- मुर्शिदाबाद से 2 लोगों को पाक से जुड़े नेटवर्क को भारतीय सिम कार्ड के OTP भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया गया
- जुहाब शेख को दस फरवरी को गुढ़िया गांव से गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से मोबाइल फोन बरामद हुए और पूछताछ जारी
- सुमन शेख को बाइस फरवरी को गिरफ्तार किया गया, वह बहारामपुर का निवासी है और एक लेथ फैक्ट्री में काम करता है
पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मुर्शिदाबाद जिले से दो लोगों को कथित रूप से पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क को भारतीय सिम कार्ड के ओटीपी भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया है. दोनों के पास से कई मोबाइल फोन और कई सिम कार्ड बरामद किए गए हैं.
पहली गिरफ्तारी: 10 फरवरी को जुहाब शेख पकड़ा गया
STF के मुताबिक, 10 फरवरी 2026 को पुख्ता सूचना के आधार पर मुर्शिदाबाद जिले के गुढ़िया गांव से जुहाब शेख को गिरफ्तार किया गया. उसके पास से मोबाइल फोन बरामद किया गया. पूछताछ के दौरान, शुरुआती जांच में पता चला कि वह अपने सहयोगी सुमन शेख के साथ मिलकर व्हाट्सऐप के जरिए ओटीपी साझा करता था, जिसके बदले में उन्हें रकम मिलती थी. ये ओटीपी बाद में अवैध गतिविधियों में उपयोग किए जाते थे. इस मामले में STF मुख्यालय थाने में भारतीय दंड संहिता (BNS), इंडियन टेलीग्राफ एक्ट 1885, और इमिग्रेशन एवं फॉरेनर्स एक्ट 2025 के तहत केस दर्ज किया गया है. जुहाब शेख को पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया.
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दूसरी गिरफ्तारी: 22 फरवरी को सुमन शेख गिरफ्तार
22 फरवरी 2026 को इसी मामले में उसके सहयोगी सुमन शेख को भी मुर्शिदाबाद के गुढ़िया दर्गाटाला क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया. उसे बिधाननगर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे आगे की जांच के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. STF सूत्रों के अनुसार, सुमन शेख मूल रूप से बहारामपुर का निवासी है और एक लेथ फैक्ट्री में काम करता है. पुलिस का कहना है कि दोनों युवक सिम कार्ड बेचने का काम भी करते थे और कथित तौर पर भारतीय सिम कार्ड के ओटीपी पाकिस्तान में सक्रिय व्हाट्सऐप यूज़र्स तक भेजते थे.
पाकिस्तानी नेटवर्क से जुड़ाव की आशंका
पुलिस जांच में संदेह किया गया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियां इन ओटीपी के आधार पर भारत में अलग मोबाइल नंबरों से जुड़े व्हाट्सऐप अकाउंट्स को कंट्रोल करती थीं. ये भी आशंका है कि इन्हीं अकाउंट्स के जरिए भारत के महत्वपूर्ण व्यक्तियों और संस्थाओं की जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही थी. STF साइबर टीम इस मामले में अहम भूमिका निभा रही है. यह जांच की जा रही है कि क्या किसी संवेदनशील जानकारी या दस्तावेज़ की लीकिंग हुई है और इस नेटवर्क में अन्य कितने लोग शामिल हैं.
परिवार का दावा: आरोप गलत
आरोपी सुमन शेख की मां मेनका बीबी ने NDTV से कहा कि उनका बेटा स्टील फर्नीचर बनाने का काम करता है और किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल नहीं है. उन्होंने आरोपों को झूठा बताया.
(एनडीटीवी के लिए गोपाल ठाकुर की रिपोर्ट)














