बंगाल के मालदा के आदिनाथ मंदिर की कहानी क्या है? BJP सांसद बोले- मस्जिद बताने की हो रही कोशिश   

भट्टाचार्य ने कहा कि 1865-67 के दौरान मालदा के कलेक्टर ने उपलब्ध साक्ष्यों का दस्तावेजीकरण किया था, जो इस स्थल के हिंदू मंदिर होने का संकेत देते हैं.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
नई दिल्ली:

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सदस्य सामिक भट्टाचार्य ने शुक्रवार को राज्यसभा में केंद्र सरकार से आग्रह किया कि पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में स्थित प्राचीन आदिनाथ हिंदू मंदिर की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, इसे टिकट लेकर देखे जाने वाला स्मारक घोषित किया जाए और वहां मौजूद कलाकृतियों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जाएं. शून्यकाल के दौरान मुद्दा उठाते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को मंदिर की ऐतिहासिक उत्पत्ति की विस्तृत जांच करनी चाहिए. मंदिर में गणेश प्रतिमा, शिवलिंग, लक्ष्मी प्रतिमा समेत अन्य धरोहरें हैं.

यह भी पढ़ें: अदीना मस्जिद नहीं आदिनाथ मंदिर... क्रिकेटर और नेता युसूफ पठान को बीजेपी का जवाब, जानिए पूरा मामला

उन्होंने कहा कि हम सरकार से आग्रह करते हैं कि मालदा के आदिनाथ मंदिर को संरक्षित किया जाए और इसे टिकट लेकर देखे जाने वाला स्मारक घोषित किया जाए.पश्चिम बंगाल से राज्यसभा सदस्य और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि कुछ लोग इसे मस्जिद बताने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि वहाँ से पूर्व-स्थित हिंदू मूर्तियों के अवशेष मिले हैं, इसलिए उचित अध्ययन आवश्यक है.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शब-ए-बारात के अवसर पर कुछ असामाजिक तत्वों ने मंदिर पर पथराव किया तथा कहा कि ऐसे प्रयास बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. हम अपनी इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर को मिटने नहीं दे सकते। यह लड़ाई देश की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा की लड़ाई है.भट्टाचार्य ने बताया कि जीतू संथाल ने मालदा जिले के पंड़ुआ में स्थित इस मंदिर स्थल को पुनर्स्थापित करने के लिए संघर्ष किया था.

भट्टाचार्य ने कहा कि 1865-67 के दौरान मालदा के कलेक्टर ने उपलब्ध साक्ष्यों का दस्तावेजीकरण किया था, जो इस स्थल के हिंदू मंदिर होने का संकेत देते हैं. तृणमूल कांग्रेस के एक नेता की मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद' बनाने की हालिया कथित घोषणा का उल्लेख करते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि ऐसा कोई कदम न तो उठाया जा सकता है और न ही इसकी अनुमति दी जाएगी. 

Featured Video Of The Day
Syed Suhail | UGC के नए नियमों पर घमासान, Shankaracharya Controversy पर ब्राह्मण Vs ठाकुर?
Topics mentioned in this article