- बिहार में चुनाव नतीजों के बाद दलों में समीक्षा बैठकों का दौर जारी है और हार के कारणों पर मंथन हो रहा है
- बताते हैं, दिल्ली में कांग्रेस की समीक्षा बैठक में कई नेताओं ने "एकला चलो" की नीति अपनाने पर जोर दिया
- आरजेडी ने भी तंज कसा है कि कांग्रेस को बिहार में जो भी सीटें या वोट मिला, वो आरजेडी की वजह से ही मिला
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन के दलों के बेहद खराब प्रदर्शन के साइड इफेक्ट सामने आने लगे हैं. राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस पार्टी के बीच तल्खियां बढ़ती नजर आ रही हैं. दोनों दलों के नेता एक-दूसरे को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं. कांग्रेस में फिर से एकला चलो की आवाज उठने लगी है. इस पर आरजेडी ने भी प्रतिक्रिया दी है. उधर बीजेपी ने भी तंज कसा है.
महागठबंधन की करारी हार के साइड इफेक्ट
बिहार के हालिया विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में शामिल आरजेडी ने 143 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन 25 सीटों पर ही जीत हासिल कर पाई. वहीं कांग्रेस के उम्मीदवार तो महज छह सीटें ही अपने नाम कर सके. इनके अलावा महागठबंधन में शामिल मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी का खाता तक नहीं खुल पाया.
कांग्रेस की समीक्षा बैठक में एकला चलो के सुर
चुनाव नतीजों के बाद सभी दल समीक्षा बैठकों के जरिए हार के कारणों पर विचार मंथन कर रहे हैं. आरजेडी जहां पटना में प्रमंडलवार बैठक करके खराब प्रदर्शन के कारण खोज रही है, वहीं कांग्रेस के नेता दिल्ली में समीक्षा बैठक कर रहे हैं.
बताया जा रहा है कि दिल्ली में कांग्रेस की समीक्षा बैठक में कई नेताओं ने "एकला चलो" की नीति अपनाने और संगठन की मजबूती पर जोर दिया दिया. कई नेताओं ने चुनाव में दोस्ताना संघर्ष को भी हार का जिम्मेदार बताया.
आरजेडी ने तंज कसा, हमारी वजह से वोट मिले
उधर आरजेडी के नेता कांग्रेस के साथ गठबंधन तोड़कर "एकला चलो" को लेकर तंज कस रहे हैं. राजद के बिहार अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कहा कि कांग्रेस ने इस चुनाव में जो भी सीटें जीती हैं या जो भी वोट मिला है, वह आरजेडी की वजह से ही मिला है.
उन्होंने कहा कि बिहार में आरजेडी का ही जनाधार है, यह बात कांग्रेस भी जानती है. हालांकि उनका कहना था कि चुनाव में गठबंधन के प्रदर्शन को लेकर अभी बहुत कुछ कहना जल्दबाजी होगी. वैसे कोई अकेले चलना चाहेगा तो उसे रोका नहीं जा सकता है.
कांग्रेस के संगठन मजबूत किए जाने को लेकर आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह अच्छी बात है. कांग्रेस अपनी ताकत का विश्लेषण कर चुकी है. बता दें कि सोमवार से बिहार विधानसभा के सत्र की शुरुआत हो रही है, जिसमें सभी नए विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी.
रूडी बोले, देश भर में कांग्रेस पर संकट
इधर बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि ऐसा लगता है देशभर में कांग्रेस पर संकट आने वाला है. आरजेडी और कांग्रेस पार्टी के बीच अनबन की अटकलों और कांग्रेस सांसदों के बीजेपी-जेडीयू में आने की चर्चाओं पर इस बीच बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि हमारी कोई उत्सुकता नहीं कि कोई पार्टी टूटे.
रूडी ने आगे कहा कि अगर पार्टियां टूटती हैं तो यह उनका संकट है. मुझे तो ऐसा संकट लग रहा है कि बिहार की राजनीति के बाद देश में भी कांग्रेस पार्टी के लिए संकट पैदा न हो जाए.













