Congress Pawan Khera Case: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं. असम सरकार ने तेलंगाना हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी है, जिसमें खेड़ा को एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी गई थी. असम सरकार की इस याचिका ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है. पूरा मामला तेलंगाना हाईकोर्ट के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें कोर्ट ने पवन खेड़ा को राहत देते हुए एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत मंजूर की थी. हाईकोर्ट का उद्देश्य खेड़ा को इतना समय देना था कि वह संबंधित निचली अदालत में जाकर अपनी नियमित जमानत याचिका दायर कर सकें.
किस मामले में असम सरकार ने की अपील?
असम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में तेलंगाना HC के उस आदेश के खिलाफ अपील की है जिसमें CM हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी शर्मा के खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर असम में दर्ज एक केस के सिलसिले में पवन खेड़ा को एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी गई थी. असम सरकार का तर्क है कि पवन खेड़ा के खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर हैं और उन्हें इस तरह की राहत नहीं मिलनी चाहिए.
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