- यूपी का बांदा सबसे गर्म स्थान बना हुआ है जहां 20 मई को तापमान 48 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ
- 8 राज्यों में लू का अलर्ट जारी है, जिसमें उड़ीसा, पंजाब, हरियाणा, यूपी, तटीय आंध्र प्रदेश हैं
- 17 राज्यों में तेज बारिश, आंधी का अलर्ट है. पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अनुमान है
दिल्ली एनसीआर समेत पूरा मध्य और उत्तर भारत इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है. सूरज का टॉर्चर सहन करना मुश्किल हो रहा है. त्वचा को झुलसाने और शरीर का पानी सुखाने वाली गर्म हवाएं चल रही हैं. यूपी के बांदा ने तो सभी को हैरान कर दिया है. पिछले दो दिनों से यह पूरे भारत में सबसे गर्म जगह बना हुआ है. मौसम विभाग के मुताबिक, 21 मई 2026 को भी दिल्ली, यूपी, राजस्थान समेत देश के ज्यादातर हिस्सों में चिलचिलाती धूप और गर्मी का सितम जारी रहेगा. हालांकि, कुछ राज्यों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना भी है. भारत मौसम विभाग ने देश के 8 राज्यों में हीटवेव का अलर्ट जारी किा है. उड़ीसा, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, और तटीय आंध्र प्रदेश में अगले 7 दिन के लिए हीट वेव का ऑरेंज अलर्ट जारी है. आज 21 मई को देशभर में मौसम कैसा रहेगा, देखें.
PTI फोटो.
17 राज्यों में तूफानी बारिश का अलर्ट
भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने 17 राज्यों के लिए आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है. इस दौरान 80 से 100 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. पूर्वोत्तर भारत और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश का अनुमान है. मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून फिलहाल बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में अनुकूल परिस्थितियों के चलते धीरे-धीरे पूर्व और उत्तर की ओर बढ़ रहा है. असम,अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा में भी भारी बारिश का अलर्ट है.
यूपी में कहां पड़ रही सबसे ज्यादा गर्मी?
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर जारी है. मौसम विभाग ने राज्य में अगले तीन दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. IMD के मुताबिक, 20 से 24 मई के बीच कई जिलों में भीषण लू और हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है. इस दौरान 20 से 30 किमी. प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने की संभावना है, जो 40 किमी. प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं. बुंदेलखंड, उत्तरी मध्य प्रदेश और विदर्भ के लिए हीट वेव का रेड अलर्ट जारी है. राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बुधवार को दिन का तापमान 40 डिग्री से अधिक रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक बांदा एक बार फिर राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां तापमान 48 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 4.5 डिग्री अधिक है. मौसम विभाग ने अगले एक हफ्ते तक राज्य में अनेक स्थानों पर भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की है.
कैसा रहेगा दिल्ली-NCR का मौसम?
दिल्ली-एनसीआर में 21 मई को भी भीषण गर्मी पड़ेगी. आसमान साफ रहेगा लेकिन लू से लोगों का हाल खराब रहेगा. IMD के मुताबिक, दिल्ली में कई जगहों पर लू चलने की संभावना है, कुछ इलाकों में हीटवेव जैसी स्थिति देखने को मिलेगी. दिल्ली में अगले 7 दिन तक के लिए हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट जारी है. दिन में 15 से 25 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से तेज गर्म हवाएं चलने की संभावना है. गुरुवार को दिल्ली में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. अगले 7 दिन तक अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे कुछ ऊपर रह सकता है. मौसम विभाग का कहना है कि 26 मई तक गर्मी से राहत मिलने वाली नहीं है.
दिल्ली में रिज बेस स्टेशन सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सफदरजंग मौसम केंद्र में 44.5 डिग्री, आयानगर में 45 डिग्री, पालम में 44.9 डिग्री और लोधी रोड में 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में भीषण लू और रात से समय गर्मी की स्थिति को देखते हुए अगले तीन दिन के लिए येलो अलर्ट और उसके बाद ऑरेंज के लिए अलर्ट जारी किया है.
कैसा रहेगा बिहार का मौसम?
बिहार में कई जगहों पर 26 मई तक बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है. हालांकि दक्षिण बिहार के 5 जिलों के लिए मौसम विभाग ने हीटवेव का अलर्ट जारी किया है. वहीं पूर्वी और उत्तर बिहार के कई जिलों में आंधी, बारिश और बिजली का येलो अलर्ट जारी है. वहीं पटना समेत बिहार के 27 जिलों में आंधी और बारिश का पूर्वानुमान मौसम विभाग ने जताया है.
PTI फोटो.
कैसा रहेगा हिमाचल का मौसम?
मौसम विभाग ने शिमला और सोलन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में 21 से 23 मई के बीच बिजली चमकने का अनुमान है. 20 मई को हिमाचल प्रदेश में लू जैसी स्थिति बनी रही, जहां मैदानी इलाकों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. वहीं, शिमला में दिन का तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
ये भी पढ़ें-Heat wave in Delhi: दिल्ली में सिर्फ पारा ही नहीं, बिजली की मांग भी हुई बेकाबू; खपत 8,000 मेगावाट के पार













