लालच करना पड़ा महंगा! मुंबई से पटना तक सर्विस चार्ज करने वाले 27 रेस्टोरेंट्स के खिलाफ बड़ा एक्शन

CCPA ने होटल और रेस्तरां में ग्राहकों से सेवा शुल्क वसूलने जैसे अवैध प्रैक्टिस को रोकने के लिए 4 जुलाई, 2022 को पहली बार दिशानिर्देश जारी किया था. इस निर्देश के मुताबिक कोई भी होटल या रेस्तरां खाने के बिल में जानबूझकर सेवा शुल्क नहीं जोड़ेगा.

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रेस्टोरेंट में एक्सट्रा चार्ज अब नहीं करेगा परेशान
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  • दिल्ली उच्च न्यायालय ने सेवा शुल्क वसूलने पर सीसीपीए के दिशानिर्देशों को वैध और बाध्यकारी माना है
  • सेवा शुल्क का भुगतान ग्राहक की इच्छा पर निर्भर है और इसे बिल में स्वैच्छिक रूप से ही शामिल किया जा सकता है
  • CCPA ने कई रेस्तरां के खिलाफ सेवा शुल्क वसूलने पर जांच और दंडात्मक कार्रवाई की है
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नई दिल्ली:

देश के किसी भी हिस्से में होटल या रेस्तरां द्वारा ग्राहकों से अनिवार्य रूप से सेवा शुल्क (Service Charge) वसूलना कानून के खिलाफ है, और सभी होटेकों और रेस्तरां को केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (Central Consumer Protection Authority (CCPA) के दिशानिर्देशों का पालन करना होगा.शनिवार को उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने कहा कि CCPA ने आम उपभोक्ताओं के अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 (Consumer Protection Act, 2019) के तहत देश के 27 रेस्तरां द्वारा गलत व्यापार प्रथाओं (unfair trade practices) को अपनाने का स्वतः संज्ञान लिया है जो अनिवार्य रूप से सेवा शुल्क (Service Charge) वसूलने से जुड़ा है.

दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद हुई कार्रवाई

उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक रिलीज़ के मुताबिक कि यह कार्रवाई दिल्ली उच्च न्यायालय के 28 मार्च 2025 के फैसले के बाद की गई है जिसमें सेवा शुल्क लगाने के संबंध में सीसीपीए द्वारा जारी दिशानिर्देशों को बरकरार रखा गया था. न्यायालय ने माना कि रेस्तरां द्वारा अनिवार्य रूप से सेवा शुल्क वसूलना कानून के विरुद्ध है और कहा कि सभी रेस्तरां प्रतिष्ठानों को सीसीपीए के दिशानिर्देशों का पालन करना आवश्यक है. न्यायालय ने यह भी पुष्टि की कि सीसीपीए कानून के अनुसार अपने दिशानिर्देशों को लागू करने के लिए पूर्ण रूप से सशक्त है.

किसी भी अन्य नाम से नहीं लिया जा सकता सेवा शुल्क

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (Central Consumer Protection Authority (CCPA) ने होटल और रेस्तरां में ग्राहकों से सेवा शुल्क वसूलने जैसे अवैध प्रैक्टिस को रोकने के लिए 4 जुलाई, 2022 को पहली बार दिशानिर्देश जारी किया था. इस निर्देश के मुताबिक कोई भी होटल या रेस्तरां खाने के बिल में जानबूझकर सेवा शुल्क नहीं जोड़ेगा.किसी भी अन्य नाम से सेवा शुल्क नहीं लिया जाएगा.उपभोक्ताओं को सेवा शुल्क का भुगतान करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है, उन्हें सूचित करना होगा कि यह स्वैच्छिक और वैकल्पिक है.सेवा शुल्क का भुगतान करने से इनकार करने पर प्रवेश या सेवाओं के प्रावधान पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा. बिल में सेवा शुल्क नहीं जोड़ा जाएगा और इस पर जीएसटी लागू नहीं होगा.

हेल्पलाइन पर मिली शिकायत के बाद हुई कार्रवाई

उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के मुताबिक कि जांच से पता चला कि कैफे ब्लू बॉटल, पटना और चाइना गेट रेस्टोरेंट प्राइवेट लिमिटेड (बोरा बोरा) , मुंबई सहित कई रेस्टोरेंट, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और सीसीपीए दिशानिर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन करते हुए, स्वतः ही 10 प्रतिशत सेवा शुल्क वसूल रहे थे, जिसे अब दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी बरकरार रखा है. यह कार्रवाई राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर शुरू की गई थी, जिसमें सेवा शुल्क की जानबूझकर अतिरिक्त राशि दर्शाने वाले बिल भी शामिल थे. विस्तृत जांच से यह सिद्ध हुआ कि इस प्रकार की प्रथा अधिनियम की धारा 2(47) के अंतर्गत अनुचित व्यापार व्यवहार है.

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (Central Consumer Protection Authority (CCPA) )ने पटना के कैफे ब्लू बॉटल के मामले में रेस्तरां को उपभोक्ता को सेवा शुल्क की पूरी राशि वापस करने का निर्देश जारी किया है. साथ ही, 30,000 रुपये का जुर्माना देने का भी निर्देश दिया है.इसके अलावा, मुंबई के बोरा बोरा स्थित चाइना गेट रेस्टोरेंट प्राइवेट लिमिटेड के मामले में रेस्टोरेंट ने सुनवाई के दौरान ही सेवा शुल्क वापस कर दिया था.
इस मामले में शिकायतों की समीक्षा के बाद केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (Central Consumer Protection Authority (CCPA) ने रेस्टोरेंट को उसके सॉफ़्टवेयर-जनरेटेड बिलिंग सिस्टम को संशोधित करने के निर्देश के साथ-साथ उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन और अनुचित व्यापार प्रथा के लिए 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

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