किस बात से खफा हैं ऐश्वर्या राय? दिल्ली हाईकोर्ट का खटखटाया दरवाजा

Aishwarya Rai: ऐश्वर्या राय ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से उनके व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा करने और लोगों को अनधिकृत रूप से उनके नाम, तस्वीरों और एआई निर्मित अश्लील सामग्री का उपयोग करने से रोकने का आग्रह किया.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
ऐश्वर्या राय बच्चन ने खटखटाया दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • ऐश्वर्या राय ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक वेबसाइट द्वारा उनकी तस्वीरों का गैरकानूनी उपयोग करने का आरोप लगाया है.
  • वेबसाइट पर एआई जनरेटेड और उनकी वास्तविक तस्वीरों का इस्तेमाल कर उत्पाद बेचने से उनकी छवि प्रभावित हो रही है.
  • न्यायमूर्ति तेजस करिया ने प्रतिवादियों को चेतावनी देते हुए अंतरिम आदेश जारी करने का संकेत दिया है.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्‍ली:

बॉलीवुड एक्‍ट्रेस ऐश्वर्या राय बच्‍चन ने दिल्‍ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. ऐश्वर्या राय का आरोप है कि एक वेबसाइट उनकी तस्‍वीरों और एआई जनरेटेड तस्वीरों का इस्तेमाल कर अपने प्रोडक्‍ट्स बेच रही हैं, जो कानूनन अपराध है. इससे उनकी छवि प्रभावित हो रही है.  

न्यायमूर्ति तेजस करिया ने मौखिक रूप से संकेत दिया कि वह प्रतिवादियों को चेतावनी देते हुए एक अंतरिम आदेश पारित करेंगे. ऐश्वर्या राय की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी ने कहा कि अभिनेत्री अपने प्रचार और व्यक्तिगत अधिकारों का इस्तेमाल करना चाहती हैं. उन्होंने तर्क दिया कि कुछ पूरी तरह से अवास्तविक अंतरंग तस्वीरें इंटरनेट पर अपलोड की जा रही हैं. 

ऐश्वर्या राय के वकील सेठी ने तर्क दिया, 'उनकी (राय) तस्वीर, पसंद या व्यक्तित्व का उपयोग करने का आरोपियों के पास कोई अधिकार नहीं हो सकता. एक शख्‍स केवल मेरे नाम और चेहरे से पैसे बना रहे हैं. उनका नाम और पसंद किसी की यौन इच्छाओं की पूर्ति के लिए इस्तेमाल की जा रही है. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है.'

ऐश्वर्या राय की ओर से पैरवी करने वाले अधिकवक्ताओं में प्रवीन आनंद और ध्रुव आनंद भी शामिल हैं. हाई कोर्ट ने मामले को आगे की कार्यवाही के लिए सात नवंबर को संयुक्त रजिस्ट्रार के समक्ष और 15 जनवरी 2026 को अदालत के समक्ष सूचीबद्ध किया है.
 

Advertisement
Featured Video Of The Day
West Bengal Election 2026: मालदा में बवाल, जज तक सुरक्षित नहीं? Mamata Banerjee Vs Amit Shah