- नगालैंड में ड्यूटी के दौरान जवान की मौत, दिसंबर में होनी थी शादी
- जन्मदिन से पहले शहीद हुए रायगड़ा के वीर सपूत वी. तेजा को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम सलाम
- परिवार कर रहा था शादी की तैयारी, घर पहुंचा तिरंगे में लिपटा बेटा
देश सेवा के लिए घर से निकले एक जवान के सपने अधूरे रह गए. ओडिशा के रायगढ़ जिले के रहने वाले असम राइफल्स के राइफलमैन वी तेजा की नागालैंड में ड्यूटी के दौरान गोली लगने से मौत हो गई. महज दो दिन बाद उनका 31वां जन्मदिन था और दिसंबर में उनकी शादी होने वाली थी. लेकिन उससे पहले ही उनके निधन की खबर ने परिवार, रिश्तेदारों और पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया. पार्थिव शरीर के गृह जिले पहुंचने पर लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरे सम्मान के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी गई.
नागालैंड में ड्यूटी के दौरान हुई मौत
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि 15वीं असम राइफल्स में तैनात राइफलमैन वी तेजा नागालैंड में ड्यूटी कर रहे थे. सोमवार को उन्हें गोली लगने के बाद अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. जवान की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका विस्तृत कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है. सेना की ओर से मामले से जुड़ी प्रक्रिया जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है. 15वीं असम राइफल्स के नायब सूबेदार रविंद्र कुमार नायक ने बताया कि उनकी जिम्मेदारी पार्थिव शरीर को परिवार तक पहुंचाने की थी. उन्होंने कहा कि मौत के कारणों की पूरी जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मिल सकेगी.
जन्मदिन और शादी की तैयारियों के बीच मातम
वी. तेजा के परिवार के लिए यह घटना किसी बड़े सदमे से कम नहीं है. 7 अक्टूबर को उनका जन्मदिन था और परिवार उसकी तैयारियों में जुटा हुआ था. वहीं 10 दिसंबर को उनकी शादी भी तय थी. परिवार के लोग दिवाली पर उनके घर लौटने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही उनके निधन की खबर पहुंच गई. परिजनों ने बताया कि तेजा वर्ष 2022 में सशस्त्र बलों में शामिल हुए थे और देश सेवा को लेकर हमेशा समर्पित रहते थे.
ड्यूटी के दौरान शहीद हुए वी तेजा
रायगढ़ पहुंचा पार्थिव शरीर, उमड़ा जनसैलाब
वी. तेजा का पार्थिव शरीर पहले हेलीकॉप्टर के जरिए विशाखापट्टनम लाया गया. इसके बाद एंबुलेंस से रायगढ़ पहुंचाया गया. पार्थिव शरीर के गृह जिले पहुंचते ही लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. रिश्तेदारों, दोस्तों, पड़ोसियों और आम लोगों ने नम आंखों से अपने वीर बेटे को श्रद्धांजलि दी. रायगढ़ में करीब 10 किलोमीटर लंबी मोटरसाइकिल रैली भी आयोजित की गई. इस दौरान सैकड़ों युवा और स्थानीय नागरिक रैली में शामिल हुए. जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा की और "शहीद जवान अमर रहे" के नारे लगाए. ढोल-नगाड़ों और देशभक्ति के नारों के बीच पूरे शहर ने अपने जवान को अंतिम सलाम किया.
अंतिम दर्शन के दौरान रखी गई तस्वीर में फूल माला
गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई श्रद्धांजलि
रायगढ़ पहुंचने पर जिला कलेक्टर आशुतोष कुलकर्णी और पुलिस अधीक्षक समेत कई अधिकारियों ने जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की. असम राइफल्स और प्रशासन की ओर से वी. तेजा को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई की तैयारियां की गईं. जिला प्रशासन ने बताया कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया बुधवार सुबह शुरू की जानी थी, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना थी.
अंगदान का संकल्प लिया था
अंगदान का संकल्प भी कर गए पूरा
वी. तेजा की जिंदगी से जुड़ा एक प्रेरणादायक पहलू भी सामने आया है. जानकारी के अनुसार करीब दो वर्ष पहले उन्होंने अंगदान का संकल्प लिया था. उनके निधन के बाद स्थानीय अस्पताल ने उनकी इच्छा के अनुरूप अंगों को सुरक्षित संरक्षित करने की प्रक्रिया पूरी की. परिजनों का कहना है कि देश सेवा के साथ-साथ दूसरों की जिंदगी बचाने की सोच भी तेजा के व्यक्तित्व का हिस्सा थी.
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने वी. तेजा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'नागालैंड में ड्यूटी पर तैनात 15वीं असम राइफल्स के बहादुर सैनिक राइफलमैन वी. तेजा के असामयिक निधन की खबर से मुझे गहरा दुख हुआ है. मातृभूमि की सेवा में उनका सर्वोच्च बलिदान और समर्पण हमेशा हमारी स्मृतियों में अंकित रहेगा.' उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए भगवान जगन्नाथ से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की. वहीं विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वी. तेजा ने देश की रक्षा करते हुए अद्वितीय साहस और बलिदान का परिचय दिया.
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