BJP ने टिकट दिया या आपने मांगा? बंगाल चुनाव में उतरीं आरजी कर पीड़िता की मां ने खुद बताया

Bengal Election 2026: बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर इन दिनों सियासी सरगर्मी पूरे परवान पर हैं. चुनाव प्रचार अभियान जोरों पर है. इस बीच पानीहाटी विधानसभा सीट अचानक चर्चाओं के केंद्र में बना है. क्योंकि बीजेपी ने यहां आरजी कर पीड़िता की मां को टिकट दिया है.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
बंगाल की पानीहाटी विधानसभा सीट की बीजेपी प्रत्याशी रतना देबनाथ.
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • बंगाल के पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र से BJP ने आरजी कर पीड़िता की मां रतना देबनाथ को उम्मीदवार बनाया है.
  • पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने रतना देबनाथ के नामांकन में भाग लेकर BJP की पूरी ताकत का संकेत दिया है.
  • रतना देबनाथ ने चुनाव लड़ने के लिए बीजेपी को खुद संपर्क किया था और अपनी जीत को पूरे बंगाल की जीत बताया है.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
कोलकाता:

Panihati Assembly Seat Bengal: विधानसभा चुनाव को लेकर इन दिनों बंगाल के हर चौक-चौराहों पर सियासी तपिश महसूस की जा रही है. सियासी सरगर्मियों को केंद्र राजधानी कोलकाता है. लेकिन कोलकाता से थोड़ी ही दूर पर स्थित पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र भी चर्चाओं के केंद्र में बना है. यह बंगाल के 24 नार्थ परगना में आता है. पानीहाटी विधानसभा के सुर्खियों में रहने की वजह है, यहां की BJP उम्मीदवार. BJP ने पानीहाटी विधानसभा सीट से आरजी कर पीड़िता की मां को चुनावी मैदान में उतारा है. पानीहाटी विधानसभा सीट की बीजेपी प्रत्याशी रतना देबनाथ एक आम महिला हैं. उनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं, मगर चुनावी मैदान में उतरने के बाद वो लगातार चर्चाओं में बनी हैं. 

रतना देबनाथ के पीछे BJP ने पूरी ताकत लगा रखी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके नामांकन में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी आईं थी.

रतना के नॉमिनेशन में स्मृति ईरानी हुईं थी शामिल 

स्मृति ईरानी के बहाने बीजेपी महिला वोटरों को साधने में लगी है. स्मृति ईरानी बांग्ला भाषा अच्छी तरह से जानती हैं और बांग्ला में ही भाषण देती है. रतना देबनाथ टूटी-फूटी हिंदी बोल लेती हैं, मगर बांग्ला में वो अपनी बात अच्छी तरह से आम लोगों तक पहुंचा पाती हैं. यहां तक की जब एनडीटीवी ने रतना देबनाथ ने बात की तो उन्होंने सवालों का जवाब बांग्ला में ही दिया. हालांकि उनके पति शिखर देबनाथ ने उनकी बातों का हिंदी में अनुवाद कर हमें बताया. 

आरजी कर पीड़िता की मां रतना देबनाथ के नॉमिनेशन में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी.

एनडीटीवी ने रतना देबनाथ से पूछा- टिकट के लिए बीजेपी ने उन्हें संर्पक किया था या उन्होंने बीजेपी को?

इसके जवाब में रतना देबनाथ ने बताया कि उन्होंने BJP को एप्रोच किया था कि हम चुनाव लड़ना चाहते हैं. हमने BJP को चिट्ठी लिखी थी. रतना देबनाथ कहती हैं कि वो 200 प्रतिशत ये चुनाव जीतने वाली है और ये जीत केवल उनकी नहीं होगी ये जीत पूरे पानीहाटी विधानसभा और पूरे बंगाल के लोगों की होगी. 

रतना का कहना है कि उनकी लड़ाई पीढ़ी को सुरक्षित रखने की है. हमारी लड़की तो चली गई और जो लड़की लोग है, उसके सुरक्षा की ज़िम्मेदारी हमारे ऊपर है.

एनडीटीवी ने रतना देबनाथ से पूछा कि बंगाल की मुख्यमंत्री भी महिला है, आपको क्या कहना है? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि इस पर कुछ नहीं बोलेंगे. अंत में रतना देबनाथ ने कहा कि वो अपनी बेटी को कभी नहीं भूलीं है. वो हमेशा मेरे दिल में रहती है.”

Advertisement

रतना के प्रचार में शामिल महिला बोलीं- इनकी जीत से उस बेटी की जीत होगी 

रतना देबनाथ के साथ प्रचार में शामिल शामिल एक महिला ने कहा कि रतना की लड़की आरजी कर में डॉक्टर थी. उसकी ऑन ड्यूटी हत्या की गई. पूरे बंगाल ने उसकी लड़ाई लड़ी. रतना दीदी यहां से जीतेंगी, ये उनकी बेटी की जीत होगी.

रैली में आई एक अन्य महिला ने कहा कि मुख्यमंत्री कहती हैं कि लड़की आठ बजे के बाद ना निकले, तो हम भी कहते हैं कि मुख्यमंत्री भी 8 बजे के बाद अपनी कुर्सी छोड़ दें. 

Advertisement

पानीहाटी विधानसभा सीट पर निर्मल घोष का दबदबा

पानीहाटी विधानसभा पर एक तरह से निर्मल घोष का दबदबा रहा है. वो 1996 से ये सीट जीतते रहे हैं. 1996 मे निर्मल घोष कांग्रेस के टिकट पर जीते. फिर 2001, 2011, 2016, 2021 में तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर जीते. केवल 2006 में निर्मल घोष सीपीआई के उम्मीदवार से हार गए थे. 

इस बार निर्मल के बेटे तीर्थंकर की टक्कर आरजी कर पीड़िता की मां से 

मगर इस बार निर्मल घोष चुनाव नहीं लड़ रहे हैं. तृणमूल कांग्रेस ने उनके बेटे तीर्थंकर घोष को मैदान में उतारा है जो अपना पहला चुनाव लड़ रहे हैं और एक कठिन चुनावी लड़ाई में फंस गए हैं क्योंकि सामने आरजी कर पीड़िता की मां मैदान में हैं. इस बार पानीहाटी में कांग्रेस और सीपीएम ने अपना उम्मीदवार उतारा है मगर असली लड़ाई बीजेपी की रतना देबनाथ और तीर्थंकर घोष के बीच में ही है.

यह भी पढ़ें - आरजी कर केस की पीड़िता की मां को बीजेपी ने दिया टिकट, पानीहाटी सीट से बनाया उम्मीदवार

Featured Video Of The Day
Bengal Elections 2026 में Manoj Tiwari ने भरी हुंकार, NDTV पर किए बड़े दावे!