- सूरत के अमरोली इलाके में हामिदाखातून नामक महिला की हत्या का सनसनीखेज मामला क्राइम ब्रांच ने सुलझाया है.
- महिला के छोटे बेटे मोहम्मद परवेज आलम ने उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी और बाद में हत्या सामने आई.
- जांच में पता चला कि हत्या में महिला के बेटे मोहम्मद परवेज और बहू सबाना का प्रेम संबंध था और वे आरोपी हैं.
सूरत के अमरोली इलाके में सामने आए एक सनसनीखेज महिला हत्याकांड का क्राइम ब्रांच ने खुलासा कर दिया है. 10 मार्च की सुबह हामिदाखातून मोहम्मद युसुफ मंसूरी नाम की महिला घर से यह कहकर निकली थी कि वह बाजार में कपड़े लेने जा रही है, लेकिन इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटी. काफी देर तक महिला के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की. इसी दौरान मृतका के छोटे बेटे मोहम्मद परवेज आलम ने अमरोली पुलिस स्टेशन में अपनी मां के गुमशुदा होने की शिकायत दर्ज कराई थी.
मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब अगले दिन कोसाड़ आवास इलाके में हनुमान मंदिर की दीवार के पास एक प्लास्टिक के बोरे में बंधी हालत में महिला का शव बरामद हुआ. बोरे में महिला की लाश मिलने की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई. सूचना मिलते ही अमरोली पुलिस और सूरत क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी.
इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने के लिए क्राइम ब्रांच ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी जांच के आधार पर संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी. साथ ही उस बिल्डिंग में रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की गई जहां मृतका रहती थी. जांच के दौरान पुलिस का शक धीरे-धीरे मृतका के ही परिवार के लोगों पर गया.
इसके बाद पुलिस ने मृतका के छोटे बेटे मोहम्मद परवेज आलम और बड़े बेटे की पत्नी सबाना को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पूछताछ के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि सबाना और मोहम्मद परवेज के बीच प्रेम संबंध थे. मृतका हामिदाखातून अक्सर दोनों को उनके रिश्ते और फिजूल खर्च को लेकर टोकती रहती थी, जिससे नाराज होकर दोनों ने महिला को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इस साजिश में सबाना के पिता फिरोज आलम को भी शामिल किया गया था. आरोप है कि फिरोज आलम बिहार से सूरत आया और तीनों ने मिलकर घर के अंदर ही हामिदाखातून की गला दबाकर हत्या कर दी. हत्या के बाद शव को प्लास्टिक के बोरे में भरकर कोसाड़ आवास के पास फेंक दिया गया ताकि किसी को शक न हो सके.
वारदात को अंजाम देने के बाद फिरोज आलम ट्रेन के जरिए बिहार फरार हो गया था. हालांकि सूरत क्राइम ब्रांच ने बिहार पुलिस के सहयोग से उसे भी गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और इस पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है.
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