- गुवाहाटी में लगातार सात से आठ घंटे तक हुई भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए, जनजीवन प्रभावित हुआ
- कई इलाकों में जलभराव के कारण यातायात बाधित हुआ और लोगों को आने-जाने में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा
- मौसम विभाग ने गुवाहाटी के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, अगले 24 घंटे में भी गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहेगी
भगवान तेरी कैसी माया, कहीं धूप-कहीं छाया... देश में इस वक्त दो तरह का मौसम है. एक तरफ इतनी भीषण गर्मी है कि लोगों की हालत पस्त हो रही है. चुभती धूप और लू का कहर गर्मी के तेवर बता रहा है तो दूसरी ओर असम का सबसे बड़ा नगर गुवाहाटी है, जहां इतनी बारिश हो रही है कि लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है. सड़कें जलमग्न हैं और स्कूलों को एहतियातन बंद कर दिया गया है. सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त‑व्यस्त हो गया है. गुवाहाटी में बाढ़ जैसे हालात के चलते लोगों को आने‑जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
7-8 घंटे की बारिश से बने बाढ़ जैसे हालात
असम के गुवाहाटी में मानो मॉनसून पहले ही आ गया हो.इस सीजन की पहली बाढ़ से त्रस्त लोगों का पूरा जीवन अस्त‑व्यस्त हो गया है. लगातार करीब 7–8 घंटे तक हुई तेज बारिश ने शहर को थाम‑सा दिया है. इसके चलते चांदमारी, नवीन नगर, रुक्मिणी नगर, जू रोड, गणेशगुड़ी, हाथीगांव और बेलटोला सर्वे जैसे कई इलाकों में गंभीर जलभराव हो गया. इन इलाकों में से कई जगहों पर सुबह तक भी पानी भरा हुआ है, जिससे लोगों को आने‑जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थिति पर प्रशासन नजर बनाए हुए है और हालात सामान्य करने की कोशिशें की जा रही हैं.
गुवाहाटी को बारिश से राहत कब?
गुवाहाटी के लिए अगले 24 घंटे भी अहम हैं. गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा. मौसम विभाग ने शहर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. 22 अप्रैल से 26 अप्रैल तक भी कमोबेश ऐसा ही मौसम रहने वाला है. बारिश की रफ्तार घटेगी पर राहत जल्द नहीं मिलने वाली. अधिकत तापमान इस दौरान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री पर रहेगा.
बाढ़ ने रोक दी शहर की रफ्तार, फूटा लोगों का गुस्सा
जलभराव के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.कई मुख्य सड़कें घुटनों तक पानी में डूब गईं, जिससे वाहन बीच रास्ते में फंस गए और भीषण ट्रैफिक जाम लग गया. दफ्तर जाने वाले लोगों को खासतौर पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा, क्योंकि जलमग्न इलाकों में परिवहन के साधन उपलब्ध नहीं थे.शहर के निचले इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, जिससे एक बार फिर भारी बारिश के दौरान गुवाहाटी की ड्रेनेज व्यवस्था की कमजोरी सामने आ गई. कई जगहों पर लोग सावधानी से पानी भरी सड़कों से गुजरते दिखे, जहां हल्की स्ट्रीट लाइट की रोशनी पानी से भरी सड़कों पर चमक रही थी.
इस बीच, रविवार देर रात मालिगांव इलाके में एक महिला की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि तेज बारिश के दौरान वह खुले मैनहोल में फिसलकर गिर गई, जिससे यह हादसा हुआ. एक स्थानीय निवासी ने गुस्सा जताते हुए कहा, “जलभराव का कोई स्थायी समाधान नहीं है.लोगों को काम पर जाने में भारी दिक्कत हो रही है और मजबूरी में कैब और रिक्शा जैसे महंगे साधनों पर अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ रहा है.”
एक अन्य स्थानीय निवासी ने बताया कि कूड़े का गलत तरीके से निपटान भी इस समस्या को बढ़ा रहा है. उन्होंने कहा,
“लोग नालियों में प्लास्टिक कचरा फेंक देते हैं, जिससे नालियां जाम हो जाती हैं. सरकार ने विकास कार्य जरूर किए हैं, लेकिन इसके साथ‑साथ लोगों में जागरूकता और जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है.” फिलहाल प्रशासन की ओर से आगे के किसी ठोस कदम की घोषणा नहीं की गई है. वहीं, भारी बारिश और जलभराव के बाद की स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय लोग अब भी संघर्ष कर रहे हैं.
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