बसंत पंचमी का पावन पर्व शुक्रवार को मनाया जा रहा है. आज के लिए दिन स्नान का विशेष महत्व है. यह दिन विद्या, बुद्धि और संगीत की देवी मां सरस्वती की उपासना के लिए समर्पित है. बसंत पंचमी बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक भी है, जब प्रकृति में हरियाली और फूलों की बहार छा जाती है. इस दिन पीला रंग सबसे प्रमुख होता है. यह पर्व न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि प्रकृति के साथ जुड़ाव और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश भी देता है. सनातन धर्म में पीले रंग का खासा महत्व है. मगर बसंत पंचमी पर लोग खास तौर पर पीले वस्त्र पहनते हैं, देवी को पीले फूल चढ़ाते हैं और पीले रंग के भोजन जैसे मालपुआ, हलवा और मिठाई आदि का भोग लगाते हैं. पीला रंग इस पर्व का मुख्य आकर्षण है, क्योंकि यह सरसों के पीले फूलों वाली खेतों की छटा, नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है.
Basant Panchami Snan Live:
उज्जैन में बसंत पंचमी के अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में विशेष भस्म आरती
उज्जैन में बसंत पंचमी के अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में विशेष भस्म आरती की गई. आज के ख़ास अवसर पर भगवान महाकाल को दूध, दही, शहद, शक्कर, जल के साथ-साथ सरसों के फूलों से भी शृंगार किया गया.
Basant Panchami Snan LIVE News: संगम नगरी में श्रद्धालुओं की भीड़
माघ मेले के दौरान बसंत पंचमी पर पवित्र डुबकी लगाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज के संगम पर इकट्ठा हो रहे हैं.
Basant Panchami LIVE: बसंत पंचमी पर प्रयागराज में क्या-क्या इंतेजाम
- मेला क्षेत्र में कुल 3.5 किलोमीटर लंबे स्नान घाट तैयार किए गए हैं
- बसंत पंचमी पर आज करीब 1 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान है
- बसंत पंचमी से 26 जनवरी तक चार दिनों में लगभग 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम पहुंचने की संभावना
- बसंत पंचमी स्नान पर्व पर किसी भी वीआईपी प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जाएगा
- स्नान घाटों पर जल पुलिस, NDRF, SDRF, फ्लड कंपनी PAC और गोताखोर तैनात किए गए हैं
- मेले में पुलिस, PAC, RAF, BDS, यूपी ATS के कमांडो और खुफिया एजेंसियां तैनात हैं
- माघ मेला क्षेत्र में चप्पे‑चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है
- सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन के माध्यम से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है
- मेले से जुड़े अधिकारी लगातार मेला क्षेत्र में भ्रमण कर स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं
Basant Panchami 2026 LIVE: बसंत पंचमी का शुभ रंग
धार्मिक मान्यताओं के हिसाब से बसंत पंचमी का शुभ रंग पीला होता है. यह रंग एनर्जी, सकारात्मकता और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है.
प्रयागराज में बसंत पंचमी स्नान को लेकर क्या बंदोबस्त, डीएम ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर दी जानकारी
प्रयागराज में बसंत पंचमी के मुख्य स्नान को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं. जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि आधी रात से ही श्रद्धालुओं का भारी सैलाब घाटों पर पहुंचना शुरू हो गया है और सभी घाटों पर स्नान शांतिपूर्वक जारी है. सुरक्षा के मद्देनजर वॉटर पुलिस पूरी सतर्कता के साथ तैनात है, जबकि SDRF और NDRF की टीमें भी सक्रिय रूप से मौजूद हैं. इसके अलावा सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों को भी लगाया गया है ताकि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की दिक्कत न हो. फिलहाल इलाके में हल्का कोहरा है, लेकिन डीएम का कहना है कि कोहरा छंटते ही श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है.
संगम नगरी में पवित्र स्नान करने के लिए श्रद्धालु की भीड़
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बसंत पंचमी के अवसर पर संगम में पवित्र स्नान करने के लिए श्रद्धालु लगातार आ रहे हैं, पुलिसकर्मी स्नान में उमड़ी भीड़ को बेहद ही व्यवस्थित तरह से संभाल रहे हैं.
बसंत पंचमी का स्नान आज
बसंत पंचमी के पावन पर्व पर लोग संगम से लेकर हरिद्वार और वाराणसी में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. यह दिन विद्या, बुद्धि और संगीत की देवी मां सरस्वती की उपासना के लिए समर्पित है. बसंत पंचमी बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक भी है, जब प्रकृति में हरियाली और फूलों की बहार छा जाती है. इस दिन पीला रंग सबसे प्रमुख होता है.













