'जिन बच्चों का जिक्र, वे कभी गुरुकुल आए ही नहीं...' : आशुतोष ब्रह्मचारी के आरोपों पर बोले अविमुक्तेश्वरानंद

अपने मठ में शीश महल और स्विमिंग पूल होने के सवाल पर शंकराचार्य ने कहा, 'हमारा छोटा सा मठ है. उसमें 150 से 200 लोग कैसे रहते हैं यह हम ही लोग जानते हैं. यहां कोई भी गुप्त स्थान, शीश महल अथवा स्विमिंग पूल नहीं है. जब हमारे गुरु जी यहां रहते थे तब उनको डॉक्टर ने व्यायाम करने के लिए कहा था, तब उनके लिए व्यवस्था बनाई गई थी और यह व्यवस्था अब बंद पड़ी हुई है.'

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • शंकराचार्वरानंद ने आशुतोष ब्रह्मचारी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम की धारा 22 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है.
  • शंकराचार्य ने दावा किया कि दो नाबालिग लड़के जो यौन शोषण का आरोप लगाते हैं, वे आशुतोष के पास ही रहते थे.
  • शंकराचार्य ने यौन शोषण के आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि लड़के उनके गुरुकुल में कभी नहीं आए.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
वाराणसी:

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि उन्होंने खुद के ऊपर प्राथमिकी दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है. शंकराचार्य ने यहां संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने पॉक्सो अधिनियम की धारा 22 के तहत आशुतोष ब्रह्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. उन्होंने दावा किया, 'पॉक्सो अधिनियम की धारा 22 में यह प्रावधान है कि अगर कोई आपके खिलाफ फर्जी मुकदमा करता है तो आप भी उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा सकते हैं.'

'वे लंबे समय से आशुतोष के पास ही रह रहे हैं..'

उन्होंने यह भी दावा किया कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने जिन दो नाबालिग लड़कों का यौन शोषण का आरोप लगाते हुए उन पर मुकदमा दर्ज कराया है, वे लंबे समय से आशुतोष के पास ही रह रहे हैं. उन्होंने दोनों लड़कों के मेडिकल परीक्षण में उनके साथ दुष्कर्म की पुष्टि होने का दावा भी किया.

शंकराचार्य ने खुद पर लगे यौन शोषण के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि माघ मेले मेले के दौरान वह सीसीटीवी कैमरा और मीडिया के कैमरे के सामने रहे. उन्होंने कहा कि इसके अलावा जिन लड़कों के यौन शोषण का आरोप लगाया गया है वह कभी उनके गुरुकुल में दाखिल तक नहीं हुए.

'कोई भी गुप्त स्थान, शीश महल अथवा स्विमिंग पूल नहीं'

अपने मठ में शीश महल और स्विमिंग पूल होने के सवाल पर शंकराचार्य ने कहा, 'हमारा छोटा सा मठ है. उसमें 150 से 200 लोग कैसे रहते हैं यह हम ही लोग जानते हैं. यहां कोई भी गुप्त स्थान, शीश महल अथवा स्विमिंग पूल नहीं है. जब हमारे गुरु जी यहां रहते थे तब उनको डॉक्टर ने व्यायाम करने के लिए कहा था, तब उनके लिए व्यवस्था बनाई गई थी और यह व्यवस्था अब बंद पड़ी हुई है.'

अविमुक्तेश्वरानंद ने बुधवार को आरोप लगाया था कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों का राज है, वे आरोप लगाते हैं और जांच को प्रभावित करते हैं. शंकराचार्य ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में अपने फोन पर एक व्हाट्सएप ग्रुप दिखाया और आरोप लगाया कि इसे उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाले आशुतोष पांडेय उर्फ ​​आशुतोष ब्रह्मचारी नाम के एक व्यक्ति ने बनाया है और उस ग्रुप में उनके खिलाफ मामले से जुड़ी जानकारी साझा की जा रही है.

उन्होंने यह भी दावा किया कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने जिन दो नाबालिग लड़कों के यौन शोषण का आरोप लगाते हुए उन पर मुकदमा दर्ज कराया है वह लंबे समय से आशुतोष के पास ही रह रहे हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि दोनों लड़कों के मेडिकल परीक्षण में उनके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई है.

Advertisement

शंकराचार्य ने कहा, 'अगर उन बच्चों के साथ कुछ भी गलत हुआ है, तो यह उनके साथ रहने वालों ने ही किया होगा. हमारा उनसे कोई संपर्क नहीं था. लेकिन अगर कोई कहानी बनाना चाहता है, तो वह कुछ भी बना सकता है.'

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी तथा दो-तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ पिछली 21 फरवरी को प्रयागराज के झूंसी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था.

Advertisement

मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि पिछले साल शंकराचार्य और अन्य आरोपियों ने अपने गुरुकुल और हाल ही में संपन्न माघ मेले सहित धार्मिक सभाओं में एक नाबालिग समेत दो लोगों का यौन शोषण किया था.

ये भी पढ़ें :- अविमुक्तेश्वरानंद की मुश्किलें बढ़ीं, बटुकों की तरफ से लगाए गए आरोप पुलिस जांच में सही पाए गए : सूत्र

Advertisement
Featured Video Of The Day
Avimukteshwaranand की मुश्किलें बढ़ीं, बटुकों की तरफ से लगाए गए आरोप जांच में सही पाए गए : सूत्र