- एयरबस ने A320 विमानों में फ्लाइट कंट्रोल से जुड़ा महत्वपूर्ण डेटा प्रभावित होने का अलर्ट जारी किया है.
- DGCA ने एयरबस A318 से A321 तक के मॉडल में लगे EAC को बदलने का आदेश जारी किया है.
- भारत में एयर इंडिया, इंडिगो और एयर इंडिया एक्सप्रेस के करीब 338 विमानों पर इस बदलाव का असर पड़ेगा.
एयरबस ने सोलर रेडिएशन के कारण A320 विमानों में फ्लाइट कंट्रोल से जुड़ा महत्वपूर्ण डाटा प्रभावित होने का अलर्ट जारी किया है. इसके बाद DGCA ने एयरबस A318 से A321 तक के कई मॉडलों में मौजूद EAC यानी एलेवेटर ऐलेरॉन कंप्यूटर को बदलने का आदेश जारी किया है. यूरोपीय विमानन सुरक्षा एजेंसी के नए सुरक्षा निर्देशों के आधार पर यह आदेश जारी किया गया है. DGCA ने कहा है कि एयर इंडिया, इंडिगो और एयर इंडिया एक्सप्रेस के करीब 338 विमानों पर असर पड़ेगा. साथ ही जानकारी दी है कि अब तक बड़ी संख्या में विमानों का सॉफ्टवेयर अपडेट हो चुका है और 30 नवंबर की सुबह तक अपडेट का काम पूरा हो जाएगा.
एयरबस A320 विमानों में संभावित तकनीकी खतरे के बाद यूरोपीय विमानन सुरक्षा एजेंसी यूरोपीय यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी (European Union Aviation Safety Agency) ने तुरंत नया सुरक्षा निर्देश जारी किया है. EASA के अनुसार हाल ही में एक एयरबस A320 विमान में अचानक बिना आदेश के पिच-डाउन की घटना हुई थी. हालांकि ऑटोपायलट चालू रहा और विमान सुरक्षित रहा, लेकिन जांच में संकेत मिले कि इस घटना का कारण एलेवेटर ऐलेरॉन कंप्यूटर नामक एक महत्वपूर्ण कंप्यूटर में खराबी हो सकती है.
EASA के निर्देशों में क्या कहा गया?
- एजेंसी का कहना है कि यदि इस खराबी को तुरंत ठीक नहीं किया गया, तो भविष्य में विमान की पूंछ वाले हिस्से (एलिवेटर) में अनचाहा मूवमेंट हो सकता है, जो विमान की सुरक्षा और संरचना के लिए जोखिम पैदा कर सकता है.
- इसी वजह से EASA ने सभी एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि प्रभावित एयरबस A319, A320 और A321 मॉडल के विमानों में लगे पुराने ELAC-B L104 कंप्यूटर को तुरंत हटाकर सुरक्षित मॉडल से बदला जाए. यह काम अगली उड़ान से पहले अनिवार्य रूप से किया जाना है.
- जरूरत पड़ने पर विमान को खाली अधिकतम तीन फ्लाइट साइकल के लिए दूसरे एयरपोर्ट तक ले जाने की अनुमति दी गई है, ताकि सिस्टम बदला जा सके.
- EASA ने यह भी साफ कर दिया है कि बदलाव के बाद कोई भी एयरलाइन पुराना, प्रभावित कंप्यूटर दोबारा इंस्टॉल नहीं कर सकती है. यह निर्देश 29 नवंबर 2025 से तुरंत प्रभाव में लागू है.
DGCA के क्या हैं आदेश?
- नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (Directorate General of Civil Aviation) ने भी यह बदलाव भारत में संचालित विमानों पर लागू किया है. यह आदेश एयरबस A318, A319, A320 और A321 के बहुत बड़े रेंज वाले मॉडलों पर लागू है और इसमें लगभग सभी सीरियल नंबर शामिल हैं, जिन ऑपरेटरों के पास ये विमान हैं, उन्हें EAC बदलना अनिवार्य है.
- ऑपरेटरों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जब तक बदलाव नहीं होता, तब तक विमान का संचालन न किया जाए. ऑपरेटरों को DGCA के नियमों के अनुसार अपनी Airworthiness Procedure Manual में भी यह बदलाव दर्ज करना होगा.
- DGCA ने साफ तौर पर कहा है कि सभी ऑपरेटरों को यह मानना होगा.
इंडिगो के 200 विमान प्रभावित
DGCA ने शनिवार को बताया कि इंडिगो की कुल 200 विमान प्रभावित होंगे. हालांकि इनमें से कोई भी फ्लाइट रद्द नहीं होगी. साथ ही DGCA ने बताया कि इंडिगो के अब तक 143 विमानों में सॉफ्टवेयर को अपडेट भी किया जा चुका है. हो चुका है.
एयरबस के अलर्ट के बाद से ही विमानों को अपडेट करने का काम जारी है. सात बेस स्टेशनों पर इंडिगो विमानों को अपडेट किया जा रहा है. इनमें दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, अहमदाबाद और कोलकाता के स्टेशन शामिल हैं.
एयर इंडिया के 113 विमान प्रभावित
इसके साथ ही DGCA ने कहा कि एयर इंडिया के कुल 113 विमान प्रभावित हुए हैं. इनमें से 104 विमान A320 NEO और 9 A320 CEO हैं. साथ ही कोई भी फ्लाइट रद्द नहीं होगी. विमानों के अपडेट को लेकर DGCA ने कहा कि 42 विमानों में सॉफ्टवेयर अपडेट पूरे हो गए हैं.
DGCA के मुताबिक, एयर इंडिया के विमान छह बेस स्टेशनों पर तेजी से अपडेट किए जा रहे हैं. यह छह बेस स्टेशन हैं - दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता और चेन्नई.
एयर इंडिया एक्सप्रेस के 25 विमान प्रभावित
एयरबस के इस अलर्ट से एयर इंडिया के कुल 25 विमान प्रभावित हुए हैं. 8 विमानों की उड़ानों में देरी हुई है. वहीं चार विमानों के सॉफ्टवेयर अपडेट का काम पूरा हो चुका है. इन विमानों का अपडेट दिल्ली, बेंगलुरु और चेन्नई बेस स्टेशनों पर किया जा रहा है.
DGCA के मुताबिक, सभी विमानों में अपडेट पूरा होना का समय 30 नवंबर 2025 की सुबह 5:29 बजे तक है. आज सुबह 10 बजे तक 189 विमानों के सॉफ्टवेयर अपडेट किए जा चुके हैं.













