- भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शर्टलेस प्रदर्शन किया था.
- कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार से जवाबदेही मांगना देशद्रोह नहीं माना है.
- सिंघवी ने कहा कि बिना बल प्रयोग के प्रदर्शन करना अपराध नहीं है और लोकतंत्र में सवाल करना ताकत है.
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'एआई इम्पैक्ट समिट' (AI Impact Summit) के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए शर्टलेस (अर्धनग्न) प्रदर्शन ने एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है. इस विरोध प्रदर्शन के बाद संगठन के खिलाफ की जा रही कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर कांग्रेस अब आक्रामक रुख अपना रही है. इसी कड़ी में कांग्रेस सांसद और देश के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा. उन्होंने कहा कि सरकार से जवाबदेही मांगना देशद्रोह या आतंकवाद नहीं हो सकता है.
अभिषेक मनु सिंघवी ने यूथ कांग्रेस नेताओं पर लगी धाराओं पर सवाल उठाए और कहा कि प्रदर्शन के तरीके पर अलग राय हो सकती है. लेकिन सरकार से जवाबदेही की मांग करना देशद्रोह या आतंकवाद, कैसे हो सकता है? बिना किसी बल प्रयोग के टी शर्ट उतार कर नारे लगाना अपराध कैसे हो सकता है? क्या यूथ कांग्रेस को उनके बेडरूम में प्रदर्शन करना चाहिए? सवाल पूछना लोकतंत्र की कमजोरी नहीं ताकत है.
सिंघवी ने यूथ कांग्रेस की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सरकार के आक्रमणकारी तरीके का डट कर सामना किया. कई वरिष्ठ वकील हमारी मदद के लिए सामने आए हैं. उम्मीद है कि कोर्ट लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में इस मामले को देखेगा. सरकार ने संतुलन खो दिया है. जितना वो इसे सनसनीखेज तरीके से दबाने की कोशिश करेंगे, उतना युवाओं की आवाज आगे बढ़ेगी.
एनसीईआरटी मामले पर सिंघवी ने कहा, ऐसा नहीं है कि न्यायपालिका से सवाल नहीं पूछ सकते. लेकिन जिस सेलेक्टिव तरीके से न्यायपालिका को निशाना बनाया गया है, वो सही नहीं है. इसको लेकर सीजेआई ने भी अपनी बात कही है.
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