भारत की छवि खराब करने वालों को किसान राजनीतिक जवाब दें: कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान

पूसा कृषि विज्ञान मेले में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि भारत की छवि खराब करने वालों को किसान राजनीतिक जवाब दें.

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  • शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रीय पूसा कृषि विज्ञान मेले के पहले दिन कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला
  • भारत‑EU मुक्त व्यापार समझौते से भारतीय कृषि को नए वैश्विक बाजारों में पहुंच बढ़ाने की उम्मीद व्यक्त की गई
  • पूसा कृषि विज्ञान मेले को शिवराज सिंह चौहान ने किसानों का राष्ट्रीय महाकुंभ बताया
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नई दिल्ली:

राष्ट्रीय पूसा कृषि विज्ञान मेले के पहले दिन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और कहा कि भारत की छवि खराब करने वालों को किसान राजनीतिक जवाब दें. उनका इशारा इंडिया AI इंपैक्ट समिट में युवा कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन की ओर था, जिसे सरकार ने हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला कदम बताया है.

भुगतान में देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी: कृषि मंत्री

चौहान ने कहा कि सरकार कृषि सुधारों को “विकसित कृषि-आत्मनिर्भर भारत” के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ा रही है. उन्होंने घोषणा की कि किसानों का पैसा रोकने पर कोई भी एजेंसी या राज्य सरकार 12% ब्याज चुकाएगी. उन्होंने कहा कि भुगतान में देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और केंद्र अपने हिस्से का पैसा सीधे किसान के खाते में भेजने की व्यवस्था बनाने पर काम कर रहा है.

खाद पर दी जाने वाली भारी सब्सिडी का ज़िक्र करते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि देश में हर साल लगभग दो लाख करोड़ रुपये की खाद सब्सिडी दी जाती है. उन्होंने सुझाव दिया कि इस सब्सिडी को सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के ज़रिये भेजने पर भी विचार किया जाना चाहिए ताकि किसान यह तय कर सकें कि किस उर्वरक की कितनी मात्रा उन्हें खरीदनी है.

पूसा स्थित आईसीएआर–आईएआरआई परिसर में आयोजित इस मेले के उद्घाटन के दौरान कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी, आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट, और आईएआरआई के निदेशक डॉ. सी.एच. श्रीनिवास राव मौजूद रहे. चौहान ने मंच पर किसानों को आगे बैठाकर और एक दिव्यांग किसान की व्हीलचेयर स्वयं चलाकर यह संदेश दिया कि नीति‑निर्माण का केंद्र किसान ही है. कार्यक्रम में सात किसानों को आईएआरआई कृषि अध्येता पुरस्कार भी प्रदान किए गए.

सही किसानों तक लाभ पहुंचाना उद्देश्य: शिवराज सिंह चौहान

कृषि यंत्रीकरण, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम, पाली हाउस और ग्रीन हाउस जैसी तकनीकों पर बात करते हुए चौहान ने कहा कि केवल पैसा भेजना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ज़रूरी है कि लाभ सही किसानों तक पहुंचे. उन्होंने उदाहरण दिया कि एक जिले में 700 किसानों के नाम सूची में थे, लेकिन 158 किसानों को ही मशीनें मिल सकीं, जबकि बाकी रह गए. उन्होंने कहा कि इसके लिए मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया जाएगा.

शिवराज चौहान ने केवीके की भूमिका बढ़ाने की बात करते हुए कहा कि 52 वैज्ञानिक टीमों को गांव‑गांव भेजा जाएगा ताकि किसान तक नई तकनीकें, बीज, कीट‑रोग प्रबंधन और एक्सपोर्ट क्वालिटी किस्मों की जानकारी समय पर पहुंचे. उन्होंने कहा कि भारत‑EU FTA और अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों से यूरोपीय संघ और अमेरिका जैसे नए बाजारों में भारतीय कृषि को बड़ी पहुंच मिलेगी. विपक्ष पर हमला जारी रखते हुए चौहान ने कहा कि वैश्विक कार्यक्रमों में “अनुचित प्रदर्शन” करके भारत को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, और किसानों से अपील की कि वे ऐसे प्रयासों को राजनीतिक जवाब दें.

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