- महाराष्ट्र में शरद पवार और अजित पवार के NCP के विलय की तारीख 12 फरवरी तय हुई थी, लेकिन अब ऐसा संभव नहीं है
- अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई
- रोहित पवार ने अजित पवार के विमान हादसे को साजिश करार देते हुए सीबीआई और विदेशी एजेंसियों से जांच की मांग की है
महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा बहुत तेज रही है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानि एनसीपी के दोनों धड़ों का विलय हो जाएगा. इस पर शरद पवार और स्व. अजित पवार के बीच पहले बातचीत पूरी हो चुकी थी और यह भी तय हो गया था कि 12 फ़रवरी यानी आज के दिन दोनों पार्टियां एक हो जातीं.मगर विमान हादसे में अजित पवार की मृत्यु के बाद अब बदली हुई परिस्थिति में यह संभव होता नहीं दिख रहा है.इसकी सबसे बड़ी वजह है दोनों एनसीपी की राह अब अलग अलग हो चुकी है.ये बात किसी को मालूम नहीं कि अजित पवार के रहते यदि दोनों धड़े एक हो जाते तो शरद पवार की क्या भूमिका होती. क्या वे एनडीए का हिस्सा बनने के लिए तैयार थे या पार्टी अजित पवार के हवाले करके शरद पवार सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लेते? क्योंकि उनका राज्यसभा का कार्यकाल दो महीने में खत्म हो रहा है और उन्होंने पहले ये कहा था कि अब वो राज्यसभा में भी नहीं आना चाहते हैं.
मगर अजित पवार के ना रहने की वजह से सब बदल गया है.उनके गुजरने के चार दिन के भीतर ही उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई.जिस पर शरद पवार ने कहा था कि उन्हें इसके बारे में कोई सूचना नहीं थी.आखिरकार ये सब इतनी जल्दबाजी में क्यों किया गया इसका कोई जवाब किसी के पास नहीं है.इसका मतलब है कि पर्दे के पीछे काफी कुछ चल रहा है.
अब ये भी चर्चा है कि शरद पवार फिर से राज्यसभा में आएं. हालांकि, उनके पास वहां विधायक नहीं हैं मगर वे महाविकास आघाडी के संयुक्त उम्मीदवार हो सकते हैं. NDTV से एक खास बातचीत में एनसीपी पवार गुट की नेता सुप्रिया सुले ने कहा कि जब अजित दादा ही नहीं रहे तो अब दोनों पार्टियों के विलय की क्या चर्चा करना.हालांकि वो मानती हैं कि आज ही के दिन यानी 12 फरवरी की तारीख तय हुई थी शरद पवार और अजित पवार के बीच विलय के लिए.मगर अब जो हालात बने हैं उसके बाद दोनों एनसीपी के नेताओं से बातचीत के बाद यही निष्कर्ष निकलता है कि अब ये विलय टल गया है,कब होगा पता नहीं.
दूसरी ओर शरद पवार गुट के नेता और विधायक रोहित पवार जो शरद पवार के पोते भी हैं पिछले दो दिनों से दिल्ली में थे. उन्होंने दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस की और नेशनल मीडिया के सामने अजित पवार के विमान दुर्घटना से संबंधित कुछ तथ्यों को रखा और उनका कहना है कि ये हादसा नहीं साजिश है और इसकी सीबीआई के साथ विमान दुर्घटना की जांच करने वाली विदेशी एजेंसियों से जांच करवाई जाए.
रोहित पवार को भी लगता है कि दोनों दलों के बीच विलय की बात अब पीछे छूट गई है.लेकिन सबको मालूम है कि इस बारे में अंतिम फैसला शरद पवार को ही करना होगा,अभी उनकी तबियत ठीक नहीं हैं वो पूणे के एक अस्पताल में हैं जब वो स्वस्थ होंगे तभी पता चल पाएगा कि वो अब इस विलय के बारे में क्या सोचते हैं.
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