केदारनाथ गर्भगृह की Viral Reel से मचा बवाल! मंदिर समिति ने शुरू की जांच, कार्रवाई की तैयारी

समिति ने यह भी साफ किया है कि यदि मंदिर समिति या मंदिर व्यवस्था से जुड़े किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ भी नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे.

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फाइल फोटो
Char Dham Yatra Official Site

उत्तराखंड के केदारनाथ धाम से सामने आए एक वायरल वीडियो ने हड़कंप मचा दिया है. सोशल मीडिया पर गर्भगृह के अंदर की कथित रील वायरल होने के बाद बद्री-केदार मंदिर समिति हरकत में आ गई है. समिति ने वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों की पहचान शुरू कर दी है, वहीं नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है.

केदारनाथ धाम में इन दिनों यात्रा चरम पर है और लाखों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर गर्भगृह से जुड़े वीडियो और रील तेजी से वायरल होने लगे हैं. इससे धार्मिक मर्यादा और मंदिर के नियमों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. मामला तब चर्चा में आया जब 'हर्षित किचरा' नाम के एक इंस्टाग्राम हैंडल से गर्भगृह का वीडियो पोस्ट किया गया. देखते ही देखते इस वीडियो को बड़ी संख्या में लोगों ने देखा और शेयर किया.

मामले के सामने आने के बाद बद्री-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने इसे गंभीरता से लिया है. समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा है कि गर्भगृह से संबंधित वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों को चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की निगरानी भी की जा रही है.

वायरल वीडियो का स्क्रीनग्रैब

किसी को बख्शा नहीं जाएगा: मंदिर समिति

समिति के मुताबिक, पूरे मामले के कानूनी और धार्मिक पहलुओं की जांच कराई जा रही है. जांच में यदि मंदिर के नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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समिति ने यह भी साफ किया है कि यदि मंदिर समिति या मंदिर व्यवस्था से जुड़े किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ भी नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे.

लॉकर की व्यवस्था की जाएगी

केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर पहले से ही कई व्यवस्थाएं और प्रतिबंध लागू हैं. श्रद्धालुओं के लिए मोबाइल सुरक्षित रखने की व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी विचार किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि मोबाइल लॉकर जैसी सुविधाओं की योजना पर भी काम किया जा रहा है, ताकि मंदिर परिसर की धार्मिक मर्यादा बनी रहे.

फिलहाल मंदिर समिति यह पता लगाने में जुटी है कि गर्भगृह के वीडियो किस तरह रिकॉर्ड किए गए और मंदिर परिसर से बाहर निकलकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक कैसे पहुंचे. समिति की टीम वायरल कंटेंट की पहचान और उसकी पड़ताल में लगी हुई है.

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गौरतलब है कि इस वर्ष 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे. मौसम की चुनौतियों, लगातार बारिश और भूस्खलन जैसी परिस्थितियों के बावजूद यात्रा जारी है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक 15.18 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं.

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