्टी के इस कदम के बारे में एक टीवी फ्लैश से पता चला. "मैंने टीवी पर देखा कि संजय उपाध्याय को बोरीवली से बीजेपी का टिकट मिला है." इससे पहले पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने घोषणा की कि वह स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगे और वह अभी भी बीजेपी की आइडियोलॉजी और पॉलिसी का समर्थन करते हैं. बीजेपी वर्कर्स को लगता है कि मुझे यहां से चुनाव लड़ना चाहिए. यहां तक कि दूसरी पार्टियों को भी ऐसा ही लगता है लेकिन बोरीवली के लोगों ने मुझे बताया कि अगर मैं इसे नहीं बदलता हूं तो कोई भी कभी भी इसके खिलाफ आवाज नहीं उठाएगा. इस वजह से मैं इस गलत फैसले के खिलाफ लड़ रहा हूं. मैं बीजेपी की पॉलिसी या आइडियोलॉजी के खिलाफ नहीं हूं. मैं बीजेपी और देवेंद्र फडणवीस का समर्थन करते हैं. लेकिन मैं इस फैसले के खिलाफ लड़ रहा हूं."

इस वजह से किया स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का फैसला

उन्होंने कहा, "इसलिए मैंने कल फॉर्म पिल करने और चुनाव लड़ने का फैसला किया है." गोपाल शेट्टी ने दावा किया कि घोषणा किए जाने से पहले उन्हें इसकी जानकारी भी नहीं दी गई थी. निराश दिखे शेट्टी ने कहा, "इस निर्णय को लेने से पहले उन्होंने मुझसे नहीं पूछा. कम से कम चर्चा तो कर लेते. यह बोरीवली के श्रमिकों का अपमान है." 

समर्थकों ने किया धरना

इस बीच, उनके कई समर्थकों ने पार्टी के फैसले के खिलाफ धरना दिया और दावा किया कि इस कदम के कारण बीजेपी सुरक्षित सीट खो सकती है. बीजेपी कार्यकर्ता ने कहा, "वो रिकॉर्ड मार्जिन के साथ जीतेंगे. हम संजय उपाध्याय को जानते भी नहीं हैं. उन्होंने बोरीवली को धर्मशाला बना दिया है."

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2014 से 19 के बीच एमपी थे गोपाल शेट्टी

गोपाल शेट्टी 2014 से 2019 के बीच एमपी थे लेकिन उन्हें इस साल जर्नल चुनाव में नॉर्थ मुंबई से टिकट नहीं दिया गया था. पार्टी ने वह टिकट पीयूश गोयल को दे दिया था. भाजपा ने कहा है कि वह कुल 288 सीटों में से 146 पर चुनाव लड़ेगी, जबकि अपने कोटे की चार सीटें युवा स्वाभिमान पार्टी, राष्ट्रीय समाज पक्ष, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) और जन सुराज्य शक्ति पक्ष सहित सहयोगियों के लिए छोड़ेगी. शेष 138 सीटें एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी के लिए हैं.

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