रील, लाइव और कमेंट बंद: Bihar Govt का बड़ा फैसला, कर्मचारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर कड़ा प्रतिबंध

बिहार सरकार ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकारी कर्मचारियों पर सख्त डिजिटल प्रतिबंध लागू किए हैं. अब बिना अनुमति अकाउंट बनाना, रील बनाना, लाइव करना या किसी नीति पर व्यक्तिगत राय देना पूरी तरह वर्जित होगा.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • बिहार सरकार सरकारी कर्मचारियों के सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर सख्त कदम उठाए हैं
  • अब किसी भी सरकारी कर्मचारी को सोशल मीडिया अकाउंट बनाने से पहले अपने सक्षम अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा
  • गुमनाम या फर्जी अकाउंट का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा और उल्लंघन करने पर विभागीय कार्रवाई होगी
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
पटना:

बिहार सरकार ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर लगाम कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है. राज्य कैबिनेट की बैठक में आज यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि फेसबुक, ट्विटर (एक्स), टेलीग्राम और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अनुचित टिप्पणी या गलत व्यवहार करने वाले सरकारी कर्मचारियों पर अब सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. सरकार का कहना है कि यह नियम प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने और सरकारी छवि की रक्षा के लिए जरूरी है.

कैबिनेट द्वारा स्वीकृत दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब बिहार के किसी भी सरकारी सेवक को सोशल मीडिया अकाउंट बनाने से पहले अपने सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी होगी. यानी कोई भी कर्मचारी बिना विभागीय अनुमति के सोशल मीडिया अकाउंट संचालित नहीं कर सकेगा. सरकार ने स्पष्ट कहा है कि गुमनाम (अनाम) या फर्जी अकाउंट का उपयोग बिल्कुल प्रतिबंधित रहेगा. यदि कोई कर्मचारी ऐसा करता पाया गया तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई तय है.

सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि कोई भी कर्मचारी सरकारी नीतियों, योजनाओं, सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के फैसलों पर सार्वजनिक रूप से अपनी व्यक्तिगत राय नहीं देगा.  अनुशासनहीनता मानी जाने वाली इस गतिविधि को सरकार सेवा नियमों का उल्लंघन मानते हुए कड़ी सजा का प्रावधान करेगी.

ड्यूटी के दौरान कंटेंट बनाना सख्त वर्जित

ड्यूटी के दौरान या कार्यस्थल से संबंधित कंटेंट बनाना भी अब 'सख्त वर्जित' होगा. किसी भी प्रकार की रील, वीडियो, फ़ोटो या बातचीत को लाइव प्रसारित करना सीधे नियमों के खिलाफ माना जाएगा. सरकार का कहना है कि ऐसे वीडियो अक्सर गलत संदेश देते हैं और कार्यस्थल की गोपनीयता का उल्लंघन भी करते हैं.

नई गाइडलाइन के अनुसार, सरकारी कर्मचारी किसी भी संवेदनशील जानकारी, विभागीय दस्तावेज़ या आधिकारिक चैट को सोशल मीडिया पर साझा नहीं कर सकेंगे. कर्मचारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे सोशल मीडिया पर कोई भी आपत्तिजनक, भड़काऊ या अनुचित टिप्पणी करने से बचें.

राज्य सरकार का मानना है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया के तेज़ प्रसार के कारण कई बार सरकारी कर्मचारियों द्वारा की गई टिप्पणियां विवाद और भ्रम की स्थिति पैदा कर देती हैं. इसलिए इस नई नीति को "डिजिटल अनुशासन" सुनिश्चित करने की दिशा में एक आवश्यक कदम बताया जा रहा है.  इन कड़े निर्देशों के बाद साफ है कि बिहार सरकार अब डिजिटल आचरण को भी कर्मचारी आचार संहिता का हिस्सा मानते हुए शून्य-लापरवाही की नीति अपनाने जा रही है.

Advertisement

ये भी पढ़ें-: अब थम जाएगा प्रयागराज विवाद? शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से माफी मांगेगा मेला प्रशासन, विस्तार से जानें क्या है पूरा मामला?

Featured Video Of The Day
Viral Video की सच्चाई: Punch The Monkey अपने Orangutan Toy को छोड़ने को तैयार क्यों नहीं? | Japan Zoo
Topics mentioned in this article