अल्पसंख्यक, नया नेतृत्व, दक्षिण...20 राज्यों में परचम लहरा चुकी बीजेपी के अगले 5 टारगेट

बीजेपी के एक बड़े नेता का कहना है कि बीजेपी अपने चरम पर तभी पहुंची मानी जाएगी, जब वह तमिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल में अपने बूते सरकार बना लेगी. ऐसे में पार्टी पांच बड़े लक्ष्यों पर काम कर रही है. 

विज्ञापन
Read Time: 5 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • बीजेपी 20 से भी अधिक राज्यों में सत्ता में है. बावजूद इसके पार्टी 5 बड़े लक्ष्यों पर काम कर रही है. 
  • दक्षिण के राज्यों में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को सत्ता से बेदखल करना बीजेपी का एक बड़ा लक्ष्य है.
  • पार्टी 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए नया नेतृत्व तैयार करने की दिशा में काम कर रही है.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

बीजेपी का आज पूरे देश में परचम लहरा रहा है. 20 से भी अधिक राज्यों में बीजेपी अपने बूते या सहयोगी दलों के साथ सत्ता में है. पार्टी ने लगातार तीसरी बार केंद्र में सरकार बनाई है. बिहार में जल्दी ही पहली बार उसका मुख्यमंत्री बनने जा रहा है. पांच राज्यों के चुनाव में पार्टी सफलता की उम्मीद कर रही है. इसके बावजूद कई मोर्चों पर बीजेपी की चुनौतियां बरकरार हैं. ऐसे कई लक्ष्य हैं, जिन्हें पाने के लिए पार्टी पूरी ताकत लगा रही है. बीजेपी के एक बड़े नेता का कहना है कि बीजेपी अपने चरम पर तभी पहुंची मानी जाएगी, जब वह तमिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल में अपने बूते सरकार बना लेगी. ऐसे में पार्टी पांच बड़े लक्ष्यों पर काम कर रही है. 

भाजपा आज अपना 47वां स्‍थापना दिवस मना रही है. ऐसे में यह पांच लक्ष्‍य आज और भी प्रासंगिक हो जाते हैं. आइए जानते हैं कि पार्टी के वे पांच बड़े लक्ष्‍य कौनसे हैं और उन्हें पाने के लिए पार्टी की आखिर क्‍या है तैयारी. 

ये भी पढ़ें: 46 Years Of BJP: 1980 का अटल बीज मंत्र, पालमपुर प्रस्ताव, NDA, मोदी का उदय…भारतीय जनता पार्टी के 10 टर्निंग पॉइंट

1. दक्षिण में विस्तार

बीजेपी ने कर्नाटक में अपनी सरकार बनाई है और आंध्र प्रदेश में वह सहयोगी टीडीपी के साथ सरकार में शामिल है. बावजूद इसके ऐसे कई दक्षिण भारतीय राज्य हैं, जहां बीजेपी अपनी जड़ों को मजबूत करने में जुटी है. तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना में बीजेपी लगातार मेहनत कर रही है. दक्षिण के छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को सत्ता से बेदखल करना बीजेपी का एक बड़ा लक्ष्य है. इन राज्यों में कर्नाटक को छोड़ कर बीजेपी हर जगह सहयोगी दलों पर निर्भर है और पार्टी वहां अपना विस्तार करना चाहती है. इस बार केरल विधानसभा चुनाव में बीजेपी को उम्मीद है कि वह अपने वोट प्रतिशत में बढोतरी करेगी.  

Advertisement

2. पूर्वोत्तर में विस्तार 

बीजेपी के लिए इस क्षेत्र में अपने संगठन का विस्तार करना दूसरा बड़ा लक्ष्य है. वैसे तो बीजेपी ने अधिकांश पूर्वोत्तर राज्यों में सरकार बना रखी है, लेकिन वह सरकारों के स्थायित्व के लिए दूसरे दलों से आए नेताओं पर निर्भर है. पार्टी चाहती है कि पूर्वोत्तर में उसका संगठन अधिक मजबूत हो. इन राज्यों में दशकों से आरएसएस के कार्यकर्ता काम कर रहे हैं. बीजेपी पूर्वोत्तर के लिए मोदी सरकार के एक दशक के काम और क्षेत्रीय मुद्दों को प्रमुखता से उठा कर अपनी जमीन मजबूत करने के लक्ष्य को पूरा करने में जुटी है. इसी तरह पश्चिम बंगाल में बीजेपी अपनी सरकार बनाने के लिए पूरा जोर लगा रही है. 

ये भी पढ़ें: BJP आज 47 साल की हो गई, देश के 21 राज्यों में भाजपा या NDA सरकार, पर वो टारगेट जो अब तक पूरे नहीं हुए

Advertisement

Photo Credit: IANS

3. देश भर में संगठन मजबूत करना

अमित शाह के बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर बीजेपी ने संगठन का अभूतपूर्व विस्तार किया. देश भर में चलाए गए सदस्यता अभियान के बूते पार्टी विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी. इसके बाद बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया. देश भर के दस लाख से अधिक बूथों पर बूथ कमेटियां बनाई गईं. पन्ना प्रमुख नियुक्त किए गए. इस काम को जेपी नड्डा के कार्यकाल के दौरान शक्ति केंद्र बनाकर आगे बढ़ाया गया. हालांकि कई राज्यों में इसे जमीन पर उतारना अब भी बीजेपी के लिए चुनौती बना हुआ है. केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु जैसे राज्यों में संगठन को नीचे तक मजबूत करना बीजेपी का बड़ा लक्ष्य है. 

4. अल्पसंख्यकों को साथ लाना

बीजेपी पसमांदा मुसलमानों को साथ लाने की रणनीति पर काम कर रही है. अगले साल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में बड़े पैमाने पर इसके लिए काम किया जा रहा है. इसी तरह केरल में बीजेपी ने ईसाई समुदाय तक अपनी पहुंच बढ़ाई है. बीजेपी अल्पसंख्यकों के मन में अपने प्रति बैठे डर को दूर करने के लक्ष्य को लेकर आगे चल रही है. प्रधानमंत्री मोदी कहते आए हैं कि उनकी सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के उद्देश्य से काम कर रही है. 

5. नया नेतृत्व तैयार करना

बीजेपी ने पचास वर्ष के कम उम्र के नितिन नवीन को नेतृत्व दिया है. बीजेपी 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए नया नेतृत्व तैयार करने की दिशा में काम कर रही है. अलग-अलग राज्यों में भी अब पचास वर्ष से कम उम्र के नेताओं को आगे बढ़ाया जा रहा है. 2029 का चुनाव बीजेपी मोदी के नेतृत्व में लड़ेगी और ऐसे में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती देने वाले नेताओं को आगे लाया जाएगा. दूसरी पार्टियों से बड़ी संख्या में नेताओं को बीजेपी में लाया गया है, उन्हें पार्टी के वैचारिक खांचे में ढालना पार्टी का बड़ा लक्ष्य रहेगा. 

Featured Video Of The Day
ईरान को ट्रंप की सबसे बड़ी धमकी, क्या ईरान करेगा पलटवार? | Iran Israel War | Breaking News
Topics mentioned in this article