केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि गुरुवार को झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में शीर्ष नेता अनल समेत 16 माओवादी मारे गए. इनपर करोड़ों रुपये का इनाम साथ. साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलियों से हिंसा की विचारधारा त्यागने और मुख्यधारा में शामिल होने की एक बार फिर से अपील की. अमित शाह ने कहा झारखंड में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और राज्य पुलिस के संयुक्त अभियान में एक शीर्ष माओवादी सहित 16 नक्सलियों को मार गिराया गया. पतिराम मांझी उर्फअनल दा पर 2.35 करोड़ रुपये का इनाम था. इस अभियान में पांच महिला नक्सली भी मारी गई हैं.
"नक्सलमुक्त अभियान को मिली सफलता"
शाह ने ‘एक्स' पर कहा “आज पश्चिमी सिंहभूम में सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस द्वारा चल रहे एक संयुक्त अभियान में... कुख्यात इनामी नक्सली सेंट्रल कमेटी मेंबर 'अनल उर्फ पतिराम मांझी' और 15 अन्य नक्सलियों के अब तक मुठभेड़ से नक्सलमुक्त अभियान को बड़ी सफलता मिली.” उन्होंने शेष माओवादियों से हिंसा, आतंक और हथियारों से जुड़ी अपनी विचारधारा को त्यागने और विकास और विश्वास की मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की.
शाह ने कहा “ दशकों से भय और आतंक के पर्याय रहे नक्सलवाद को हम 31 मार्च 2026 से पहले समाप्त करने के लिए संकल्पित हैं.” अधिकारियों ने बताया कि किरीबुरु थाना क्षेत्र के अंतर्गत सारंडा वन के कुमडी इलाके में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कोबरा इकाई के लगभग 1,500 जवान इस अभियान में लगे हुए थे. उन्होंने इसे राज्य में माओवाद विरोधी सबसे बड़े अभियानों में से एक बताया है.
"11 की पहचान हो चुकी है"
सीआरपीएफ के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) साकेत कुमार सिंह ने बताया, “हमने माओवादियों के शव बरामद किए हैं, जिनमें उनका शीर्ष नेता पतिराम मांझी उर्फ अनल दा भी शामिल है, जिस पर 2.35 करोड़ रुपये का इनाम था. मुठभेड़ सात घंटे तक चली और उसके बाद देर शाम तक रुक-रुक कर गोलीबारी जारी रही. 15 शवों में से 11 की पहचान हो चुकी है और शेष चार माओवादियों की पहचान जारी है.”
सिंह ने कहा, 'झारखंड में मुठभेड़ के बाद 15 माओवादियों के शव बरामद होने का यह पहला मामला हैय इससे पहले, अधिकतम संख्या आठ थी.'














