लोकसभा चुनाव 2024 से पहले केंद्र का बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास को अंतिम रूप देने पर जोर

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के राजस्थान के हिस्से का उद्घाटन रविवार को, दो प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय आधा घटकर केवल 12 घंटे हो जाएगा

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लगभग 1,400 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे में आठ लेन होंगी.
नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास को बीजेपी को 2024 के आम चुनाव की ओर ले जाने वाली सड़क पर शुरुआती बिंदु के रूप में देखा जा रहा है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का राजस्थान का हिस्सा दो प्रमुख शहरों के बीच ड्राइविंग के समय को आधा घटाकर केवल 12 घंटे कर देगा. इसका उद्घाटन रविवार को किया जाएगा. आज पीएम मोदी ने मुंबई में हाई-स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई.

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'मुंबई, पुणे, नासिक के लोगों और शिर्डी के साईंबाबा के भक्तों को इस तोहफे के लिए मैं पीएम मोदी को धन्यवाद देता हूं.'

हालांकि देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट कई वर्षों से चल रहे हैं, लेकिन आम चुनाव से एक साल पहले उन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है. इन  विकास परियोजनाओं के बलबूते बीजेपी जीत को लेकर आश्वस्त है और उसका भरोसा है कि यह उपलब्धियां से पीएम मोदी को तीसरा कार्यकाल हासिल होगा.

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पांच राज्यों - दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र को जोड़ेगा. रविवार को इसके राजस्थान के हिस्से का उद्घाटन होना है. इस कांग्रेस शासित राज्य में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं. कुछ लोग इन परियोजनाओं के पीछे अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले राजनीतिक हित होना मानते हैं.

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लगभग 1,400 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे में आठ लेन होंगी और यह भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे होगा. एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित होने वाली यह सड़क इंजीनियरिंग का एक चमत्कार है.

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मुदित गर्ग ने कहा, "अभी हमारा 246 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह से तैयार है. लगभग 180 किलोमीटर पर एक इंटरचेंज है जो सीधे जयपुर जाता है. दौसा सेक्शन तैयार है. हम लगभग दो से ढाई घंटे में जयपुर पहुंच सकते हैं." ।

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एक्सप्रेस-वे में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग स्टेशन, हेलीपैड, ट्रॉमा केयर सेंटर और ईवी के लिए अलग लेन जैसी सुविधाएं होंगी. सरकार का कहना है कि यह एशिया का पहला हाईवे है जिसमें एनिमल ओवरपास और वाइल्डलाइफ क्रॉसिंग हैं.

सभी वाहनों के लिए एक्सप्रेस-वे पर अधिकतम गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जिससे ईंधन बचाने में मदद मिलेगी. अनुमानित बचत लगभग 300 मिलियन लीटर ईंधन की होगी और हर साल 800 मिलियन किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन कम होगा.

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