आकाश आनंद पर मायावती एक बार फिर साधा निशाना, बताया बसपा किसे देगी मौका

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने कहा है कि उनकी पार्टी में काम करने वाले कार्यकर्ताओं और नेताओं को मौका मिलता है. उन्होंने बहुजन समाज के लोगों से एकजुट रहने की अपील की.

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नई दिल्ली:

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने एक बार फिर अपने भतीजे आकाश आनंद को नसीहत दी है. मायावती ने सोमवार को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इसमें उन्होंने आकाश आनंद का नाम लिए बिना कहा कि भाई-बहन और अन्य रिश्ते मेरे लिए सिर्फ बहुजन समाज का एक अंग हैं. उन्होंने कहा कि रिश्ते-नातों के चलते कभी पार्टी को कमजोर नहीं पड़ने दूंगीं. मायावती ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के विरोध में आकाश आनंद को कुछ दिन पहले ही पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था. उनसे पहले उनके ससुर को भी मायावती ने पार्टी से बाहर कर दिया था.  

बसपा में किसे मौका मिलता है

मायावती ने सोमवार को लखनऊ में बसपा कार्यालय पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इसमें उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए जो काम करेगा, उसे आगे बढ़ने का मौका दिया जाएगा. पिछले कुछ समय से बीजेपी और सपा बसपा के खिलाफ साजिशें रच रही हैं.उन्होंने आरोप लगाया कि सपा और बीजेपी आपस में मिले हुए हैं.उन्होंने कहा कि ये दोनों पार्टियां तरह-तरह के हथकंडों से बसपा को कमजोर और खत्म करना चाहती हैं. 

उन्होंने कहा कि 2007 में बसपा यूपी में अपने दम पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी. यह बात जातिवादी पार्टियों के गले के नीचे अभी तक नहीं उतर पाया है.उन्होंने कहा कि इन जातिवादी पार्टियों ने कभी बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के कारवां को कमजोर और खत्म करने का प्रयास किया था, लेकिन बाबा साहेब और कांशीराम ने इनके मंसूबे पूरे नहीं होने दिए.बसपा प्रमुख ने कहा कि वो भी इनके इस मंसूबे को  पूरा नहीं होने देंगी.उन्होंने कहा कि यह मेरा पार्टी के लोगों से वादा है, इसके लिए मुझे अपने बहुजन समाज का हर स्तर पर साथ मिलना भी जरूरी है. ऐसे में अच्छी बात यह है कि बहुजन समाज तन, मन, धन से मेरे साथ है. मायावती ने कहा कि होली और रमजान के बीच देशभर में कार्यकर्ताओं ने कांशीराम की जयंती बनाई. इससे न सिर्फ हमें बल मिला बल्कि कांशीराम के विचार लोगों तक पहुंचे. 

किससे सचेत रहें बहुजन समाज के लोग

उन्होंने कहा कि बसपा सरकार ने ही बहुजन समाज के लोगों को काफी हद तक अपने पैरों पर खड़ा किया. लेकिन जातिवादी पार्टियों के गले के नीचे यह सब अभी तक नहीं उतर पाया है. उन्होंने कहा कि इसलिए अब वे दलित और उपेक्षित वर्गों में से स्वार्थी किस्म के लोगों को आगे कर रहे हैं. उनके जरिए विभिन्न नामों पर अनेक छोटे-छोटे संगठन और पार्टियां बनवाकर बसपा की ताकत को कमजोर करने में लगे हैं. इससे बहुजन समाज के लोगों को सचेत रहने की जरूरत है. यही समय की मांग भी है.

बसपा प्रमुख ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम नरेंद्र मोदी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी समय-समय पर जरूर अपनी गरीबी की बातें किया करते हैं, लेकिन उन्होंने दलित और उपेक्षित वर्गों की तरह कभी भी जातिवादी भेदभाव नहीं सहा होगा. यह सब हमारे संतों, गुरुओं और महापुरुषों ने समय-समय पर सहा और झेला है. उसे अभी भी उनके अनुयायी काफी हद तक झेल रहे हैं. उन्होंने अपनी पार्टी के नेताओं को यह बात अपने बच्चों और युवा पीढ़ी को बताने को कहा. 

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