देश के 629 नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट लेट, 103 ठेकेदारों पर एक्शन, संसद में सरकार ने बताया

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने संसद को बताया कि देश में निर्माणाधीन 1191 नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट में से 629 तय समय से पीछे चल रही हैं. वहीं खराब गुणवत्ता वाले काम के लिए 103 कॉन्ट्रैक्टरों पर कार्रवाई की गई है.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
देश के हाईवे पर बड़ा अपडेट
NDTV

देश में नए हाइवे और एक्सप्रेसवे बनना अब आम खबर बन चुकी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसे कितने हाइवे प्रोजेक्ट हैं, जो अभी भी पेंडिंग हैं और समय से पूरे नहीं हो पाए हैं? सरकार ने इसका जवाब दिया है. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने संसद में बताया कि देशभर में कुल 1191 नेशनल हाइवे और एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है. इसमें से 629 नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट्स अपने तय समय पर पूरे नहीं हो पाए हैं.

कितने हाइवे डेडलाइन से पीछे?

राज्यसभा में एक लिखित जवाब में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अभी 1,191 नेशनल हाइवे (NH) प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है और वे अभी तक पूरा होने के किसी भी चरण तक नहीं पहुंचे हैं. मंत्री ने कहा, 'इनमें से 629 प्रोजेक्ट्स अपने तय समय से पीछे चल रहे हैं.' उन्होंने देरी का कोई कारण नहीं बताया.

103 ठेकेदारों को किया गया ब्लैकलिस्ट

एक अलग जवाब में नितिन गडकरी ने कहा कि 2023-24 से 2025-26 के दौरान, नेशनल हाइवे बनाने के काम में खराब क्वालिटी के लिए 103 कॉन्ट्रैक्टर/कन्सेशनेयर को ब्लैकलिस्ट किया गया या उन पर जुर्माना लगाया गया.

एक अलग सवाल का जवाब देते हुए, गडकरी ने कहा कि सरकार ने सभी फोर-लेन और उससे ज्यादा लेन वाले नेशनल हाइवे और एक्सप्रेसवे (लगभग 52,647 किमी) पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लगाने के लिए एक चरणबद्ध रोडमैप अपनाया है.

Advertisement

उन्होंने कहा कि इस रोडमैप में सेंट्रलाइज्ड मॉनिटरिंग, घटना प्रबंधन, ट्रैफिक एनालिटिक्स और समन्वित प्रतिक्रिया के लिए लोकल, रीजनल और नेशनल कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाना शामिल है.

यूनिफाइड ATMS सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म लागू

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा कि नेशनल हाइवे नेटवर्क में इंटरऑपरेबिलिटी, स्केलेबिलिटी और एक जैसी सर्विस डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए, मॉनिटरिंग, एनफोर्समेंट, डेटा इंटीग्रेशन और परफॉर्मेंस मैनेजमेंट के लिए स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल के साथ एक यूनिफाइड ATMS सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म लागू किया जा रहा है.

Advertisement

6358 ब्लैक कॉरिडोर की पहचान

एक और सवाल का जवाब देते हुए, गडकरी ने कहा कि 2023-2025 की अवधि के लिए इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट (e-DAR) से मिले एक्सीडेंट डेटा के आधार पर, कुल 6358 ब्लैक कॉरिडोर की पहचान की गई है. नेशनल हाइवे के कुछ हिस्सों को ब्लैक कॉरिडोर के रूप में पहचाना गया है. ये लगातार फैले हुए हिस्से हैं जो 'ब्लैक स्पॉट' के मानदंडों को पूरा करते हैं, यानी ऐसी जगहें जहां मौत और गंभीर चोटों वाले एक्सीडेंट्स की एक निश्चित संख्या होती है.

इन ब्लैक कॉरिडोर की पहचान AI-बेस्ड टूल्स के जरिए रियल-टाइम में की गई है. एक अलग सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार ने नॉन-कमर्शियल कारों, जीपों और वैन के लिए FASTag-बेस्ड एनुअल पास शुरू किया है, जो 15 अगस्त 2025 से लागू हो गया है.

इस स्कीम के तहत, 2026-27 के लिए 3075 रुपये का पेमेंट करके एनुअल पास एक्टिवेट किया जा सकता है. यह पास एक साल या 200 बार टोल प्लाजा से गुजरने तक (इनमें से जो भी पहले हो) सभी नेशनल हाइवे/नेशनल एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा से यात्रा करने की सुविधा देता है.

गडकरी ने कहा, 'जून 2026 तक, 77 लाख से ज्यादा एनुअल पास जारी किए जा चुके हैं, जिनसे नेशनल हाइवे टोल प्लाजा पर 63 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए हैं.' उन्होंने आगे कहा कि अभी कार/जीप/वैन से होने वाले कुल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) ट्रांजेक्शन में से लगभग 33 प्रतिशत एनुअल पास ट्रांजेक्शन हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ें: UP का नया लाइफलाइन हाइवे! अलीगढ़ से पलवल 1 घंटे में, नोएडा एयरपोर्ट पहुंचना होगा आसान, एटा-बरेली तक कनेक्टविटी

Featured Video Of The Day
CJP के प्रदर्शन के बीच उत्तराखंड में हो गया पेपर लीक

Topics mentioned in this article
Nitin Gadkari
Nitin Gadkari Advice
New Highway
New Highway Rules
New Highway Route