केरल में चुनाव से पहले बीजेपी को मिला ट्वेंटी-20 पार्टी का साथ, क्या है कॉरपोरेट घराने की इस पार्टी का इतिहास

केरल विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने ट्वेंटी-20 पार्टी को एनडीएन में शामिल करवाया है. यह पार्टी कॉरपोरेट घराने की ओर से समर्थित पार्टी है. क्या हैं राजनीतिक समीकरण, पढ़िए इस स्टोरी में.

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  • केरल की ट्वेंटी-20 पार्टी ने बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल होने का औपचारिक निर्णय लिया है.
  • ट्वेंटी-20 प्रमुख साबू एम जैकब ने LDF और UDF के कथित भ्रष्टाचार के कारण राजनीति में आने का कारण बताया है
  • इस पार्टी ने 2020 के निकाय चुनाव में चार पंचायतों में सरकार बनाई थी और 2025 में दो नई पंचायतें जीतीं थींं.
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नई दिल्ली:

केरल की ट्वेंटी-20 पार्टी ने बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होने का फैसला किया है. इस पार्टी ने अपने इस फैसले के पीछे केरल की राजनीतिक संस्कृति और शासन व्यवस्था में बदलाव की जरूरत को कारण बताया है. ट्वेंटी-20 के एनडीए में शामिल होने की घोषणा गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई. इसमें बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और ट्वेंटी-20 के प्रमुख साबू एम जैकब मौजूद थे. बीजेपी ने यह कदम तिरुवंतपुरम में हुई पीएम मोदी की रैली से पहले उठाया. पीएम मोदी ने अपनी रैली से पहले जैकब से मुलाकात भी की. 

ट्वेंटी-20 को देश में किसी कॉरपरोटे घराने की ओर से बनाई गई पहली पार्टी माना जाता है. इसका स्थापना के पीछे केरल के बड़े औद्योगिक घरानों में शामिल अन्ना किटेक्स ग्रुप का हाथ है. इस समूह ने एल्युमिनियम में कारोबार शुरू किया था. अब यह कंपनी मसाले और बच्चों के कपड़े बनाने वाली दुनिया की अग्रणी कंपनी है. किटेक्स गारमेंट्स लिमिटेड को बच्चों के कपड़े बनाने वाली दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी माना जाता है.

क्या हैं साबू एम जैकब के इरादे

एनडीए में शामिल होते हुए ट्वेंटी-20 के प्रमुख साबू एम जैकब ने कहा था कि उन्होंने एलडीएफ और यूडीएफ दोनों के कथित कुशासन और भ्रष्टाचार के कारण राजनीति में उतरकर ट्वेंटी-20 पार्टी बनाई थी. स्थानीय निकाय चुनाव का जिक्र करते हुए साबू ने कहा था कि ट्वेंटी20 अब ऐसी पार्टी बन चुकी है, जिसे न तो एलडीएफ और न ही यूडीएफ आसानी से खत्म कर सकते हैं.  उन्होंने कहा, ''हम सत्ताधारी और विपक्षी दोनों मोर्चों को यह दिखाना चाहते थे कि मोदी सरकार के विकास दृष्टिकोण के साथ मिलकर हम राज्य को कैसे बदल सकते हैं.''

तिरुवंतपुर में शुक्रवार को हुई अपनी रैली से पहले ट्वेंटी-20 पार्टी के प्रमुख साबू एम जैकब और केरल बीजेपी के प्रमुख राजीव चंद्रशेखर के साथ पीएम नरेंद्र मोदी.

चुनावों में ट्वेंटी-20 पार्टी का प्रदर्शन

साल 2013 में बनी ट्वेंटी-20 पार्टी ने बदलाव लाने का वादा करके राजनीति की दुनिया में कदम रखा था. साल 2020 के स्थानीय निकाय चुनाव में उसने चार पंचायतों में अपनी सरकार बनाई थी. लेकिन 2025 में हुए पंचायत चुनाव में इस पार्टी ने अपनी दो पंचायतें खोईं, लेकिन दो नई पंचायतों में जीत भी हासिल की है. वहीं अगर विधानसभा चुनाव की बात करें तो इस पार्टी ने 2021 के विधानसभा चुनाव में आठ सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे. इनमें से छह सीटों पर इसके उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रहे थे. पार्टी को एक लाख 45 हजार 664 या कुल पड़े वोटों का 0.7 फीसदी वोट मिले थे. जिन सीटों पर इस पार्टी ने चुनाव लड़ा था, वहां इसे बीजेपी से अधिक वोट मिले थे. इस पार्टी ने 2016 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था. 

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले ट्वेंटी-20 पार्टी को अपने पाले में करके बीजेपी मध्य केरल में अपनी पकड़ मजबूत बनाना चाहती है. बीजेपी का साथ ट्वेंटी-20 के लिए भी फायदेमंद हो सकता है, जो अपनी स्थापना के बाद से ही एलडीएफ और यूडीएफ नाम के दो गठबंधनों के बीच बंटी केरल की राजनीति में एकांतवास में थी.  आगामी विधानसभा चुनाव में साबू एम जैकब के एर्नाकुलम जिले के पेरंबवूर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की संभावना है. 

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किसे होगा फायदा बीजेपी या ट्वेंटी-20 को 

साल 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले तक केरल में बीजेपी के हिस्से सूखा ही आया था. लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर अभिनेता से नेता बने सुरेश गोपी ने त्रिशूर सीट पर जीत दर्ज की थी. लोकसभा चुनाव में यह बीजेपी की यह केरल में पहली जीत थी. वहीं अभी पिछले महीने संपन्न हुए स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी तिरुवनंतपुरम नगर निगम में अपना मेयर बनवा पाने में सफल हुई. इससे उसके हौंसले बुलंद हैं. ऐसे में ट्वेंटी-20 का एनडीए में आना उसके हौंसले को लंबी उड़ान दे सकती है. 

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