माफिया अतीक अहमद और अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. दोनों को पुलिस मेडिकल के लिए प्रयागराज मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची थी, जहां पर उन्हें गोली मार दी गई. हत्याकांड को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर जोरदार हमला बोला है. पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत सिंह ने घटना की निंदा करते हुए सवाल खड़ा किया है. बीजेपी नेता स्वतंत्र देव सिंह ने ट्वीट कर लिखा है कि पाप-पुण्य का हिसाब इसी जन्म में होता है…
अखिलेश यादव ने ट्वीट किया कि उत्तर प्रदेश में अपराध की पराकाष्ठा हो गयी है और अपराधियों के हौसले बुलंद है. जब पुलिस के सुरक्षा घेरे के बीच सरेआम गोलीबारी करके किसीकी हत्या की जा सकती है तो आम जनता की सुरक्षा का क्या. इससे जनता के बीच भय का वातावरण बन रहा है, ऐसा लगता है कुछ लोग जानबूझकर ऐसा वातावरण बना रहे हैं.
राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत सिंह ने ट्वीट कर सवाल किया है कि क्या यह लोकतंत्र में संभव है?
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने ट्वीट किया है कि
यूपी में दो हत्याएं
1) अतीक अहमद और भाई अशरफ
2) कानून का शासन
सांसद कुंवर दानिश अली ने ट्वीट किया कि संवैधानिक न्याय व्यवस्था की मीडिया के सामने धज्जियाँ उड़ी और लोग तमाशा देख रहे हैं. यह अविश्वसनीय घटना एक बड़ी साज़िश के तहत हुई है. किसी भी अन्य लोकतंत्र में कानून के शासन के ख़िलाफ़ ऐसा जघन्य अपराध होने पर राज्य सरकार बर्ख़ास्त होती लेकिन आज के ‘नये भारत' में यह मुमकिन नहीं है.
मारे गए गैंगस्टर के वकील विजय मिश्रा ने NDTV को बताया कि पत्रकारों की भीड़ में से किसी ने अतीक अहमद और उनके भाई पर बेहद करीब से फायरिंग की. मिश्रा ने कहा कि जब उन्हें गोली मारी गई तो वह उनके साथ खड़े थे. पुलिस की तरफ से अभी तक हत्याकांड पर कोई बयान नहीं जारी किया गया है.घटना के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं जिसमें अतीक अहमद और उनके भाई को पत्रकारों से बात करते हुए देखा जा सकता है, तभी किसी ने सरगना के सिर पर गोली मार दी।. अगले ही पल उसके भाई को भी गोली मार दी गई.